Romans · chapter 9 · verse 32
Romans 9:32 in Hindi
किस लिये? इसलिये कि वे विश्वास से नहीं, परन्तु मानों कर्मों से उस की खोज करते थे: उन्हों ने उस ठोकर के पत्थर पर ठोकर खाई।
Kis liye? Isaliye ki ve vishvaas se naheem, parantu maanom karmom se us kee khoj karate the: unhom ne us thokar ke patthar par thokar khaaee.
Romans 9:32 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore? Because [they sought it] not by faith, but as it were by the works of the law. For they stumbled at that stumblingstone;
- World English Bible (WEB)
- Why? Because they didn’t seek it by faith, but as it were by works of the law. They stumbled over the stumbling stone,
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore? Because [they sought it] not by faith, but as it were by works. They stumbled at the stone of stumbling;
- Bible in Basic English (BBE)
- Why? Because they were not searching for it by faith, but by works. They came up against the stone which was in the way;
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore? Because [it was] not on the principle of faith, but as of works. They have stumbled at the stumblingstone,
- Webster's Bible (WBS)
- Why? Because [they sought it] not by faith, but as it were by the works of the law. For they stumbled at that stumbling-stone;
- Young's Literal Translation (YLT)
- wherefore? because — not by faith, but as by works of law; for they did stumble at the stone of stumbling,
Read in context
- 30सो हम क्या कहें? यह कि अन्यजातियों ने जो धार्मिकता की खोज नहीं करते थे, धार्मिकता प्राप्त की अर्थात् उस धार्मिकता को जो विश्वास से है।
- 31परन्तु इस्त्राएली; जो धर्म की व्यवस्था की खोज करते हुए उस व्यवस्था तक नहीं पहुंचे।
- 32किस लिये? इसलिये कि वे विश्वास से नहीं, परन्तु मानों कर्मों से उस की खोज करते थे: उन्हों ने उस ठोकर के पत्थर पर ठोकर खाई।
- 33जैसा लिखा है; देखो मैं सिरयोन में एक ठेस लगने का पत्थर, और ठोकर खाने की चटान रखता हूं; और जो उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा।।
Cross references
- 1 Corinthians 1:23 1 कुरिन्थियों 1:23परन्तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है।
- Luke 7:23 लूका 7:23और धन्य है वह, जो मेरे कारण ठोकर न खाए।।
- Luke 2:34 लूका 2:34तब शमौन ने उन को आशीष देकर, उस की माता मरियम से कहा; देख, वह तो इस्राएल में बहुतों के गिरने, और उठने के लिये, और एक ऐसा चिन्ह होने के लिये ठहराया गया है, जिस के विरोध में बातें की जाएगीं --
- 1 Peter 2:8 1 पतरस 2:8और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मानकर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
- Romans 4:16 रोमियों 4:16इसी कारण वह विश्वास के द्वारा मिलती है, कि अनुग्रह की रीति पर हो, कि प्रतिज्ञा सब वंश के लिये दृढ़ हो, न कि केवल उसक लिये जो व्यवस्थावाला है, बरन उन के लिये भी जो इब्राहीम के समान विश्वासवाले हैं: वही तो हम सब का पिता है।
- Romans 11:11 रोमियों 11:11सो मैं कहता हूं क्या उन्हों ने इसलिये ठोकर खाई, कि गिर पड़ें? कदापि नहीं: परन्तु उन के गिरने के कारण अन्यजानियों को उद्धार मिला, कि उन्हें जलन हो।
- Matthew 13:57 मत्ती 13:57सो उन्हों ने उसके कारण ठोकर खाई, पर यीशु ने उन से कहा, भविष्यद्वक्ता अपने देश और अपने घर को छोड़ और कहीं निरादर नहीं होता।
- Acts 16:30–34 प्रेरितों के काम 16:30–34और उन्हें बाहर लाकर कहा, हे साहिबो, उद्धार पाने के लिये मैं क्या करूं? उन्हों ने कहा, प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा। और उन्हों ने उस को, और उसके सारे घर के लोगों को प्रभु का वचन सुनाया। और रात को उसी घड़ी उस ने उन्हें ले जाकर उन के घाव धोए, और उस ने अपने सब लोगों समेत तुरन्त बपतिस्मा लिया। और उस ने उन्हें अपने घर में ले जाकर, उन के आगे भोजन रखा और सारे घराने समेत परमेश्वर पर विश्वास करके आनन्द किया।।
- Romans 10:3 रोमियों 10:3क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए।
- John 6:27–29 यूहन्ना 6:27–29नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्रा तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात् परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है। उन्हों ने उस से कहा, परमेश्वर के कारर्य करने के लिये हम क्या करें? यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कारर्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उस ने भेजा है, विश्वास करो।
- Matthew 19:16–20 मत्ती 19:16–20और देखो, एक मनुष्य ने पास आकर उस से कहा, हे गुरू; मैं कौन सा भला काम करूं, कि अनन्त जीवन पाऊं? उस ने उस से कहा, तू मुझ से भलाई के विषय में क्यों पूछता है? भला तो एक ही है; पर यदि तू जीवन में प्रवेश करना चाहता है, तो आज्ञाओं को माना कर। उस ने उस से कहा, कौन सी आज्ञाएं? यीशु ने कहा, यह कि हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना। अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना। उस जवान ने उस से कहा, इन सब को तो मैं ने माना है अब मुझ में किस बात की घटी है?
- 1 John 5:9–12 1 यूहन्ना 5:9–12जब हम मनुष्यों की गवाही मान लेते हैं, तो परमेश्वर की गवाही तो उस से बढ़कर है; और परमेश्वर की गवाही यह है, कि उस ने अपने पुत्रा के विषय में गवाही दी है। जो परमेश्वर के पुत्रा पर विश्वास करता है, वह अपने ही में गवाही रखता है; जिस ने परमेश्वर को प्रतीति नहीं की, उस ने उसे झूठा ठहराया; क्योंकि उस ने उस गवाही पर विश्वास नहीं किया, जो परमेश्वर ने अपने पुत्रा के विषय में दी है। और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्रा में है। जिस के पास पुत्रा है, उसके पास जीवन है; और जिस के पास परमेश्वर का पुत्रा नहीं, उसके पास जीवन भी नहीं है।।
Original words (Greek)
- Wherefore · G5101τίς tís
- Because · G3754ὅτι hóti
- not · G3756οὐ ou
- by · G1537ἐκ ek
- faith · G4102πίστις pístis
- but · G235ἀλλά allá
- were · G5613ὡς hōs
- by · G1537ἐκ ek
- works · G2041ἔργον érgon
- law · G3551νόμος nómos
- For · G1063γάρ gár
- stumbled · G4350προσκόπτω proskóptō
- that · G3037λίθος líthos
- stumblingstone · G4348πρόσκομμα próskomma