Jeremiah · chapter 15 · verse 18
Jeremiah 15:18 in Hindi
मेरी पीड़ा क्यों लगातार बनी रहती है? मेरी चोट की क्यों कोई औषधि नहीं है? क्या तू सचमुच मेरे लिये धोखा देनेवाली नदी और सूखनेवाले जल के समान होगा?
Meree peedaa kyom lagaataar banee rahatee hai? Meree chot kee kyom koee aushadhi naheem hai? Kyaa too sachamuch mere liye dhokhaa denevaalee nadee aur sookhanevaale jal ke samaan hogaa?
Jeremiah 15:18 in English
- King James Version (KJV)
- Why is my pain perpetual, and my wound incurable, [which] refuseth to be healed? wilt thou be altogether unto me as a liar, [and as] waters [that] fail?
- World English Bible (WEB)
- Why is my pain perpetual, and my wound incurable, which refuses to be healed? Will you indeed be to me as a deceitful brook, like waters that fail?
- American Standard Version (ASV)
- Why is my pain perpetual, and my wound incurable, which refuseth to be healed? wilt thou indeed be unto me as a deceitful [brook], as waters that fail?
- Bible in Basic English (BBE)
- Why is my pain unending and my wound without hope of being made well? Sorrow is mine, for you are to me as a stream offering false hope and as waters which are not certain.
- Darby Translation (DBY)
- Why is my pain perpetual, and my wound incurable? It refuseth to be healed. Wilt thou be altogether unto me as a treacherous [spring], [as] waters that fail?
- Webster's Bible (WBS)
- Why is my pain perpetual, and my wound incurable, [which] refuseth to be healed? wilt thou be altogether to me as a liar, [and as] waters [that] fail?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why hath my pain been perpetual? And my wound incurable? It hath refused to be healed, Thou art surely to me as a failing stream, Waters not stedfast.
Read in context
- 16जब तेरे वचन मेरे पास पहुंचे, तब मैं ने उन्हें मानो खा लिया, और तेरे वचन मेरे मन के हर्ष और आनन्द का कारण हुए; क्योंकि, हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, मैं तेरा कहलाता हूँ।
- 17तेरी छाया मुझ पर इई; मैं मन बहलानेवालों के बीच बैठकर प्रसन्न नहीं हुआ; तेरे हाथ के दबाव से मैं अकेला बैठा, क्योंकि तू ने मुझे क्रोध से भर दिया था।
- 18मेरी पीड़ा क्यों लगातार बनी रहती है? मेरी चोट की क्यों कोई औषधि नहीं है? क्या तू सचमुच मेरे लिये धोखा देनेवाली नदी और सूखनेवाले जल के समान होगा?
- 19यह सुनकर यहोवा ने यों कहा, यदि तू फिरे, तो मैं फिरसे तुझे अपने साम्हने खड़ा करूंगा। यदि तू अनमोल को कहे और निकम्मे को न कहे, तब तू मेरे मुख के समान होगा। वे लोग तेरी ओर फिरेंगे, परन्तु तू उनकी ओर न फिरना।
- 20और मैं तुझ को उन लोगों के साम्हने पीतल की दृढ़ शहरपनाह बनाऊंगा; वे तुझ से लड़ेंगे, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि मैं तुझे बचाने और तेरा उठ्ठार करने के लिये तेरे साथ हूँ, यहोवा की यह वाणी है। मैं तुझे दुष्ट लोगों के हाथ से बचाऊंगा,
Cross references
- Jeremiah 30:15 यिर्मयाह 30:15तू अपने घाव के मारे क्यों चिल्लाती है? तेरी पीड़ा की कोई औषध नहीं। तेरे बड़े अधर्म और भारी पापों के कारण मैं ने तुझ से ऐसा व्यवहार किया है।
- Job 34:6 अय्यूब 34:6यद्यपि मैं सच्चाई पर हूं, तौभी झूठा ठहरता हूँ, मैं निरपराध हूँ, परन्तु मेरा घाव असाध्य है।
- Micah 1:9 मीका 1:9क्योंकि उसका घाव असाध्य है; और विपत्ति यहूदा पर भी आ पड़ी, वरन वह मेरे जातिभाइयों पर पड़कर यरूशलेम के फाटक तक पहुंच गई है।।
- Jeremiah 20:7 यिर्मयाह 20:7हे यहोवा, तू ने मुझे धोखा दिया, और मैं ने धोखा खाया; तू मुझ से बलवन्त है, इस कारण तू मुझ पर प्रबल हो गया। दिन भर मेरी हंसी होती है; सब कोई मुझ से ठट्ठा करते हैं।
- Psalm 6:3 भजन संहिता 6:3मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक?
