Hebrews · chapter 5 · verse 11
Hebrews 5:11 in Hindi
इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो।
Is ke vishay mem hamem bahut see baatem kahanee haim, jin kaa samajhanaa bhee kathin hai; isaliye ki tum oonchaa sunane lage ho.
Hebrews 5:11 in English
- King James Version (KJV)
- Of whom we have many things to say, and hard to be uttered, seeing ye are dull of hearing.
- World English Bible (WEB)
- About him we have many words to say, and hard to interpret, seeing you have become dull of hearing.
- American Standard Version (ASV)
- Of whom we have many things to say, and hard of interpretation, seeing ye are become dull of hearing.
- Bible in Basic English (BBE)
- Of whom we have much to say which it is hard to make clear, because you are slow of hearing.
- Darby Translation (DBY)
- Concerning whom we have much to say, and hard to be interpreted in speaking [of it], since ye are become dull in hearing.
- Webster's Bible (WBS)
- Of whom we have many things to say, and hard to be uttered, seeing ye are dull of hearing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- concerning whom we have much discourse and of hard explanation to say, since ye have become dull of hearing,
Read in context
- 9और सिद्ध बनकर, अपने सब आज्ञा माननेवालों के लिये सदा काल के उद्धार का कारण हो गया।
- 10और उसे परमेश्वर की ओर से मलिकिसिदक की रीति पर महायाजक का पद मिला।।
- 11इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो।
- 12समय के विचार से तो तुम्हें गुरू हो जाना चाहिए था, तौभी क्या यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए? ओर ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए।
- 13क्योंकि दूध पीनेवाले बच्चे को तो धर्म के वचन की पहिचान नहीं होती, क्योंकि वह बालक है।
Cross references
- Matthew 13:15 मत्ती 13:15क्योंकि इन लोगों का मन मोटा हो गया है, और वे कानों से ऊंचा सुनते हैं और उन्हों ने अपनी आंखें मूंद लीं हैं; कहीं ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें और मन से समझें, और फिर जाएं, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- 2 Peter 3:16 2 पतरस 3:16वैसे ही उस ने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिन में कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उन के अर्थों को भी पवित्रा शास्त्रा की और बातों की नाईं खींच तानकर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं।
- Acts 28:27 प्रेरितों के काम 28:27क्योंकि इन लोगों का मन मोटा, और उन के कान भारी हो गए, और उन्हों ने अपनी आंखें बन्द की हैं, ऐसा न हो कि वे कभी आंखों से देखें, और कानों से सुनें, और मन से समझें और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- John 16:12 यूहन्ना 16:12मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते।
- Isaiah 6:10 यशायाह 6:10तू इन लोगों के मन को मोटे और उनके कानों को भारी कर, और उनकी आंखों को बन्द कर; ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें, और मन से बूझें, और मन फिरावें और चंगे हो जाएं।
- Luke 24:25 लूका 24:25तब उस ने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्दमतियों!
- Mark 8:21 मरकुस 8:21उस ने उन से कहा, क्या तुम अब तक नहीं समझते?
- John 6:6 यूहन्ना 6:6परन्तु उस ने यह बात उसे परखने के लिये कही; क्योंकि वह आप जानता था कि मैं क्या करूंगा।
- Mark 8:17–18 मरकुस 8:17–18यह जानकर यीशु ने उन से कहा; तुम क्यों आपस में विचार कर रहे हो कि हमारे पास रोटी नहीं? क्या अब तक नहीं जानते और नहीं समझते? क्या तुम्हारा मन कठोर हो गया है? क्या आंखे रखते हुए भी नहीं देखते, और कान रखते हुए भी नहीं सुनते? और तुम्हें स्मरण नहीं।