Isaiah · chapter 32 · verse 12
Isaiah 32:12 in Hindi
वे मनभाऊ खेतों और फलवन्त दाखलताओं के लिये छाती पीटेंगी।
Ve manabhaaoo khetom aur phalavant daakhalataaom ke liye chhaatee peetengee.
Isaiah 32:12 in English
- King James Version (KJV)
- They shall lament for the teats, for the pleasant fields, for the fruitful vine.
- World English Bible (WEB)
- Beat your breasts for the pleasant fields, for the fruitful vine.
- American Standard Version (ASV)
- They shall smite upon the breasts for the pleasant fields, for the fruitful vine.
- Bible in Basic English (BBE)
- Have sorrow for the fields, the pleasing fields, the fertile vine;
- Darby Translation (DBY)
- They shall smite on the breasts [in lamentation] for the pleasant fields, for the fruitful vineyards.
- Webster's Bible (WBS)
- They shall lament for the breasts, for the pleasant fields, for the fruitful vine.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For breasts they are lamenting, For fields of desire, for the fruitful vine.
Read in context
- 10हे निश्चिन्त स्त्रियों, वर्ष भर से कुछ ही अधिक समय में तुम विकल हो जाओगी; क्योंकि तोड़ने को दाखें न होंगी और न किसी भांति के फल हाथ लगेंगे।
- 11हे सुखी स्त्रियों, थरथराओ, हे निश्चिन्त स्त्रियों, विकल हो; अपने अपने वस्त्रा उतारकर अपनी अपनी कमर में टाट कसो।
- 12वे मनभाऊ खेतों और फलवन्त दाखलताओं के लिये छाती पीटेंगी।
- 13मेरे लागों के वरन प्रसन्न नगर के सब हर्ष भरे घरों में भी भांति भांति के कटीले पेड़ उपजेंगे।
- 14क्योंकि राजभवन त्यागा जाएगा, कोलाहल से भरा नगर सुनसान हो जाएगा और पहाड़ी और उन पर के पहरूओं के घर सदा के लिये मांदे और जंगली गदहों को विहारस्थान और घरैलू पशुओं की चराई उस समय तक बने रहेंगे
Cross references
- Nahum 2:7 नहूम 2:7हुसेब नंगी करके बंधुवाई में ले ली जाएगी, और उसकी दासियां छाती पीटती हुई पिण्डुकों की नाईं विलाप करेंगी।
- Ezekiel 20:15 यहेजकेल 20:15फिर मैं ने जंगल में उन से शपथ खाई कि जो देश मैं ने उनको दे दिया, और जो सब देशों का शिरोमणि है, जिस में दूध और मधु की धराएं बहती हैं, उस में उन्हें न पहुंचाऊंगा,
- Deuteronomy 8:7–8 व्यवस्थाविवरण 8:7–8क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है। फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनरों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है।
- Deuteronomy 11:11–12 व्यवस्थाविवरण 11:11–12परन्तु जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो वह पहाड़ों और तराईयों का देश है, और आकाश की वर्षा के जल से सिंचता है; वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से लेकर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।।
- Ezekiel 20:6 यहेजकेल 20:6उसी दिन मैं ने उन से यह भी शपथ खाई, कि मैं तुम को मिस्र देश से निकालकर एक देश में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने तुम्हारे लिये चुन लिया है; वह सब देशों का शिरोमणि है, और उस में दूध और मधु की धराएं बहती हैं।
- Lamentations 2:11 विलापगीत 2:11मेरी आंखें आंसू बहाते बहाते रह गई हैं; मेरी अन्तड़ियां एेंठी जाती हैं; मेरे लोगों की पुत्री के विनाश के कारण मेरा कलेजा फट गया है, क्योंकि बच्चे वरन दूधपिउवे बच्चे भी नगर के चौकों मे मूर्च्छित होते हैं।
- Lamentations 4:3–4 विलापगीत 4:3–4गीदड़िन भी अपने बच्चों को थन से लगाकर पिलाती है, परन्तु मेरे लोगों की बेटी वन के शुतुर्मुग के तुल्य निर्दयी हो गई है। दूधपीउवे बच्चों की जीभ प्यास के मारे तालू में चिपट गई है; बालबच्चे रोटी मांगने हैं, परन्तु कोई उनको नहीं देता।