Isaiah · chapter 30 · verse 23
Isaiah 30:23 in Hindi
और वह तुम्हारे लिये जल बरसाएगा कि तुम खेत में बीज बो सको, और भूमि की उपज भी उत्तम और बहुतायत से होगी। उस समय तुम्हारे जानवरों को लम्बी- चौड़ी चराई मिलेगी।
Aur vah tumhaare liye jal barasaaegaa ki tum khet mem beej bo sako, aur bhoomi kee upaj bhee uttam aur bahutaayat se hogee. Us samay tumhaare jaanavarom ko lambee- chaudee charaaee milegee.
Isaiah 30:23 in English
- King James Version (KJV)
- Then shall he give the rain of thy seed, that thou shalt sow the ground withal; and bread of the increase of the earth, and it shall be fat and plenteous: in that day shall thy cattle feed in large pastures.
- World English Bible (WEB)
- He will give the rain for your seed, with which you will sow the ground; and bread of the increase of the ground will be rich and plentiful. In that day, your livestock will feed in large pastures.
- American Standard Version (ASV)
- And he will give the rain for thy seed, wherewith thou shalt sow the ground; and bread of the increase of the ground, and it shall be fat and plenteous. In that day shall thy cattle feed in large pastures;
- Bible in Basic English (BBE)
- And he will give rain for your seed, so that you may put it in the earth; and you will have bread from the produce of the earth, good and more than enough for your needs: in that day the cattle will get their food in wide grass-lands.
- Darby Translation (DBY)
- And he will give the rain of thy seed with which thou shalt sow the ground; and bread, the produce of the ground, and it shall be fat and rich. In that day shall thy cattle feed in large pastures;
- Webster's Bible (WBS)
- Then shall he give the rain of thy seed, with which thou shalt sow the ground; and bread of the increase of the earth, and it shall be fat and plenteous: in that day shall thy cattle feed in large pastures.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He hath given rain [for] thy seed, With which thou dost sow the ground, And bread, the increase of the ground, And it hath been fat and plenteous, Enjoy do thy cattle in that day an enlarged pasture.
Read in context
- 21और जब कभी तुम दहिनी वा बाई ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो।
- 22तब तुम वह चान्दी जिस से तुम्हारी खुदी हुई मूत्तियां मढ़ी हैं, और वह सोना जिस से तुम्हारी ढली हुई मूत्तियां आभूषित हैं, अशुद्ध करोगे। तुम उनको मैले कुचैले वस्त्रा की नाईं फेंक दोगे और कहोगे, दूर हो।
- 23और वह तुम्हारे लिये जल बरसाएगा कि तुम खेत में बीज बो सको, और भूमि की उपज भी उत्तम और बहुतायत से होगी। उस समय तुम्हारे जानवरों को लम्बी- चौड़ी चराई मिलेगी।
- 24और बैल और गदहे जो तुम्हारी खेती के काम में आएंगे, वे सूप और डलिया से फटका हुआ स्वादिष्ट चारा खाएंगे।
- 25और उस महासंहार के समय जब गुम्मट गिर पड़ेंगे, सब ऊंचे ऊंचे पहाड़ों और पहाड़ियों पर नालियां और सोते पाए जाएंगे।
Cross references
- Zechariah 8:11–12 जकर्याह 8:11–12परन्तु अब मैं इस प्रजा के बचे हुओं से ऐसा बर्ताव न करूंगा जैसा कि अगले दिनों में करता था, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है। क्योंकि अब शान्ति के समय की उपज अर्थात् दाखलता फला करेंगी, पृथ्वी अपनी उपज उपजाया करेगी, और आकाश से ओस गिरा करेगी; क्योंकि मैं अपनी इस प्रजा के बचे हुओं को इन सब का अधिकारी कर दूंगा।
- Isaiah 32:20 यशायाह 32:20क्या ही धन्य हो तुम जो सब जलाशयों के पास बीच बोते, और बैलों और गदहों को स्वतन्त्राता से चराते हो।।
