Mark · chapter 8 · verse 17
Mark 8:17 in Hindi
यह जानकर यीशु ने उन से कहा; तुम क्यों आपस में विचार कर रहे हो कि हमारे पास रोटी नहीं? क्या अब तक नहीं जानते और नहीं समझते?
Yah jaanakar yeeshu ne un se kahaa; tum kyom aapas mem vichaar kar rahe ho ki hamaare paas rotee naheem? Kyaa ab tak naheem jaanate aur naheem samajhate?
Mark 8:17 in English
- King James Version (KJV)
- And when Jesus knew [it], he saith unto them, Why reason ye, because ye have no bread? perceive ye not yet, neither understand? have ye your heart yet hardened?
- World English Bible (WEB)
- Jesus, perceiving it, said to them, “Why do you reason that it’s because you have no bread? Don’t you perceive yet or understand? Is your heart still hardened?
- American Standard Version (ASV)
- And Jesus perceiving it saith unto them, Why reason ye, because ye have no bread? do ye not yet perceive, neither understand? have ye your heart hardened?
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus, hearing it, said to them, Why are you reasoning among yourselves because you have no bread? do you still not see, and is it still not clear to you? are your hearts so hard?
- Darby Translation (DBY)
- And Jesus knowing [it], says to them, Why reason ye because ye have no bread? Do ye not yet perceive nor understand? Have ye your heart [yet] hardened?
- Webster's Bible (WBS)
- And when Jesus knew [it] , he saith to them, Why reason ye, because ye have no bread? perceive ye not yet, neither understand? have ye your heart yet hardened?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus having known, saith to them, 'Why do ye reason, because ye have no loaves? do ye not yet perceive, nor understand, yet have ye your heart hardened?
Read in context
- 15और उस ने उन्हें चिताया, कि देखो, फरीसियों के खमीर और हेरोदेस के खमीर से चौकस रहो।
- 16वे आपस में विचार करके कहने लगे, कि हमारे पास तो रोटी नहीं है।
- 17यह जानकर यीशु ने उन से कहा; तुम क्यों आपस में विचार कर रहे हो कि हमारे पास रोटी नहीं? क्या अब तक नहीं जानते और नहीं समझते?
- 18क्या तुम्हारा मन कठोर हो गया है? क्या आंखे रखते हुए भी नहीं देखते, और कान रखते हुए भी नहीं सुनते? और तुम्हें स्मरण नहीं।
- 19कि जब मैं ने पांच हजार के लिये पांच रोटी तोड़ी थीं तो तुम ने टुकड़ों की कितनी टोकरियां भरकर उठाईं? उन्हों ने उस से कहा, सात टोकरे।
Cross references
- Mark 6:52 मरकुस 6:52क्योंकि वे उन रोटियों के विषय में ने समझे थे परन्तु उन के मन कठोर हो गए थे।।
- Hebrews 5:11–12 इब्रानियों 5:11–12इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो। समय के विचार से तो तुम्हें गुरू हो जाना चाहिए था, तौभी क्या यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए? ओर ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए।
- Mark 2:8 मरकुस 2:8यीशु ने तुरन्त अपनी आत्मा में जान लिया, कि वे अपने अपने मन में ऐसा विचार कर रहे हैं, और उन से कहा, तुम अपने अपने मन में यह विचार क्यों कर रहे हो?
- Isaiah 63:17 यशायाह 63:17हे यहोवा, तू क्यों हम को अपने मार्गों से भटका देता, और हमारे मन ऐसे कठोर करता है कि हम तेरा भय नहीं मानते? अपने दास, अपने निज भाग के गोत्रों के निमित्त लौट आ।
- Mark 3:5 मरकुस 3:5और उस ने उन के मन की कठोरता से उदास होकर, उन को क्रोध से चारों ओर देखा, और उस मनुष्य से कहा, अपना हाथ बढ़ा उस ने बढ़ाया, और उसका हाथ अच्छा हो गया।
- Matthew 16:8–9 मत्ती 16:8–9यह जानकर, यीशु ने उन से कहा, हे अल्पविश्वासियों, तुम आपस में क्यों विचार करते हो कि हमारे पास रोटी नहीं? क्या तुम अब तक नहीं समझे? और उन पांच हजार की पांच रोटी स्मरण नहीं करते, और न यह कि कितनी टोकरियां उठाईं थीं?
- Matthew 15:17 मत्ती 15:17क्या नहीं समझते, कि जो कुछ मुंह में जाता, वह पेट में पड़ता है, और सण्डास में निकल जाता है?
- John 2:24–25 यूहन्ना 2:24–25परन्तु यीशु ने अपने आप को उन के भरोसे पर नहीं छोड़ा, क्योंकि वह सब को जानता था। और उसे प्रयोजन न था, कि मनुष्य के विषय में कोई गवाही दे, क्योंकि वह आप जानता था, कि मनुष्य के मन में क्या है?
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- Luke 24:25 लूका 24:25तब उस ने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्दमतियों!
- John 16:30 यूहन्ना 16:30अब हम जान गए, कि तू सब कुछ जानता है, और तुझे प्रयोजन नहीं, कि कोई तुझ से पूछे, इस से हम प्रतीति करते हैं, कि तू परमेश्वर से निकला है।
- John 21:17 यूहन्ना 21:17उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।