Isaiah · chapter 8 · verse 14
Isaiah 8:14 in Hindi
और वह शरणस्थान होगा, परन्तु इस्राएल के दोनो घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फन्दा और जाल होगा।
Aur vah sharanasthaan hogaa, parantu israael ke dono gharaanom ke liye thokar kaa patthar aur thes kee chattaan, aur yarooshalem ke nivaasiyom ke liye phandaa aur jaal hogaa.
Isaiah 8:14 in English
- King James Version (KJV)
- And he shall be for a sanctuary; but for a stone of stumbling and for a rock of offence to both the houses of Israel, for a gin and for a snare to the inhabitants of Jerusalem.
- World English Bible (WEB)
- He will be a sanctuary, but for both houses of Israel, he will be a stumbling stone and a rock that makes them fall. For the people of Jerusalem, he will be a trap and a snare.
- American Standard Version (ASV)
- And he shall be for a sanctuary; but for a stone of stumbling and for a rock of offence to both the houses of Israel, for a gin and for a snare to the inhabitants of Jerusalem.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he will be for a holy place: but for a stone of falling and a rock of trouble to the two houses of Israel, and to the men of Jerusalem, for a net in which they may be taken.
- Darby Translation (DBY)
- And he will be for a sanctuary; and for a stone of stumbling, and for a rock of offence to both the houses of Israel, for a gin and for a snare to the inhabitants of Jerusalem.
- Webster's Bible (WBS)
- And he will be for a sanctuary; but for a stone of stumbling and for a rock of offense to both the houses of Israel, for a trap and for a snare to the inhabitants of Jerusalem.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He hath been for a sanctuary, And for a stone of stumbling, and for a rock of falling, To the two houses of Israel, For a gin and for a snare to the inhabitants of Jerusalem.
Read in context
- 12और कहा, जिस बात को यह लोग राजद्रोह कहें, उसको तुम राजद्रोह न कहना, और जिस बात से वे डरते हैं उस से तुम न डरना और न भय खाना।
- 13सेनाओं के यहोवा ही को पवित्रा जानना; उसी का डर मानना, और उसी का भय रखना।
- 14और वह शरणस्थान होगा, परन्तु इस्राएल के दोनो घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फन्दा और जाल होगा।
- 15और बहुत से लोग ठोकर खाएंगे; वे गिरेंगे और चकनाचूर होंगे; वे फन्दे में फसेंगे और पकड़े जाएंगे।
- 16चितौनी का पत्रा बन्द कर दो, मेरे चेलों के बीच शिक्षा पर छाप लगा दो।
Cross references
- 1 Peter 2:8 1 पतरस 2:8और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मानकर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
- Romans 9:32–33 रोमियों 9:32–33किस लिये? इसलिये कि वे विश्वास से नहीं, परन्तु मानों कर्मों से उस की खोज करते थे: उन्हों ने उस ठोकर के पत्थर पर ठोकर खाई। जैसा लिखा है; देखो मैं सिरयोन में एक ठेस लगने का पत्थर, और ठोकर खाने की चटान रखता हूं; और जो उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा।।
- Isaiah 28:16 यशायाह 28:16इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं ने सिरयोन में नेव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नेव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा।
- Luke 2:34 लूका 2:34तब शमौन ने उन को आशीष देकर, उस की माता मरियम से कहा; देख, वह तो इस्राएल में बहुतों के गिरने, और उठने के लिये, और एक ऐसा चिन्ह होने के लिये ठहराया गया है, जिस के विरोध में बातें की जाएगीं --
- Ezekiel 11:16 यहेजकेल 11:16परन्तु तू उन से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है कि मैं ने तुम को दूर दूर की जातियों में बसाया और देश देश में तितर- बितर कर दिया तो है, तौभी जिन देशों में तुम आए हुए हो, उन में मैं स्वयं तुम्हारे लिये थोड़े दिन तक पवित्रास्थान ठहरूंगा।
- Psalm 46:1–2 भजन संहिता 46:1–2परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक। इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
- Psalm 11:6 भजन संहिता 11:6वह दुष्टों पर फन्दे बरसाएगा; आग और गन्धक और प्रचण्ड लूह उनके कटोरों में बांट दी जाएंगी।
- Proverbs 18:10 नीतिवचन 18:10यहोवा का नाम दृढ़ कोट है; धर्मी उस में भागकर सब दुर्घटनाओं से बचता है।
- Psalm 69:22 भजन संहिता 69:22उनको भोजन उनके लिये फन्दा हो जाए; और उनके सुख के समय जाल बन जाए।
- Isaiah 24:17–18 यशायाह 24:17–18हे पृथ्वी के रहनेवालों तुम्हारे लिये भय और गड़हा और फन्दा है! जो कोई भय के शब्द से भागे वह गड़हे में गिरेगा, और जो कोई गड़हे में से निकले वह फन्दे में फंसेगा। क्योंकि आकाश के झरोखे खुल जाएंगे, और पृथ्वी की नेव डोल उठेगी। पृथ्वी अत्यन्त कम्पायमान होगी।
- Isaiah 26:20 यशायाह 26:20हे मेरे लोगों, आओ, अपनी अपनी कोठरी में प्रवेश करके किवाड़ों को बन्द करो; थोड़ी देर तक जब तक क्रोध शान्त न हो तब तक अपने को छिपा रखो।
- Matthew 13:57 मत्ती 13:57सो उन्हों ने उसके कारण ठोकर खाई, पर यीशु ने उन से कहा, भविष्यद्वक्ता अपने देश और अपने घर को छोड़ और कहीं निरादर नहीं होता।
Original words (Hebrew)
- sanctuary · H4720מִקְדָּשׁ miqdâsh
- stone · H68אֶבֶן ʼeben
- stumbling · H5063נֶגֶף negeph
- rock · H6697צוּר tsûwr
- offence · H4383מִכְשׁוֹל mikshôwl
- both · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- houses · H1004בַּיִת bayith
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- gin · H6341פַּח pach
- snare · H4170מוֹקֵשׁ môwqêsh
- inhabitants · H3427יָשַׁב yâshab
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim