Jeremiah · chapter 10 · verse 19
Jeremiah 10:19 in Hindi
मुझ पर हाय! मेरा घाव चंगा होने का नहीं। फिर मैं ने सोचा, यह तो रोग ही है, इसलिये मुझ को इसे सहना चाहिये।
Mujh par haay! Meraa ghaav changaa hone kaa naheen. Phir maim ne sochaa, yah to rog hee hai, isaliye mujh ko ise sahanaa chaahiye.
Jeremiah 10:19 in English
- King James Version (KJV)
- Woe is me for my hurt! my wound is grievous: but I said, Truly this [is] a grief, and I must bear it.
- World English Bible (WEB)
- Woe is me because of my injury! My wound is serious; but I said, “Truly this is my grief, and I must bear it.”
- American Standard Version (ASV)
- Woe is me because of my hurt! my wound is grievous: but I said, Truly this is [my] grief, and I must bear it.
- Bible in Basic English (BBE)
- Sorrow is mine for I am wounded! my wound may not be made well; and I said, Cruel is my disease, I may not be free from it.
- Darby Translation (DBY)
- Woe is me, for my wound! My stroke is hard to heal, and I had said, Yea, this is [my] grief, and I will bear it.
- Webster's Bible (WBS)
- Woe is me for my hurt! my wound is grievous: but I said, Truly this [is] a grief, and I must bear it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Woe to me for my breaking, Grievious hath been my smiting, And I said, Only, this [is] my sickness, and I bear it.
Read in context
- 17हे घेरे हुए नगर की रहनेवाली, अपनी गठरी भूमि पर से उठा!
- 18क्योंकि यहोवा यों कहता है, मैं अब की बार इस देश के रहनेवालों को मानो गोफ़न में धरके फेंक दूंगा, और उन्हें ऐसे ऐसे संकट में डालूंगा कि उनकी समझ में भी नहीं आएगा।
- 19मुझ पर हाय! मेरा घाव चंगा होने का नहीं। फिर मैं ने सोचा, यह तो रोग ही है, इसलिये मुझ को इसे सहना चाहिये।
- 20मेरा तम्बू लूटा गया, और सब रस्सियां टूट गई हैं; मेरे लड़केबाले मेरे पास से चले गए, और नहीं हैं; अब कोई नहीं रहा जो मेरे तम्बू को ताने और मेरी कनातें खड़ी करे।
- 21क्योंकि चरवाहे पशु सरीखे हैं, और वे यहोवा को नहीं पुकारते; इसी कारण वे बुध्दि से नहीं चलते, और उनकी सब भेड़ें तितर- बितर हो गई हैं।
Cross references
- Micah 7:9 मीका 7:9मैं ने यहोवा के विरूद्ध पाप किया है, इस कारण मैं उस समय तक उसके क्रोध को सहता रहूंगा जब तक कि वह मेरा मुक मा लड़कर मेरा न्याय न चुकाएगा। उस समय वह मुझे उजियाले में निकाल ले आएगा, और मैं उसका धर्म देखूंगा।
- Jeremiah 14:17 यिर्मयाह 14:17तू उन से यह बात कह, मेरी ओखों से दिन रात आंसू लगातार बहते रहें, वे न रूकें क्योंकि मेरे लोगों की कुंवारी बेटी बहुत ही कुचली गई और घायल हुई है।
- Lamentations 3:39–40 विलापगीत 3:39–40सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरूष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने? हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें!
- Jeremiah 4:31 यिर्मयाह 4:31क्योंकि मैं ने ज़च्चा का शब्द, पहिलौठा जनती हुई स्त्री की सी चिल्लाहट सुनी है, यह सिरयोन की बेटी का शब्द है, जो हांफती और हाथ फैलाए हुए यों कहती है, हाय मुझ पर, मैं हत्यारों के हाथ पड़कर मूर्छित हो चली हूँ।
- Lamentations 3:18–21 विलापगीत 3:18–21इसलिऐ मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है। मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और- और विष का पीना स्मरण कर! मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है। परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आशा हैे
- Jeremiah 9:1 यिर्मयाह 9:1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता।
- Jeremiah 4:19 यिर्मयाह 4:19हाय! हाय! मेरा हृदय भीतर ही भीतर तड़पता है! और मेरा मन घबराता है! मैं चुप नहीं रह सकता; क्योंकि हे मेरे प्राण, नरसिंगे का शब्द और युठ्ठ की ललकार तुझ तक पहुंची है।
- Psalm 39:9 भजन संहिता 39:9मैं गूंगा बन गया और मुंह न खोला; क्योंकि यह काम तू ही ने किया है।
- Lamentations 1:2 विलापगीत 1:2रात को वह फूट फूट कर रोती है, उसके आंसू गालों पर ढलकते हैं; उसके सब यारों में से अब कोई उसे शान्ति नहीं देता; उसके सब मित्रों ने उस से विश्वासघात किया, और उसके शत्रु बन गए हैं।
- Jeremiah 17:13 यिर्मयाह 17:13हे यहोवा, हे इस्राएल के आधार, जितने तुझे छोड देते हैं वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से भटक जाते हैं उनके नाम भूमि ही पर लिखे जाएंगे, क्योंकि उन्हों ने बहते जल के सोते यहोवा को त्याग दिया है।
- Isaiah 8:17 यशायाह 8:17मैं उस यहोवा की बाट जोहता रहूंगा जो अपने मुंख को याकूब के घराने से छिपाये है, और मैं उसी पर आशा लगाए रहूंगा।
- Jeremiah 8:21 यिर्मयाह 8:21अपने लोगों के दु:ख से मैं भी दु:खित हुआ, मैं शोक का पहिरावा पहिने अति अचम्भे में डूबा हूँ।