- Psalm 65:9–13 भजन संहिता 65:9–13तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता हैं, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नहर जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है। तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है। अपनी भलाई से भरे हुए वर्ष पर तू ने मानो मुकुट धर दिया है; तेरे मार्गों में उत्तम उत्तम पदार्थ पाए जाते हैं। वे जंगल की चराइयों में पाए जाते हैं; और पहाड़ियां हर्ष का फेंटा बान्धे हुए है।। चराइयां भेड़- बकरियों से भरी हुई हैं; और तराइयां अन्न से ढंपी हुई हैं, वे जयजयकार करतीं और गाती भी हैं।।
- Isaiah 58:11 यशायाह 58:11और यहोवा तुझे लगातार लिए चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हडि्डयों को हरी भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता।
- Zechariah 10:1 जकर्याह 10:1बरसात के अन्त में यहोवा से वर्षा मांगो, यहोवा से जो बिजली चमकाता है, और वह उनको वर्षा देगा और हर एक के खेत में हरियाली उपजाएगा।
- Psalm 36:8 भजन संहिता 36:8वे तेरे भवन के चिकने भोजन से तृप्त होंगे, और तू अपनी सुख की नदी में से उन्हें पिलाएगा।
- Genesis 41:18 उत्पत्ति 41:18फिर, क्या देखा, कि नदी में से सात मोटी और सुन्दर सुन्दर गायें निकलकर कछार की घास चरने लगी।
- Psalm 144:12–14 भजन संहिता 144:12–14जब हमारे बेटे जवानी के समय पौधों की नाईं बढ़े हुए हों, और हमारी बेटियां उन कोनेवाले पत्थरों के समान हों, जो मन्दिर के पत्थरों की नाईं बनाए जाएं; जब हमारे खत्ते भरे रहें, और उन में भांति भांति का अन्न धरा जाए, और हमारी भेड़- बकरियों हमारे मैदानों में हजारों हजार बच्चे जनें; जब हमारे बैल खूब लदे हुए हों; जब हमें न विध्न हो और न हमारा कहीं जाना हो, और न हमारे चौकों में रोना- पीटना हो,
- Malachi 3:10 मलाकी 3:10सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं।
- Psalm 104:13–14 भजन संहिता 104:13–14तू अपनी अटारियों में से पहाड़ों को सींचता है तेरे कामों के फल से पृथ्वी तृप्त रहती है।। तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्नादि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन- वस्तुएं उत्पन्न करता है,
- Joel 2:21–26 योएल 2:21–26हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं! हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लेगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी। हे सिरयोनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात् बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।। तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रासकुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे। और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिडि्डयों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिडि्डयों ने, अर्थात् मेरे बड़े दल ने जिसको मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।। तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिस ने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।
- 1 Timothy 4:8 1 तीमुथियुस 4:8क्योंकि देह ही साधना से कम लाभ होता है, पर भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है, क्योंकि इस समय के और आनेवाले जीवन की भी प्रतिज्ञा इसी के लिये है।
Original words (Hebrew)
- give · H5414נָתַן nâthan
- rain · H4306מָטַר mâṭar
- seed · H2233זֶרַע zeraʻ
- sow · H2232זָרַע zâraʻ
- ground · H127אֲדָמָה ʼădâmâh
- bread · H3899לֶחֶם lechem
- increase · H8393תְּבוּאָה tᵉbûwʼâh
- earth · H127אֲדָמָה ʼădâmâh
- fat · H1879דָּשֵׁן dâshên
- plenteous · H8082שָׁמֵן shâmên
- day · H3117יוֹם yôwm
- cattle · H4735מִקְנֶה miqneh
- feed · H7462רָעָה râʻâh
- large · H7337רָחַב râchab
- pastures · H3733כַּר kar