Psalms · chapter 36 · verse 5
Psalm 36:5 in Hindi
हे यहोवा तेरी करूणा स्वर्ग में है, तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंची है।
He yahovaa teree karoonaa svarg mem hai, teree sachchaaee aakaashamandal tak pahunchee hai.
Psalm 36:5 in English
- King James Version (KJV)
- Thy mercy, O LORD, [is] in the heavens; [and] thy faithfulness [reacheth] unto the clouds.
- World English Bible (WEB)
- Your loving kindness, LORD, is in the heavens. Your faithfulness reaches to the skies.
- American Standard Version (ASV)
- Thy lovingkindness, O Jehovah, is in the heavens; Thy faithfulness [reacheth] unto the skies.
- Bible in Basic English (BBE)
- Your mercy, O Lord, is in the heavens, and your strong purpose is as high as the clouds.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah, thy loving-kindness is in the heavens, and thy faithfulness [reacheth] unto the clouds.
- Webster's Bible (WBS)
- Thy mercy, O LORD, [is] in the heavens; [and] thy faithfulness [reacheth] to the clouds.
- Young's Literal Translation (YLT)
- O Jehovah, in the heavens [is] Thy kindness, Thy faithfulness [is] unto the clouds.
Read in context
- 3उसकी बातें अनर्थ और छल की हैं; उस ने बुद्धि और भलाई के काम करने से हाथ उठाया है।
- 4वह अपने बिछौने पर पड़े पड़े अनर्थ की कल्पना करता है; वह अपने कुमार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; बुराई से वह हाथ नहीं उठाता।।
- 5हे यहोवा तेरी करूणा स्वर्ग में है, तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंची है।
- 6तेरा धर्म ऊंचे पर्वतों के समान है, तेरे नियम अथाह सागर ठहरे हैं; हे यहोवा तू मनुष्य और पशु दोनों की रक्षा करता है।।
- 7हे परमेश्वर तेरी करूणा, कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं।
Cross references
- Psalm 100:5 भजन संहिता 100:5क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।।
- Psalm 108:4 भजन संहिता 108:4क्योंकि तेरी करूणा आकाश से भी ऊंची है, और तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक है।।
- Psalm 103:11 भजन संहिता 103:11जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
- Psalm 57:10 भजन संहिता 57:10क्योंकि तेरी करूणा स्वर्ग तक बड़ी है, और तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंचती है।।
- Hebrews 6:18–20 इब्रानियों 6:18–20ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है। जहां यीशु मलिकिसिदक की रीति पर सदा काल का महायाजक बनकर, हमारे लिये अगुआ की रीति पर प्रवेश हुआ है।।
- Psalm 89:2 भजन संहिता 89:2क्योंकि मैं ने कहा है, तेरी करूणा सदा बनी रहेगी, तू स्वर्ग में अपनी सच्चाई को स्थिर रखेगा।
- Matthew 24:35 मत्ती 24:35आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी।
- Psalm 92:2 भजन संहिता 92:2प्रात:काल को तेरी करूणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना,
- Isaiah 55:7–9 यशायाह 55:7–9दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा। क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
- Psalm 52:1 भजन संहिता 52:1हे वीर, तू बुराई करने पर क्यों घमण्ड करता है? ईश्वर की करूणा तो अनन्त है।