Psalms · chapter 104 · verse 24
Psalm 104:24 in Hindi
हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।
He yahovaa tere kaam anaginit haim! In sab vastuom ko too ne buddhi se banaayaa hai; pruthvee teree sampatti se paripoorn hai.
Psalm 104:24 in English
- King James Version (KJV)
- O LORD, how manifold are thy works! in wisdom hast thou made them all: the earth is full of thy riches.
- World English Bible (WEB)
- LORD, how many are your works! In wisdom, you have made them all. The earth is full of your riches.
- American Standard Version (ASV)
- O Jehovah, how manifold are thy works! In wisdom hast thou made them all: The earth is full of thy riches.
- Bible in Basic English (BBE)
- O Lord, how great is the number of your works! in wisdom you have made them all; the earth is full of the things you have made.
- Darby Translation (DBY)
- How manifold are thy works, O Jehovah! in wisdom hast thou made them all: the earth is full of thy riches.
- Webster's Bible (WBS)
- O LORD, how manifold are thy works! in wisdom hast thou made them all: the earth is full of thy riches.
- Young's Literal Translation (YLT)
- How many have been Thy works, O Jehovah, All of them in wisdom Thou hast made, Full is the earth of thy possessions.
Read in context
- 22सूर्य उदय होते ही वे चले जाते हैं और अपनी मांदों में जा बैठते हैं।
- 23तब मनुष्य अपने काम के लिये और सन्ध्या तक परिश्रम करने के लिये निकलता है।
- 24हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।
- 25इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनित जलचरी जीव- जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं।
- 26उस में जहाज भी आते जाते हैं, और लिब्यातान भी जिसे तू ने वहां खेलने के लिये बनाया है।।
Cross references
- Jeremiah 10:12 यिर्मयाह 10:12उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- Psalm 40:5 भजन संहिता 40:5हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोलकर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।।
- Romans 11:33 रोमियों 11:33आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं!
- Psalm 50:10–12 भजन संहिता 50:10–12क्योंकि वन के सारे जीवजन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं। पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूं, और मैदान पर चलने फिरनेवाले जानवार मेरे ही हैं।। यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत् और जो कुछ उस में है वह मेरा है।
- Ephesians 3:10 इफिसियों 3:10ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए।
- Psalm 107:31 भजन संहिता 107:31लोग यहोवा की करूणा के कारण, और वह उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें।
- Genesis 1:24–25 उत्पत्ति 1:24–25फिर परमेश्वर ने कहा, पृथ्वी से एक एक जाति के जीवित प्राणी, अर्थात् घरेलू पशु, और रेंगनेवाले जन्तु, और पृथ्वी के वनपशु, जाति जाति के अनुसार उत्पन्न हों; और वैसा ही हो गया। सो परमेश्वर ने पृथ्वी के जाति जाति के वनपशुओं को, और जाति जाति के घरेलू पशुओं को, और जाति जाति के भूमि पर सब रेंगनेवाले जन्तुओं को बनाया: और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
- Psalm 24:1 भजन संहिता 24:1पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करनेवाले भी।
- Psalm 136:5 भजन संहिता 136:5उस ने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
- Nehemiah 9:6 नहेमायाह 9:6तू ही अकेला यहोवा है; स्वर्ग वरन सब से ऊंचे स्वर्ग और उसके सब गण, और पृथ्वी और जो कुछ उस में है, और समुद्र और जो कुछ उस में है, सभों को तू ही ने बनाया, और सभों की रक्षा तू ही करता है; और स्वर्ग की समस्त सेना तुझी को दणडवत करती हैं।
- Psalm 8:3 भजन संहिता 8:3जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
- Proverbs 3:19–20 नीतिवचन 3:19–20यहोवा ने पृथ्वी की नेव बुद्धि ही से डाली; और स्वर्ग को समझ ही के द्वारा स्थिर किया। उसी के ज्ञान के द्वारा गहिरे सागर फूट निकले, और आकाशमण्डल से ओस टपकती है।।