Psalms · chapter 19 · verse 1
Psalm 19:1 in Hindi
आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
Aakaash eeshvar kee mahimaa varnan kar rahaa hai; aur aakashamandal usakee hastakalaa ko pragat kar rahaa hai.
Psalm 19:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, A Psalm of David. The heavens declare the glory of God; and the firmament sheweth his handywork.
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. A Psalm by David. The heavens declare the glory of God. The expanse shows his handiwork.
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician. A Psalm of David. The heavens declare the glory of God; And the firmament showeth his handiwork.
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker. A Psalm. Of David. The heavens are sounding the glory of God; the arch of the sky makes clear the work of his hands.
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. A Psalm of David. The heavens declare the glory of God; and the expanse sheweth the work of his hands.
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, A Psalm of David. The heavens declare the glory of God; and the firmament showeth the work of his hands.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer. — A Psalm of David. The heavens [are] recounting the honour of God, And the work of His hands The expanse [is] declaring.
Read in context
- 1आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
- 2दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।
- 3न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।
Cross references
- Psalm 8:3 भजन संहिता 8:3जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
- Romans 1:19–20 रोमियों 1:19–20इसलिये कि परमशॆवर के विषय में ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है। क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात् उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरूत्तर हैं।
- Psalm 50:6 भजन संहिता 50:6और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है।।
- Psalm 148:3–4 भजन संहिता 148:3–4हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो! हे सब से ऊंचे आकाश, और हे आकाश के ऊपरवाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो।
- Psalm 33:6 भजन संहिता 33:6आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुंह ही श्वास से बने।
- Genesis 1:14–15 उत्पत्ति 1:14–15फिर परमेश्वर ने कहा, दिन को रात से अलग करने के लिये आकाश के अन्तर में ज्योतियां हों; और वे चिन्हों, और नियत समयों, और दिनों, और वर्षों के कारण हों। और वे ज्योतियां आकाश के अन्तर में पृथ्वी पर प्रकाश देनेवाली भी ठहरें; और वैसा ही हो गया।
- Psalm 150:1–2 भजन संहिता 150:1–2याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रास्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो! उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो!
- Jeremiah 10:11–12 यिर्मयाह 10:11–12तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे। उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- Daniel 12:3 दानिय्येल 12:3तब सिखानेवालों की चमक आकाशमण्डल की सी होगी, और जो बहुतों को धर्मी बनाते हैं, वे सर्वदा की नाईं प्रकाशमान रहेंगे।
- Psalm 115:16 भजन संहिता 115:16स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उस ने मनुष्यों को दी है।
- Isaiah 40:22–26 यशायाह 40:22–26यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहनेवाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है; जो बड़े बड़े हाकिमों को तुच्छ कर देता है, और पृथ्वी के अधिकारियों को शून्य के समान कर देता है।। वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाई उड़ा ले जाती है।। सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्रा का यही वचन है। अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखो, किस ने इनको सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले लेकर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता।।
- Genesis 1:6–8 उत्पत्ति 1:6–8फिर परमेश्वर ने कहा, जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए। तब परमेश्वर ने एक अन्तर करके उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग अलग किया; और वैसा ही हो गया। और परमेश्वर ने उस अन्तर को आकाश कहा। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार दूसरा दिन हो गया।।