Isaiah · chapter 64 · verse 12
Isaiah 64:12 in Hindi
हे यहोवा, क्या इन बातों के होते भी तू अपने को रोके रहेगा? क्या तू हम लोगों को इस अत्यन्त दुर्दशा में रहने देगा?
He yahovaa, kyaa in baatom ke hote bhee too apane ko roke rahegaa? Kyaa too ham logom ko is atyant durdashaa mem rahane degaa?
Isaiah 64:12 in English
- King James Version (KJV)
- Wilt thou refrain thyself for these [things], O LORD? wilt thou hold thy peace, and afflict us very sore?
- World English Bible (WEB)
- Will you hold yourself back for these things, LORD? Will you keep silent and punish us very severely?
- American Standard Version (ASV)
- Wilt thou refrain thyself for these things, O Jehovah? wilt thou hold thy peace, and afflict us very sore?
- Bible in Basic English (BBE)
- In view of all this, will you still do nothing, O Lord? will you keep quiet, and go on increasing our punishment?
- Darby Translation (DBY)
- Wilt thou restrain thyself in presence of these things, Jehovah? Wilt thou hold thy peace, and afflict us very sore?
- Webster's Bible (WBS)
- Wilt thou refrain thyself for these [things] , O LORD? wilt thou hold thy peace, and grievously afflict us?
- Young's Literal Translation (YLT)
- For these dost Thou refrain Thyself, Jehovah? Thou art silent, and dost afflict us very sore!'
Read in context
- 10देख, तेरे पवित्रा नगर जंगल हो गए, सिरयोन सुनसान हो गया है, यरूशलेम उजड़ गया है।
- 11हमारा पवित्रा और शोभायमान मन्दिर, जिस में हमारे पूर्वज तेरी स्तुति करते थे, आग से जलाया गया, और हमारी मनभावनी वस्तुएं सब नष्ट हो गई हैं।
- 12हे यहोवा, क्या इन बातों के होते भी तू अपने को रोके रहेगा? क्या तू हम लोगों को इस अत्यन्त दुर्दशा में रहने देगा?
Cross references
- Isaiah 42:14 यशायाह 42:14बहुत काल से तो मैं चुप रहा और मौन साधे अपने को रोकता रहा; परन्तु अब जच्चा की नाईं चिल्लाऊंगा मैं हांफ हांफकर सांस भरूंगा।
- Psalm 74:10–11 भजन संहिता 74:10–11हे परमेश्वर द्रोही कब तक नामधराई करता रहेगा? क्या शत्रु, तेरे नाम की निन्दा सदा करता रहेगा? तू अपना दहिना हाथ क्यों रोके रहता है? उसे अपने पांजर से निकाल कर उनका अन्त कर दे।।
- Psalm 74:18–19 भजन संहिता 74:18–19हे यहोवा स्मरण कर, कि शत्रु ने नामधराई ही है, और मूढ़ लोगों ने तेरे नाम की निन्दा की है। अपनी पिण्डुकी के प्राण को वनपशु के वश में न कर; अपने दी जनों को सदा के लिये न भूल
- Zechariah 1:12 जकर्याह 1:12तब यहोवा के दूत ने कहा, हे सेनाओं के यहोवा, तू जो यरूशलेम और यहूदा के नगरों पर सत्तर वर्ष से क्रोधित है, सो तू उन पर कब तक दया न करेगा?
- Psalm 83:1 भजन संहिता 83:1हे परमेश्वर मौन न रह; हे ईश्वर चुप न रह, और न शांत रह!
- Psalm 79:5 भजन संहिता 79:5हे यहोवा, तू कब तक लगातार क्रोध करता रहेगा? तुझ में आग की सी जलन कब तक भड़कती रहेगी?
- Psalm 10:1 भजन संहिता 10:1हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?
- Revelation 6:10 प्रकाशितवाक्य 6:10और उन्हों ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे स्वामी, हे पवित्रा, और सत्य; तू कब तक न्याय न करेगा? और पृथ्वी के रहनेवालों से हमारे लोहू का पलटा कब तक न लेगा?
- Psalm 89:46–51 भजन संहिता 89:46–51हे यहोवा तू कब तक लगातार मूंह फेरे रहेगा, तेरी जलजलाहट कब तक आग की नाईं भड़की रहेगी।। मेरा स्मरण कर, कि मैं कैसा अनित्य हूं, तू ने सब मनुष्यों को क्यों व्यर्थ सिरजा है? कौन पुरूष सदा अमर रहेगा? क्या कोई अपने प्राण को अधोलोक से बचा सकता है? हे प्रभु तेरी प्राचीनकाल की करूणा कहां रही, जिसके विषय में तू ने अपनी सच्चाई की शपथ दाऊद से खाई थी? हे प्रभु अपने दासों की नामधराई की सुधि कर; मैं तो सब सामर्थी जातियों का बोझ लिए रहता हूं। तेरे उन शत्रुओं ने तो हे यहोवा तेरे अभिषिक्त के पीछे पड़कर उसकी नामधराई की है।।
- Psalm 80:3–4 भजन संहिता 80:3–4हे परमेश्वर, हम को ज्यों के त्यों कर दे; और अपने मुख का प्रकाश चमका, तब हमारा उठ्ठार हो जाएगा! हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, तू कब तक अपनी प्रजा की प्रार्थना पर क्रोधित रहेगा?