Luke · chapter 2 · verse 34
Luke 2:34 in Hindi
तब शमौन ने उन को आशीष देकर, उस की माता मरियम से कहा; देख, वह तो इस्राएल में बहुतों के गिरने, और उठने के लिये, और एक ऐसा चिन्ह होने के लिये ठहराया गया है, जिस के विरोध में बातें की जाएगीं --
Tab shamaun ne un ko aasheesh dekar, us kee maataa mariyam se kahaa; dekh, vah to israael mem bahutom ke girane, aur uthane ke liye, aur ek aisaa chinh hone ke liye thaharaayaa gayaa hai, jis ke virodh mem baatem kee jaaegeem --
Luke 2:34 in English
- King James Version (KJV)
- And Simeon blessed them, and said unto Mary his mother, Behold, this [child] is set for the fall and rising again of many in Israel; and for a sign which shall be spoken against;
- World English Bible (WEB)
- Simeon blessed them, and said to Mary, his mother, “Behold, this child is appointed for the falling and the rising of many in Israel, and for a sign which is spoken against.
- American Standard Version (ASV)
- and Simeon blessed them, and said unto Mary his mother, Behold, this [child] is set for the falling and the rising of many in Israel; and for a sign which is spoken against;
- Bible in Basic English (BBE)
- And Simeon gave them his blessing and said to Mary, his mother, See, this child will be the cause of the downfall and the lifting up of great numbers of people in Israel, and he will be a sign against which hard words will be said;
- Darby Translation (DBY)
- And Simeon blessed them, and said to Mary his mother, Lo, this [child] is set for the fall and rising up of many in Israel, and for a sign spoken against;
- Webster's Bible (WBS)
- And Simeon blessed them, and said to Mary his mother, Behold, this [child] is set for the fall and rising again of many in Israel; and for a sign which shall be spoken against;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Simeon blessed them, and said unto Mary his mother, 'Lo, this [one] is set for the falling and rising again of many in Israel, and for a sign spoken against —
Read in context
- 32कि वह अन्य जतियों को प्रकाश देने के लिये ज्योति, और तेरे निज लोग इस्राएल की महिमा हो।
- 33और उसका पिता और उस की माता इन बातों से जो उसके विषय में कही जाती थीं, आश्चर्य करते थे।
- 34तब शमौन ने उन को आशीष देकर, उस की माता मरियम से कहा; देख, वह तो इस्राएल में बहुतों के गिरने, और उठने के लिये, और एक ऐसा चिन्ह होने के लिये ठहराया गया है, जिस के विरोध में बातें की जाएगीं --
- 35वरन तेरा प्राण भी तलवार से वार पार छिद जाएगा-- इस से बहुत हृदयों के विचार प्रगट होंगे।
- 36और अशेर के गोत्रा में से हन्नाह नाम फनूएल की बेटी एक भविष्यद्वक्तिन थी: वह बहुत बूढ़ी थी, और ब्याह होने के बाद सात वर्ष अपने पति के साथ रह पाई थी।
Cross references
- 1 Corinthians 1:23 1 कुरिन्थियों 1:23परन्तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है।
- 1 Peter 2:7–8 1 पतरस 2:7–8सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिद्दीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया। और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मानकर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
- Isaiah 8:14–15 यशायाह 8:14–15और वह शरणस्थान होगा, परन्तु इस्राएल के दोनो घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फन्दा और जाल होगा। और बहुत से लोग ठोकर खाएंगे; वे गिरेंगे और चकनाचूर होंगे; वे फन्दे में फसेंगे और पकड़े जाएंगे।
- Matthew 21:44 मत्ती 21:44जो इस पत्थर पर गिरेगा, वह चकनाचूर हो जाएगा: और जिस पर वह गिरेगा, उस को पीस डालेगा।
- 2 Corinthians 2:15–16 2 कुरिन्थियों 2:15–16क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पानेवालों, और नाश होनेवालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्ध हैं। कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध, और इन बातों के योग्य कौन है?
