Isaiah · chapter 42 · verse 21
Isaiah 42:21 in Hindi
यहोवा को अपनी धार्मिकता के निमित्त ही यह भाया है कि व्यवस्था की बड़ाई अधिक करे।
Yahovaa ko apanee dhaarmikataa ke nimitt hee yah bhaayaa hai ki vyavasthaa kee badaaee adhik kare.
Isaiah 42:21 in English
- King James Version (KJV)
- The LORD is well pleased for his righteousness’ sake; he will magnify the law, and make [it] honourable.
- World English Bible (WEB)
- It pleased the LORD, for his righteousness’ sake, to magnify the law and make it honorable.
- American Standard Version (ASV)
- It pleased Jehovah, for his righteousness’ sake, to magnify the law, and make it honorable.
- Bible in Basic English (BBE)
- It was the Lord's pleasure, because of his righteousness, to make the teaching great and give it honour.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah had delight [in him] for his righteousness' sake: he hath magnified the law, and made it honourable.
- Webster's Bible (WBS)
- The LORD is well pleased for his righteousness' sake; he will magnify the law, and make [it] honorable.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jehovah hath delight for the sake of His righteousness, He magnifieth law, and maketh honourable.
Read in context
- 19मेरे दास के सियाव कौन अन्धा है? और मेरे भेजे हुए दूत के तुल्य कौन बहिरा है? मेरे मित्रा के समान कौन अन्धा या यहोवा के दास के तुल्य अन्धा कौन है?
- 20तू बहुत सी बातों पर दृष्टि करता है परन्तु उन्हें देखता नहीं है; कान तो खुले हैं परन्तु सुनता नहीं है।।
- 21यहोवा को अपनी धार्मिकता के निमित्त ही यह भाया है कि व्यवस्था की बड़ाई अधिक करे।
- 22परन्तु ये लोग लुट गए हैं, ये सब के सब गड़हियों में फंसे हुए और कालकोठरियों में बन्द किए हुए हैं; ये पकड़े गए और कोई इन्हें नहीं छुड़ाता; ये लुट गए और कोई आज्ञा नहीं देता कि फेर दो।
- 23तुम में से कौन इस पर कान लगाएगा? कौन ध्यान धरके होनहार के लिये सुनेगा?
Cross references
- Hebrews 8:10 इब्रानियों 8:10फिर प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्त्राएल के घराने के साथ बान्धूंगा, वह यह है, कि मैं अपनी व्यवस्था को उन के मनों में डालूंगा, और उसे उन के हृदय पर लिखूंगा, और मैं उन का परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरे लोग ठहरेंगे।
- Romans 3:31 रोमियों 3:31तो क्या हम व्यवस्था को विश्वास के द्वारा व्यर्थ ठहराते हैं? कदापि नहीं; बरन व्यवस्था को स्थिर करते हैं।।
- Romans 7:12 रोमियों 7:12इसलिये व्यवस्था पवित्रा है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है।
- Matthew 5:17–20 मत्ती 5:17–20यह न समझो, कि मैं व्यवस्था या भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों को लोप करने आया हूं। लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूं, क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जाएं, तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या बिन्दु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा। इसलिये जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सब से छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उन का पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा। क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि यदि तुम्हारी धार्मिकता शास्त्रियों और फरीसियों की धार्मिकता से बढ़कर न हो, तो तुम स्वर्ग के राज्य में कभी प्रवेश करने न पाओगे।।
- Isaiah 1:24–27 यशायाह 1:24–27इस कारण प्रभु सेनाओं के यहोवा, इस्राएल के शक्तिमान की यह वाणी है: सुनो, मैं अपने शत्रुओं को दूर करके शान्ति पाऊंगा, और अपने बैरियों से पलटा लूंगा। और मैं तुम पर हाथ बढ़ाकर तुम्हारा धातु का मैल पूरी रीति से दूर करूंगा। और मैं तुम में पहिले की नाईं न्यायी और आदि काल के समान मंत्री फिर नियुक्त करूंगा। उसके बाद तू धम्रपुरी और सती नगरी कहलाएगी।। सिरयोन न्याय के द्वारा, और जो उस में फिरेंगे वे धर्म के द्वारा छुड़ा लिए जाएंगे।
- Psalm 71:19 भजन संहिता 71:19और हे परमेश्वर, तेरा धर्म अति महान है।। तू जिस ने महाकार्य किए हैं, हे परमेवर तेरे तुल्य कौन है?
- Isaiah 42:4 यशायाह 42:4वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।।
- Isaiah 46:12–13 यशायाह 46:12–13हे कठोर मनवालो तुम जो धर्म से दूर हो, कान लगाकर मेरी सुनो। मैं अपनी धार्मिकता को समीप ले आने पर हूं वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा; मैं सिरयोन का उद्धार करूंगा और इस्राएल को महिमा दूंगा।।
- Matthew 3:15 मत्ती 3:15यीशु ने उस को यह उत्तर दिया, कि अब तो ऐसा ही होने दे, क्योंकि हमें इसी रीति से सब धार्मिकता को पूरा करना उचित है, तब उस ने उस की बात मान ली।
- Psalm 40:8 भजन संहिता 40:8हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।।
- Romans 3:25–26 रोमियों 3:25–26उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धार्मिकता प्रगट करे। बरन इसी समय उस की धार्मिकता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहरानेवाला हो।
- Psalm 85:9–12 भजन संहिता 85:9–12निश्चय उसके डरवैयों के उठ्ठार का समय निकट है, तब हमारे देश में महिमा का निवास होगा।। करूणा और सच्चाई आपस में मिल गई हैं; धर्म और मेल ने आपस में चुम्बन किया हैं। पृथ्वी में से सच्चाई उगती और स्वर्ग से धर्म झुकता है। फिर यहोवा उत्तम पदार्थ देगा, और हमारी भूमि अपनी उपज देगी।