Jeremiah · chapter 15 · verse 17
Jeremiah 15:17 in Hindi
तेरी छाया मुझ पर इई; मैं मन बहलानेवालों के बीच बैठकर प्रसन्न नहीं हुआ; तेरे हाथ के दबाव से मैं अकेला बैठा, क्योंकि तू ने मुझे क्रोध से भर दिया था।
Teree chhaayaa mujh par iee; maim man bahalaanevaalom ke beech baithakar prasann naheem huaa; tere haath ke dabaav se maim akelaa baithaa, kyonki too ne mujhe krodh se bhar diyaa thaa.
Jeremiah 15:17 in English
- King James Version (KJV)
- I sat not in the assembly of the mockers, nor rejoiced; I sat alone because of thy hand: for thou hast filled me with indignation.
- World English Bible (WEB)
- I didn’t sit in the assembly of those who make merry and rejoice. I sat alone because of your hand, for you have filled me with indignation.
- American Standard Version (ASV)
- I sat not in the assembly of them that make merry, nor rejoiced; I sat alone because of thy hand; for thou hast filled me with indignation.
- Bible in Basic English (BBE)
- I did not take my seat among the band of those who are glad, and I had no joy; I kept by myself because of your hand; for you have made me full of wrath.
- Darby Translation (DBY)
- I sat not in the assembly of the mockers, nor exulted: I sat alone because of thy hand; for thou hast filled me with indignation.
- Webster's Bible (WBS)
- I sat not in the assembly of the mockers, nor rejoiced; I sat alone because of thy hand: for thou hast filled me with indignation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have not sat in an assembly of deriders, Nor do I exult, because of thy hand, — Alone I have sat, For [with] indignation Thou hast filled me.
Read in context
- 15हे यहोवा, तू तो जानता है; मुझे स्मरण कर और मेरी सुधि लेकर मेरे सतानेवालों से मेरा पलटा ले। तू धीरज के साथ क्रोध करनेवाला है, इसलिये मुझे न उठा ले; तेरे ही निमित्त मेरी नामधराई हुई है।
- 16जब तेरे वचन मेरे पास पहुंचे, तब मैं ने उन्हें मानो खा लिया, और तेरे वचन मेरे मन के हर्ष और आनन्द का कारण हुए; क्योंकि, हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, मैं तेरा कहलाता हूँ।
- 17तेरी छाया मुझ पर इई; मैं मन बहलानेवालों के बीच बैठकर प्रसन्न नहीं हुआ; तेरे हाथ के दबाव से मैं अकेला बैठा, क्योंकि तू ने मुझे क्रोध से भर दिया था।
- 18मेरी पीड़ा क्यों लगातार बनी रहती है? मेरी चोट की क्यों कोई औषधि नहीं है? क्या तू सचमुच मेरे लिये धोखा देनेवाली नदी और सूखनेवाले जल के समान होगा?
- 19यह सुनकर यहोवा ने यों कहा, यदि तू फिरे, तो मैं फिरसे तुझे अपने साम्हने खड़ा करूंगा। यदि तू अनमोल को कहे और निकम्मे को न कहे, तब तू मेरे मुख के समान होगा। वे लोग तेरी ओर फिरेंगे, परन्तु तू उनकी ओर न फिरना।
Cross references
- Psalm 1:1 भजन संहिता 1:1क्या ही धन्य है वह पुरूष जो दुष्टों की युक्ति पर नहीं चलता, और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता; और न ठट्ठा करनेवालों की मण्डली में बैठता है!
- Lamentations 3:28 विलापगीत 3:28वह यह जानकर अकेला चुपचाप रहे, कि परमेश्वर ही ने उस पर यह बोझ डाला है;
- Ezekiel 3:24–25 यहेजकेल 3:24–25तब आत्मा ने मुझ में समाकर मुझे पांवों के बल खड़ा कर दिया; फिर वह मुझ से कहने लगा, जा अपने घर के भीतर द्वार बन्द करके बैठ रह। और हे मनुष्य के सन्तान, देख; वे लोग तुझे रस्सियों से जकड़कर बान्ध रखेंगे, और तू निकलकर उनके बीच जाने नहीं पाएगा।
- Psalm 26:4–5 भजन संहिता 26:4–5मैं निकम्मी चाल चलनेवालों के संग नहीं बैठा, और न मैं कपटियों के साथ कहीं जाऊंगा; मैं कुकर्मियों की संगति से घृणा रखता हूं, और दुष्टों के संग न बैठूंगा।।
- Jeremiah 6:11 यिर्मयाह 6:11इस कारण यहोवा का कोप मेरे मन में भर गया हे; मैं उसे रोकते रोकते उकता गया हूँ। बाज़ारों में बच्चों पर और जवानों की सभा में भी उसे उंडेल दे; क्योंकि पति अपनी पत्नी के साथ और अधेड़ बूढ़े के साथ पकड़ा जाएगा।
- Psalm 102:7 भजन संहिता 102:7मैं पड़ा पड़ा जागता रहता हूं और गौरे के समान हो गया हूं जो छत के ऊपर अकेला बैठता है।
- Jeremiah 13:17 यिर्मयाह 13:17और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
- 2 Corinthians 6:17 2 कुरिन्थियों 6:17इसलिये प्रभु कहता है, कि उन के बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा।
- Daniel 7:28 दानिय्येल 7:28इस बात का वर्णन मैं अब कर चुका, परन्तु मुझ दानिरयेल के मन में बड़ी घबराहट बनी रही, और मैं भयभीत हो गया; और इस बात को मै। अपने मन में रखे रहा।।
- Jeremiah 16:8 यिर्मयाह 16:8तू जेवनार के घर में इनके साथ खाने- पीने के लिये न जाना।
- Jeremiah 20:8–9 यिर्मयाह 20:8–9क्योंकि जब मैं बातें करता हूँ, तब मैं जोर से पुकार पुकारकर ललकारता हूँ कि उपद्रव और उत्पात हुआ, हां उत्पात! क्योंकि यहोवा का वचन दिन भर मेरे लिये निन्दा और ठट्ठा का कारण होता रहता है। यदि मैं कहूं, मैं उसकी चर्चा न करूंगा न उसके नाम से बोलूंगा, तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हडि्डयों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते रोकते थक गया पर मुझ से रहा नहीं जाता।
- Jeremiah 1:10 यिर्मयाह 1:10सुन, मैं ने आज के दिन तुझे जातियों और राज्यों पर अधिकारी ठहराया है; अन्हें गिराने और ढा देने के लिये, नाश करने और काट डालने के लिये, या उन्हें बनाने और रोपने के लिये।