Isaiah · chapter 57 · verse 19
Isaiah 57:19 in Hindi
मैं मुंह के फल का सृजनहार हूं; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूंगा।
Maim munh ke phal kaa srujanahaar hoom; yahovaa ne kahaa hai, jo door aur jo nikat haim, donom ko pooree shaanti mile; aur maim usako changaa karoongaa.
Isaiah 57:19 in English
- King James Version (KJV)
- I create the fruit of the lips; Peace, peace to [him that is] far off, and to [him that is] near, saith the LORD; and I will heal him.
- World English Bible (WEB)
- I create the fruit of the lips: Peace, peace, to him who is far off and to him who is near,” says the LORD; “and I will heal them.”
- American Standard Version (ASV)
- I create the fruit of the lips: Peace, peace, to him that is far off and to him that is near, saith Jehovah; and I will heal him.
- Bible in Basic English (BBE)
- I will give the fruit of the lips: Peace, peace, to him who is near and to him who is far off, says the Lord; and I will make him well.
- Darby Translation (DBY)
- I create the fruit of the lips: peace, peace to him [that is] afar off, and to him [that is] nigh, saith Jehovah; and I will heal him.
- Webster's Bible (WBS)
- I create the fruit of the lips; Peace, peace to [him that is] far off, and to [him that is] near, saith the LORD; and I will heal him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Producing the fruit of the lips, 'Peace, peace,' to the far off, and to the near, And I have healed him, said Jehovah.
Read in context
- 17उसके लोभ के पाप के कारण मैं ने क्रोधित होकर उसको दु:ख दिया था, और क्रोध के मारे उस से मुंह छिपाया था; परन्तु वह अपने मनमाने मार्ग में दूर भटकता चला गया था।
- 18मैं उसकी चाल देखता आया हूं, तौभी अब उसको चंगा करूंगा; मैं उसे ले चलूंगा और विशेष करके उसके शोक करनेवालों को शान्ति दूंगा।
- 19मैं मुंह के फल का सृजनहार हूं; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूंगा।
- 20परन्तु दुष्ट तो लहराते समुुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है।
- 21दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है।।
Cross references
- Acts 2:39 प्रेरितों के काम 2:39क्योंकि यह प्रतिज्ञा तुम, और तुम्हारी सन्तानों, और उन सब दूर दूर के लोगों के लिये भी है जिनको प्रभु हमारा परमेश्वर अपने पास बुलाएगा।
- Hebrews 13:15 इब्रानियों 13:15इसलिये हम उसके द्वारा स्तुतिरूपी बलिदान, अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें।
- Luke 10:5–6 लूका 10:5–6जिस किसी घर में जाओ, पहिले कहो, कि इस घर पर कल्याण हो। यदि वहां कोई कल्याण के योग्य होगा; तो तुम्हारा कल्याण उस पर ठहरेगा, नहीं तो तुम्हारे पास लौट आएगा।
- Acts 10:36 प्रेरितों के काम 10:36जो वचन उस ने इस्त्राएलियों के पास भेजा, जब कि उस ने यीशु मसीह के द्वारा (जो सब का प्रभु है) शान्ति का सुसमाचार सुनाया।
- Luke 2:14 लूका 2:14कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।।
- Ephesians 6:19 इफिसियों 6:19और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।
- Luke 21:15 लूका 21:15क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूंगा, कि तुम्हारे सब विरोधी साम्हना या खण्डन न कर सकेंगे।
- Colossians 4:3–4 कुलुस्सियों 4:3–4और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं। और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है।
- Exodus 4:11–12 निर्गमन 4:11–12यहोवा ने उससे कहा, मनुष्य का मुंह किस ने बनाया है? और मनुष्य को गूंगा, वा बहिरा, वा देखने वाला, वा अन्धा, मुझ यहोवा को छोड़ कौन बनाता है? अब जा, मैं तेरे मुख के संग हो कर जो तुझे कहना होगा वह तुझे सिखलाता जाऊंगा।
- Isaiah 6:7 यशायाह 6:7और उस ने उस से मेरे मुंह को छूकर कहा, देख, इस ने तेरे होंठों को छू लिया है, इसलिय तेरा अधर्म दूर हो गया और तेरे पाप क्षमा हो गए।
- 2 Corinthians 5:20–21 2 कुरिन्थियों 5:20–21सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
- Matthew 10:13 मत्ती 10:13यदि उस घर के लोग योग्य होंगे तो तुम्हारा कल्याण उन पर पहुंचेगा परन्तु यदि वे योगय न हों तो तुम्हारा कल्याण तुम्हारे पास लौट आएगा।