Matthew · chapter 13 · verse 57
Matthew 13:57 in Hindi
सो उन्हों ने उसके कारण ठोकर खाई, पर यीशु ने उन से कहा, भविष्यद्वक्ता अपने देश और अपने घर को छोड़ और कहीं निरादर नहीं होता।
So unhom ne usake kaaran thokar khaaee, par yeeshu ne un se kahaa, bhavishyadvaktaa apane desh aur apane ghar ko chhod aur kaheem niraadar naheem hotaa.
Matthew 13:57 in English
- King James Version (KJV)
- And they were offended in him. But Jesus said unto them, A prophet is not without honour, save in his own country, and in his own house.
- World English Bible (WEB)
- They were offended by him. But Jesus said to them, “A prophet is not without honor, except in his own country and in his own house.”
- American Standard Version (ASV)
- And they were offended in him. But Jesus said unto them, A prophet is not without honor, save in his own country, and in his own house.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they were bitter against him. But Jesus said to them, A prophet is nowhere without honour but in his country and among his family.
- Darby Translation (DBY)
- And they were offended in him. And Jesus said to them, A prophet is not without honour, unless in his country and in his house.
- Webster's Bible (WBS)
- And they were offended in him. But Jesus said to them, A prophet is not without honor, save in his own country, and in his own house.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they were stumbled at him. And Jesus said to them, 'A prophet is not without honour except in his own country, and in his own house:'
Read in context
- 55क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं? और क्या इस की माता का नाम मरियम और इस के भाइयों के नाम याकूब और यूसुफ और शमौन और यहूदा नहीं?
- 56और क्या इस की सब बहिनें हमारे बीच में नहीं रहती? फिर इस को यह सब कहां से मिला?
- 57सो उन्हों ने उसके कारण ठोकर खाई, पर यीशु ने उन से कहा, भविष्यद्वक्ता अपने देश और अपने घर को छोड़ और कहीं निरादर नहीं होता।
- 58और उस ने वहां उन के अविश्वास के कारण बहुत सामर्थ के काम नहीं किए।।
Cross references
- John 4:44 यूहन्ना 4:44क्योंकि यीशु ने आप ही साक्षी दी, कि भविष्यद्वक्ता अपने देश में आदर नहीं पाता।
- Luke 4:24 लूका 4:24और उस ने कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कोई भविष्यद्वक्ता अपने देश में मान- सम्मान नहीं पाता।
- Matthew 11:6 मत्ती 11:6और धन्य है वह, जो मेरे कारण ठोकर न खाए।
- Isaiah 53:3 यशायाह 53:3वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।।
- John 6:61 यूहन्ना 6:61यीशु ने अपने मन में यह जान कर कि मेरे चेले आपस में इस बात पर कुड़कुड़ाते हैं, उन से पूछा, क्या इस बात से तुम्हें ठोकर लगती है?
- Isaiah 49:7 यशायाह 49:7जो मनुष्यों से तुच्छ जाना जाता, जिस से जातियों को घृणा है, और, जो अपराधियों का दास है, इस्राएल का छुड़ानेवाला और उसका पवित्रा अर्थात् यहावेा यों कहता है, कि राजा उसे देखकर खड़े हो जाएंगे और हाकिम दण्डवत् करेंगे; यह यहोवा के निमित्त होगा, जो सच्चा और इस्राएल का पवित्रा है और जिस ने तुझे चुन लिया है।।
- Acts 7:51–52 प्रेरितों के काम 7:51–52जैसा तुम्हारे बाप दादे करते थे, वैसे ही तुम भी करते हो। भविष्यद्वक्ताओं में से किस को तुम्हारे बाप दादों ने नहीं सताया, और उन्होंने उस धर्मी के आगमन का पूर्वकाल से सन्देश देने वालों को मार डाला, और अब तुम भी उसके पकड़वाने वाले और मार डालने वाले हुए।
- John 6:42 यूहन्ना 6:42और उन्हों ने कहा; क्या यह यूसुफ का पुत्रा यीशु नहीं, जिस के माता पिता को हम जानते हैं? तो वह क्योंकर कहता है कि मैं स्वर्ग से उतरा हूं।
- Luke 7:23 लूका 7:23और धन्य है वह, जो मेरे कारण ठोकर न खाए।।
- Luke 2:34–35 लूका 2:34–35तब शमौन ने उन को आशीष देकर, उस की माता मरियम से कहा; देख, वह तो इस्राएल में बहुतों के गिरने, और उठने के लिये, और एक ऐसा चिन्ह होने के लिये ठहराया गया है, जिस के विरोध में बातें की जाएगीं -- वरन तेरा प्राण भी तलवार से वार पार छिद जाएगा-- इस से बहुत हृदयों के विचार प्रगट होंगे।
- Isaiah 8:14 यशायाह 8:14और वह शरणस्थान होगा, परन्तु इस्राएल के दोनो घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फन्दा और जाल होगा।
- 1 Corinthians 1:23–28 1 कुरिन्थियों 1:23–28परन्तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है। परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है। क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।। हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञानवालों को लज्जित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्जित करे। और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्छों को, बरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए।