Jeremiah · chapter 10 · verse 13
Jeremiah 10:13 in Hindi
जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, और पृथ्वी की छोर से वह कुहरे को उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली चमकाता, और अपने भणडार में से पवन चलाता है।
Jab vah bolataa hai tab aakaash mem jal kaa badaa shabd hotaa hai, aur pruthvee kee chhor se vah kuhare ko uthaataa hai. Vah varshaa ke liye bijalee chamakaataa, aur apane bhanadaar mem se pavan chalaataa hai.
Jeremiah 10:13 in English
- King James Version (KJV)
- When he uttereth his voice, [there is] a multitude of waters in the heavens, and he causeth the vapours to ascend from the ends of the earth; he maketh lightnings with rain, and bringeth forth the wind out of his treasures.
- World English Bible (WEB)
- When he utters his voice, the waters in the heavens roar, and he causes the vapors to ascend from the ends of the earth. He makes lightnings for the rain, and brings the wind out of his treasuries.
- American Standard Version (ASV)
- When he uttereth his voice, there is a tumult of waters in the heavens, and he causeth the vapors to ascend from the ends of the earth; he maketh lightnings for the rain, and bringeth forth the wind out of his treasuries.
- Bible in Basic English (BBE)
- At the sound of his voice there is a massing of waters in the heavens, and he makes the mists go up from the ends of the earth; he makes the thunder-flames for the rain, and sends out the wind from his store-houses.
- Darby Translation (DBY)
- When he uttereth his voice, there is a tumult of waters in the heavens, and he causeth the vapours to ascend from the end of the earth; he maketh lightnings for the rain, and bringeth forth the wind out of his treasuries.
- Webster's Bible (WBS)
- When he uttereth his voice, [there is] a multitude of waters in the heavens, and he causeth the vapors to ascend from the ends of the earth; he maketh lightnings with rain, and bringeth forth the wind out of his treasures.
- Young's Literal Translation (YLT)
- At the voice He giveth forth, A multitude of waters [is] in the heavens, And He causeth vapours to come up from the end of the earth, Lightnings for rain He hath made, And bringeth out wind from His treasures.
Read in context
- 11तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे।
- 12उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- 13जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, और पृथ्वी की छोर से वह कुहरे को उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली चमकाता, और अपने भणडार में से पवन चलाता है।
- 14सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित हैं; अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण सब सुनारों की आशा टूटती है; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें झूठी हैं, और उन में सांस ही नहीं है।
- 15वे व्यर्थ और ठट्ठे ही के योग्य हैं; जब उनके दण्ड का समय आएगा तब वे नाश हो जाएंगीं।
Cross references
- Psalm 135:7 भजन संहिता 135:7वह पृथ्वी की छोर से कुहरे उठाता है, और वर्षा के लिये बिजली बनाता है, और पवन को अपने भण्डार में से निकालता है।
- Job 38:22 अय्यूब 38:22फिर क्या तू कभी हिम के भणडार में पैठा, वा कभी ओलों के भणडार को तू ने देखा है,
- Psalm 18:13 भजन संहिता 18:13तब यहोवा आकाश में गरजा, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई, ओले ओर अंगारे।।
- Job 38:34–35 अय्यूब 38:34–35क्या तू बादलों तक अपनी वाणी पहुंचा सकता है ताकि बहुत जल बरस कर तुझे छिपा ले? क्या तू बिजली को आज्ञा दे सकता है, कि वह जाए, और तुझ से कहे, मैं उपस्थित हूँ?
- Exodus 9:23 निर्गमन 9:23तब मूसा ने अपनी लाठी को आकाश की ओर उठाया; और यहोवा मेघ गरजाने और ओले बरसाने लगा, और आग पृथ्वी तक आती रही। इस प्रकार यहोवा ने मि देश पर ओले बरसाए।
- Psalm 68:33 भजन संहिता 68:33जो सब से ऊंचे सनातन स्वर्ग में सवार होकर चलता है; देखो वह अपनी वाणी सुनाता है, वह गम्भीर वाणी शक्तिशाली है।
- Job 37:2–5 अय्यूब 37:2–5उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो। वह उसको सारे आकाश के तले, और अपनी बिजली को पृथ्वी की छोर तक भेजता है। उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाई देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है। ईश्वर गरजकर अपना शब्द अदभ़ुत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिनको हम नहीं समझते।
- 1 Kings 18:41 1 राजा 18:41फिर एलिरयाह ने अहाब से कहा, उठकर खा पी, क्योंकि भारी वर्षा की सनसनाहट सुन पडती है।
- Job 38:25–27 अय्यूब 38:25–27महावृष्टि के लिये किस ने नाला काटा, और कड़कनेवाली बिजली के लिये मार्ग बनाया है, कि निर्जन देश में और जंगल में जहां कोई मनुष्य नहीं रहता मेंह बरसाकर, उजाड़ ही उजाड़ देश को सींचे, और हरी घास उगाए?
- 1 Samuel 12:17–18 1 शमूएल 12:17–18आज क्या गेहूं की कटनी नहीं हो रही? मैं यहोवा को पुकारूंगा, और वह मेघ गरजाएगा और मेंह बरसाएगा; तब तुम जान लोगे, और देख भी लोगे, कि तुम ने राजा मांगकर यहोवा की दृष्टि में बहुत बड़ी बुराई की है। तब शमूएल ने यहोवा का पुकारा, और यहोवा ने उसी दिन मेघ गरजाया और मेंह बरसाया; और सब लोग यहोवा से और शमूएल से अत्यन्त डर गए।
- Psalm 29:3–10 भजन संहिता 29:3–10यहोवा की वाणी मेघों के ऊपर सुन पड़ती है; प्रतामी ईश्वर गरजता है, यहोवा घने मेघों के ऊपर रहता है। यहोवा की वाणी शक्तिशाली है, यहोवा की वाणी प्रतापमय है। यहोवा की वाणी देवदारों को तोड़ डालती है; यहोवा लबानोन के देवदारों को भी तोड़ डालता है। वह उन्हें बछड़े की नाई और लबानोन और शिर्योन को जंगली बछड़े के समान उछालता है।। यहोवा की वाणी आग की लपटों को चीरती है। यहोवा की वाणी वन को हिला देती है, यहोवा कादेश के वन को भी कंपाता है।। यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है; और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।। जलप्रलय के समय यहोवा विराजमान था; और यहोवा सर्वदा के लिये राजा होकर विराजमान रहता है।
- Psalm 147:8 भजन संहिता 147:8वह आकाश को मेघों से छा देता है, और पृथ्वी के लिये मेंह की तैयारी करता है, और पहाड़ों पर घास उगाता है।
Original words (Hebrew)
- uttereth · H5414נָתַן nâthan
- voice · H6963קוֹל qôwl
- multitude · H1995הָמוֹן hâmôwn
- waters · H4325מַיִם mayim
- heavens · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- vapours · H5387נָשִׂיא nâsîyʼ
- ascend · H5927עָלָה ʻâlâh
- ends · H7097קָצֶה qâtseh
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- maketh · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- lightnings · H1300בָּרָק bârâq
- rain · H4306מָטַר mâṭar
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- wind · H7307רוּחַ rûwach
- treasures · H214אוֹצָר ʼôwtsâr