- Acts 9:1–20 प्रेरितों के काम 9:1–20और शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और घात करने की धुन में था, महायाजक के पास गया। और उस से दमिश्क की अराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिटि्ठयां मांगी, कि क्या पुरूष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बान्धकर यरूशलेम में ले आए। परन्तु चलते चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुंचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी। और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? उस ने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उस ने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है। परन्तु अब उठकर नगर में जा, और जो कुछ करना है, वह तुझ से कहा जाएगा। जो मनुष्य उसके साथ थे, वे चुपचाप रह गए; क्योंकि शब्द तो सुनते थे, परन्तु किसी को दखते न थे। तब शाऊल भूमि पर से उठा, परन्तु जब आंखे खोलीं तो उसे कुछ दिखाई न दिया और वे उसका हाथ पकड़के दमिश्क में ले गए। और वह तीन दिन तक न देख सका, और न खाया और न पीया। दमिश्क में हनन्याह नाम एक चेला था, उस से प्रभु ने दर्शन में कहा, हे हनन्याह! उस ने कहा; हां प्रभु। तब प्रभु ने उस से कहा, उठकर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है। और उस ने हनन्याह नाम एक पुरूष को भीतर आते, और अपने ऊपर आते देखा है; ताकि फिर से दृष्टि पाए। हनन्याह ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है, कि इस ने यरूशलेम में तेरे पवित्रा लोगों के साथ बड़ी बड़ी बुराईयां की हैं। और यहां भी इस को महायाजकों की ओर से अधिकार मिला है, कि जो लोग तेरा नाम लेते हैं, उन सब को बान्ध ले। परन्तु प्रभु ने उस से कहा, कि तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्त्राएलियों के साम्हने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्रा है। और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा। तब हनन्याह उठकर उस घर में गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, हे भाई शाऊल, प्रभु, अर्थात् यीशु, जो उस रास्ते में, जिस से तू आया तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है, कि तू फिर दृष्टि पाए और पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो जाए। और तुरन्त उस की आंखों से छिलके से गिरे, और वह देखने लगा और उठकर बपतिस्मा लिया; फिर भोजन करके बल पाया।। और वह कई दिन उन चेलों के साथ रहा जो दमिश्क में थे। और वह तुरन्त आराधनालयों में यीशु का प्रचार करने लगा, कि वह परमेश्वर का पुत्रा है।
- Hosea 14:9 होशे 14:9जो बुद्धिमान हो, वही इन बातों को समझेगा; जो प्रवीण हो, वही इन्हें बूझ सकेगा; क्योंकि यहोवा के मार्ग सीधे हैं, और धर्मी उन में चलते रहेंगे, परन्तु अपराधी उन में ठोकर खाकर गिरेंगे।।
- Acts 4:26 प्रेरितों के काम 4:26प्रभु और उसके मसीह के विरोध में पृथ्वी के राजा खड़े हुए, और हाकिम एक साथ इकट्ठे हो गए।
- Leviticus 9:22–23 लैव्यव्यवस्था 9:22–23तब हारून ने लोगों की ओर हाथ बढ़ाकर उनहें आशीर्वाद दिया; और पापबलि, होमबलि, और मेलबलियों को चढ़ाकर वह नीचे उतर आया। तब मूसा और हारून मिलापवाले तम्बू में गए, और निकलकर लोगों को आशीर्वाद दिया; तब यहोवा का तेज सारी जनता को दिखाई दिया।
- Acts 6:7 प्रेरितों के काम 6:7और परमेश्वर का वचन फैलता गया और यरूशलेम में चेलों की गिनती बहुत बढ़ती गई; और याजकों का एक बड़ा समाज इस मत के अधीन हो गया।
- Acts 3:15–19 प्रेरितों के काम 3:15–19और तुम ने जीवन के कर्त्ता को मार डाला, जिसे परमेश्वर ने मरे हुओं में से जिलाया; और इस बात के हम गवाह हैं। और उसी के नाम ने, उस विश्वास के द्वारा जो उसके नाम पर है, इस मनुष्य को जिसे तुम देखते हो और जानते भी हो सामर्थ दी है; और निश्चय उसी विश्वास ने जो उसके द्वारा है, इस को तुम सब के साम्हने बिलकुल भला चंगा कर दिया है। और अब हे भाइयो, मैं जानता हूं कि यह काम तुम ने अज्ञानता से किया, और वैसा ही तुम्हारे सरदारों ने भी किया। परन्तु जिन बातों को परमेश्वर ने सब भविष्यद्वक्ताओं के मुख से पहिले ही बताया था, कि उसका मसीह दु:ख उठाएगा; उन्हें उस ने इस रीति से पूरी किया। इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं।
- John 5:18 यूहन्ना 5:18इस कारण यहूदी और भी अधिक उसके मार डालने का प्रयत्न करने लगे, कि वह न केवल सब्त के दिन की विधि को तोड़ता, परन्तु परमेश्वर को अपना पिता कह कर, अपने आप को परमेश्वर के तुल्य ठहराता था।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- Simeon · G4826Συμεών Symeṓn
- blessed · G2127εὐλογέω eulogéō
- them · G846αὐτός autós
- and · G2532καί kaí
- said · G2036ἔπω épō
- unto · G4314πρός prós
- Mary · G3137Μαρία María
- his · G846αὐτός autós
- mother · G3384μήτηρ mḗtēr
- Behold · G2400ἰδού idoú
- this · G3778οὗτος hoûtos
- set · G2749κεῖμαι keîmai
- for · G1519εἰς eis
- fall · G4431πτῶσις ptōsis
- and · G2532καί kaí
- again · G386ἀνάστασις anástasis
- many · G4183πολύς polýs
- in · G1722ἐν en
- Israel · G2474Ἰσραήλ Israḗl
- and · G2532καί kaí
- for · G1519εἰς eis
- sign · G4592σημεῖον sēmeîon
- against · G483ἀντιλέγω antilégō