Jeremiah · chapter 10 · verse 12
Jeremiah 10:12 in Hindi
उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
Usee ne pruthvee ko apanee saamarth se banaayaa, us ne jagat ko apanee budhdi se sthir kiyaa, aur aakaash ko apanee praveenataa se taan diyaa hai.
Jeremiah 10:12 in English
- King James Version (KJV)
- He hath made the earth by his power, he hath established the world by his wisdom, and hath stretched out the heavens by his discretion.
- World English Bible (WEB)
- God has made the earth by his power. He has established the world by his wisdom, and by his understanding has he stretched out the heavens.
- American Standard Version (ASV)
- He hath made the earth by his power, he hath established the world by his wisdom, and by his understanding hath he stretched out the heavens.
- Bible in Basic English (BBE)
- He has made the earth by his power, he has made the world strong in its place by his wisdom, and by his wise design the heavens have been stretched out.
- Darby Translation (DBY)
- He hath made the earth by his power, he hath established the world by his wisdom, and hath stretched out the heavens by his understanding.
- Webster's Bible (WBS)
- He hath made the earth by his power, he hath established the world by his wisdom, and hath stretched out the heavens by his discretion.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The maker of the earth by His power, The establisher of the world by His wisdom, Who, by His understanding, stretched forth the heavens,
Read in context
- 10परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्वर है; जीवित परमेश्वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी कांपती है, और जाति जाति के लोग उसके क्रोध को सह नहीं सकते।
- 11तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे।
- 12उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- 13जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, और पृथ्वी की छोर से वह कुहरे को उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली चमकाता, और अपने भणडार में से पवन चलाता है।
- 14सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित हैं; अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण सब सुनारों की आशा टूटती है; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें झूठी हैं, और उन में सांस ही नहीं है।
Cross references
- Job 9:8 अय्यूब 9:8वह आकाशमणडल को अकेला ही फैलाता है, और समुद्र की ऊंची ऊंची लहरों पर चलता है;
- Genesis 1:1 उत्पत्ति 1:1आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की।
- Proverbs 3:19 नीतिवचन 3:19यहोवा ने पृथ्वी की नेव बुद्धि ही से डाली; और स्वर्ग को समझ ही के द्वारा स्थिर किया।
- Isaiah 40:22 यशायाह 40:22यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहनेवाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है;
- John 1:3 यूहन्ना 1:3सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
- Psalm 24:2 भजन संहिता 24:2क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ करके रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।।
- Colossians 1:16 कुलुस्सियों 1:16क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
- Psalm 33:6 भजन संहिता 33:6आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुंह ही श्वास से बने।
- Isaiah 45:18 यशायाह 45:18क्योंकि यहोवा जो आकाश का सृजनहार है, वही परमेश्वर है; उसी ने पृथ्वी को रख और बनाया, उसी ने उसको स्थिर भी किया; उस ने उसे सुनसान रहने के लिये नहीं परन्तु बसने के लिये उसे रचा है। वही यों कहता है, मैं यहोवा हूं, मेरे सिवा दूसरा और कोई नहीं है।
- Job 38:4–7 अय्यूब 38:4–7जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे। उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा? उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर लिठाया, जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्रा जयजयकार करते थे?
- Isaiah 45:12 यशायाह 45:12मैं ही ने पृथ्वी को बनाया और उसके ऊपर मनुष्यों को सृजा है; मैं ने अपने ही हाथों से आकाश को ताना और उसके सारे गणों कों आज्ञा दी है।
- Psalm 104:24 भजन संहिता 104:24हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।