- Jeremiah 30:12 यिर्मयाह 30:12यहोवा यों कहता हैे तेरे दु:ख की कोई औषध नहीं, और तेरी चोट गहिरी और दुखप्रद है।
- Jeremiah 14:19 यिर्मयाह 14:19क्या तू ने यहूदा से बिलकुल हाथ उठा लिया? क्या तू सिरयोन से घिन करता है? नहीं, तू ने क्यों हम को ऐसा मारा है कि हम चंगे हो ही नहीं सकते? हम शान्ति की बाट जोहते रहे, तौभी कुछ कल्याण नहीं हुआ; और यद्यपि हम अच्छे हो जाने की आशा करते रहे, तौभी घबराना ही पड़ा है।
- Psalm 13:1–3 भजन संहिता 13:1–3हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा? हे मेरे परमेश्वर यहोवा मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे, मेरी आंखों में ज्योति आने दे, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी;
- Jeremiah 14:3 यिर्मयाह 14:3और उनके बड़े लोग उनके छोटे लोगों को पानी के लिये भेजते हैं; वे गड़हों पर आकर पानी नहीं पाते इसलिये छूछे बर्तन लिए हुए घर लौट जाते हैं; वे लज्जित और निराश होकर सिर ढांप लेते हैं।
- Job 6:15–20 अय्यूब 6:15–20मेरे भाई नाले के समान विश्वासघाती हो गए हैं, वरन उन नालों के समान जिनकी धार सूख जाती है; और वे बरफ के कारण काले से हो जाते हैं, और उन में हिम छिपा रहता है। परन्तु जब गरमी होने लगती तब उनकी धाराएं लोप हो जाती हैं, और जब कड़ी धूप पड़ती है तब वे अपनी जगह से उड़ जाते हैं वे घूमते घूमते सूख जातीं, और सुनसान स्थान में बहकर नाश होती हैं। तेमा के बनजारे देखते रहे और शबा के काफिलेवालों ने उनका रास्ता देखा। वे लज्जित हुए क्योंकि उन्हों ने भरोसा रखा था और वहां पहुचकर उनके मुंह सूख गए।
- Jeremiah 1:18–19 यिर्मयाह 1:18–19क्योंकि सुन, मैं ने आज तुझे इस सारे देश और यहूद के राजाओं, हाकिमों, और याजकों और साधारण लोगों के विरूद्व गढ़वाला नगर, और लोहे का खम्भा, और पीतल की शहरपनाह बनाया है। वे तुझ से लड़ेंगे तो सही, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि बचाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है।
- Lamentations 3:1–18 विलापगीत 3:1–18उसके रोष की छड़ी से दु:ख भोगनेवाला पुरूष मैं ही हूं; वह मुझे ले जाकर उजियाले में नहीं, अन्धियारे ही में चलाता है; उसका हाथ दिन भर मेरे ही विरूद्ध उठता रहता है। उस ने मेरा मांस और चमड़ा गला दिया है, और मेरी हडि्डयों को तोड़ दिया है; उस ने मुझे रोकने के लिये किला बनाया, और मुझ को कठिन दु:ख और श्रम से घेरा है; उस ने मुझे बहुत दिन के मरे हुए लोगों के समान अन्धेरे स्थानों में बसा दिया है। मेरे चारों ओर उस ने बाड़ा बान्धा है कि मैं निकल नहीं सकता; उस ने मुझे भारी सांकल से जकड़ा है; मैं चिल्ला चिल्लाके दोहाई देता हूँ, तौभी वह मेरी प्रार्थता नहीं सुनता; मेरे माग को उस ने गढ़े हुए पत्थरों से रोक रखा है, मेरी डगरों को उस ने टेढ़ी कर दिया है। वह मेरे लिये घात में बैठे हुए रीछ और घात लगाए हुए सिंह के समान है; उस ने मुझे मेरे माग से भुला दिया, और मुझे फाड़ डाला; उस ने मुझ को उजाड़ दिया है। उस ने धनुष चढ़ाकर मुझे अपने तीर का निशाना बनाया है। उस ने अपनी तीरों से मेरे हृदय को बेध दिया है; सब लोग मुझ पर हंसते हैं और दिन भर मुझ पर ढालकर गाीत गाते हैं, उस ने मुझे कठिन दु:ख से भर दिया, और नागदौना पिलाकर तृप्त किया है। उस ने मेरे दांतों को कंकरी से तोड़ डाला, और मुझे राख से ढांप दिया है; और मुझ को मन से उतारकर कुशल से रहित किया है; मैं कल्याण भूल गया हूँ; इसलिऐ मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है।