Isaiah · chapter 40 · verse 26
Isaiah 40:26 in Hindi
अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखो, किस ने इनको सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले लेकर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता।।
Apanee aankhem oopar uthaakar dekho, kis ne inako sirajaa? Vah in ganom ko gin ginakar nikaalataa, un sab ko naam le lekar bulaataa hai? Vah aisaa saamarthee aur atyant balee hai ki un mem ke koee binaa aae naheem rahataa..
Isaiah 40:26 in English
- King James Version (KJV)
- Lift up your eyes on high, and behold who hath created these [things], that bringeth out their host by number: he calleth them all by names by the greatness of his might, for that [he is] strong in power; not one faileth.
- World English Bible (WEB)
- Lift up your eyes on high, and see who has created these, who brings out their army by number. He calls them all by name. By the greatness of his might, and because he is strong in power, not one is lacking.
- American Standard Version (ASV)
- Lift up your eyes on high, and see who hath created these, that bringeth out their host by number; he calleth them all by name; by the greatness of his might, and for that he is strong in power, not one is lacking.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let your eyes be lifted up on high, and see: who has made these? He who sends out their numbered army: who has knowledge of all their names: by whose great strength, because he is strong in power, all of them are in their places.
- Darby Translation (DBY)
- Lift up your eyes on high, and see! Who hath created these things, bringing out their host by number? He calleth them all by name; through the greatness of his might and strength of power, not one faileth.
- Webster's Bible (WBS)
- Lift up your eyes on high, and behold who hath created these [things] , that bringeth out their host by number: he calleth them all by names, by the greatness of his might, for that [he] is strong in power; not one faileth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lift up on high your eyes, And see — who hath prepared these? He who is bringing out by number their host, To all of them by name He calleth, By abundance of strength (And [he is] strong in power) not one is lacking.
Read in context
- 24वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाई उड़ा ले जाती है।।
- 25सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्रा का यही वचन है।
- 26अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखो, किस ने इनको सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले लेकर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता।।
- 27हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा के छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता?
- 28क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है।
Cross references
- Colossians 1:16–17 कुलुस्सियों 1:16–17क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
- Jeremiah 32:17–19 यिर्मयाह 32:17–19हे प्रभु यहोवा, तू ने बड़े सामर्थ और बढ़ाई हुई भुजा से आकाश और पृथ्वी को बनाया है! तेरे लिये कोई काम कठिन नहीं है। तू हजारों पर करुणा करता रहता परन्तु पूर्वजों के अधर्म का बदला उनके बाद उनके वंष के लोगों को भी देता है, हे महान और पराक्रमी परमेश्वर, जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, तू बड़ी युक्ति करने वाला और सामर्थ के काम करने वाला है; तेरी दृष्टि मनुष्यों के सारे चालचलन पर लगी रहती है, और तू हर एक को उसके चालचलन और कर्म का फल भुगताता है।
- Isaiah 48:13 यशायाह 48:13निश्चय मेरे ही हाथ ने पृथ्वी की नेव डाली, और मेरे ही दहिने हाथ ने आकाश फैलाया; जब मैं उनको बुलाता हूं, वे एक साथ उपस्थित हो जाते हैं।।
- Isaiah 51:6 यशायाह 51:6आकाश की ओर अपनी आंखें उठाओ, और पृथ्वी को निहारो; क्योंकि आकाश धुंए ही नाई लोप हो जाएगा, पृथ्वी कपड़े के समान पुरानी हो जाएगी, और उसके रहनेवाले यों ही जाते रहेंगे; परन्तु जो उद्धार मैं करूंगा वह सर्वदा ठहरेगा, और मेरे धर्म का अन्त न होगा।।
- Psalm 147:4–5 भजन संहिता 147:4–5वह तारों को गिनता, और उन में से एक एक का नाम रखता है। हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है; उसकी बुद्धि अपरम्पार है।
- Isaiah 44:24 यशायाह 44:24यहोवा, तेरा उद्धारकर्त्ता, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया है, यों कहता है, मैं यहोवा ही सब का बनानेवाला हूं जिस ने अकेले ही आकाश को ताना और पृथ्वी को अपनी ही शक्ति से फैलाया है।
- Psalm 89:11–13 भजन संहिता 89:11–13आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है; जगत और जो कुछ उस में है, उसे तू ही ने स्थिर किया है। उत्तर और दक्खिन को तू ही ने सिरजा; ताबोर और हेर्मोन तेरे नाम का जयजयकार करते हैं। तेरी भुजा बलवन्त है; तेरा हाथ शक्तिमान और तेरा दहिना हाथ प्रबल है।
- Isaiah 45:7 यशायाह 45:7मैं उजियाले का बनानेवाला और अन्धियारे का सृजनहार हूं, मैं शान्ति का दाता और विपत्ति को रचता हूं, मैं यहोवा ही इन सभों का कर्त्ता हूं।
- Isaiah 42:5 यशायाह 42:5ईश्वर जो आकाश का सृजने और ताननेवाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलानेवाला और उस पर के लोगों को सांस और उस पर के चलनेवालों को आत्मा देनेवाला यहावेा है, वह यों कहता है:
- Psalm 148:3–6 भजन संहिता 148:3–6हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो! हे सब से ऊंचे आकाश, और हे आकाश के ऊपरवाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो। वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए। और उस ने उनको सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।।
- Psalm 19:1 भजन संहिता 19:1आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
- Deuteronomy 4:19 व्यवस्थाविवरण 4:19वा जब तुम आकाश की ओर आंखे उठाकर, सूर्य, चंद्रमा, और तारों को, अर्थात् आकाश का सारा तारागण देखो, तब बहककर उन्हें दण्डवत् करके उनकी सेवा करने लगो जिनको तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने धरती पर के सब देशवालों के लिये रखा है।
Original words (Hebrew)
- up · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- eyes · H5869עַיִן ʻayin
- high · H4791מָרוֹם mârôwm
- behold · H7200רָאָה râʼâh
- created · H1254בָּרָא bârâʼ
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- host · H6635צָבָא tsâbâʼ
- number · H4557מִסְפָּר miçpâr
- calleth · H7121קָרָא qârâʼ
- names · H8034שֵׁם shêm
- greatness · H7230רֹב rôb
- might · H202אוֹן ʼôwn
- strong · H533אַמִּיץ ʼammîyts
- power · H3581כֹּחַ kôach
- one · H376אִישׁ ʼîysh
- faileth · H5737עֲדַר ʻădar