Jeremiah · chapter 22 · verse 17
Jeremiah 22:17 in Hindi
परन्तु तू केवल अपना ही लाभ देखता है, और निदषों की हत्या करने और अन्धेर और उपद्रव करने में अपना मन और दृष्टि लगाता है।
Parantu too keval apanaa hee laabh dekhataa hai, aur nidashom kee hatyaa karane aur andher aur upadrav karane mem apanaa man aur drushti lagaataa hai.
Jeremiah 22:17 in English
- King James Version (KJV)
- But thine eyes and thine heart [are] not but for thy covetousness, and for to shed innocent blood, and for oppression, and for violence, to do [it].
- World English Bible (WEB)
- But your eyes and your heart are only for your covetousness, for shedding innocent blood, for oppression, and for doing violence.”
- American Standard Version (ASV)
- But thine eyes and thy heart are not but for thy covetousness, and for shedding innocent blood, and for oppression, and for violence, to do it.
- Bible in Basic English (BBE)
- But your eyes and your heart are fixed only on profit for yourself, on causing the death of him who has done no wrong, and on violent and cruel acts.
- Darby Translation (DBY)
- But thine eyes and thy heart are only on thine extortion, and on the blood of the innocent, to shed it, and on oppression and on violence, to do it.
- Webster's Bible (WBS)
- But thy eyes and thy heart [are] only for thy covetousness, and for shedding innocent blood, and for oppression, and for violence, to do [it] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- But thine eyes and thy heart are not, Except on thy dishonest gain, And on shedding of innocent blood, And on oppression, and on doing of violence.
Read in context
- 15तू जो देवदार की लकड़ी का अभिलाषी है, क्या इस रीति से तेरा राज्य स्थिर रहेगा। देख, तेरा पिता न्याय और धर्म के काम करता था, और वह खाता पीता और सुख से भी रहता था!
- 16वह इस कारण सुख से रहता था क्योंकि वह दीन और दरिद्र लोगों का न्याय चुकाता था। क्या यही मेरा ज्ञान रखना नहीं है? यहोवा की यह वाणी है।
- 17परन्तु तू केवल अपना ही लाभ देखता है, और निदषों की हत्या करने और अन्धेर और उपद्रव करने में अपना मन और दृष्टि लगाता है।
- 18इसलिये योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के विषय में यहोवा यह कहता है, कि जैसे लोग इस रीति से कहकर रोते हैं, हाय मेरे भाई, हाय मेरी बहिन! इस प्रकार कोई हाय मेरे प्रभु वा हाय तेरा विभव कहकर उसके लिये विलाप न करेगा।
- 19वरन उसको गदहे की नाई मिट्टी दी जाएगी, वह घसीटकर यरूशलेम के फाटकों के बाहर फेंक दिया जाएगा।
Cross references
- 2 Kings 24:4 2 राजा 24:4और निदषों के उस खून के कारण जो उस ने किया था; क्योंकि उस ने यरूशलेम को निदषों के खून से भर दिया था, जिसको यहोवा ने क्षमा करना न चाहा।
- Jeremiah 22:3 यिर्मयाह 22:3यहोवा यों कहता है, न्याय और धर्म के काम करो; और लुटे हुए को अन्धेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ। और परदेशी, अनाथ और विधवा पर अन्धेर व उपद्रव मत करो, न इस स्थान में निदषों का लोहू बहाओ।
- 2 Peter 2:14 2 पतरस 2:14उन ही आंखों में व्यभिचारिणी बसी हुई है, और वे पाप किए बिना रूक नहीं सकते: वे चंचल मनवालों को फुसला लेते हैं; उन के मन को लोभ करने का अभ्यास हो गया है, वे सन्ताप के सन्तान हैं।
- Ezekiel 19:6 यहेजकेल 19:6तब वह जवान सिंह होकर सिंहों के बीच चलने फिरने लगा, और वह भी अहेर पकड़ना सीख गया; और मनुष्यों को भी फाड़ खाया।
- Ezekiel 33:31 यहेजकेल 33:31वे प्रजा की नाईं तेरे पास आते और मेरी प्रजा बन कर तेरे साम्हने बैठ कर तेरे वचन सुनते हैं, परन्तु वे उन पर चलते नहीं; मुंह से तो वे बहुत प्रेम दिखाते हैं, परन्तु उनका मन लालच ही में लगा रहता है।
- Psalm 10:3 भजन संहिता 10:3क्योंकि दुष्ट अपनी अभिलाषा पर घमण्ड करता है, और लोभी परमेश्वर को त्याग देता है और उसका तिरस्कार करता है।।
- Zephaniah 3:3 सपन्याह 3:3उसके हाकिम गरजनेवाले सिंह ठहरे; उसके न्यायी सांझ को आहेर करनेवाले हुंडार हैं जो बिहान के लिये कुछ नहीं छोड़ते।
- 2 Peter 2:3 2 पतरस 2:3और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएंगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहिले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उन का विनाश ऊंघता नहीं।
- 2 Chronicles 36:8 2 इतिहास 36:8यहोयाकीम के और काम और उस ने जो जो घिनौने काम किए, और उस में जो जो बिराइयां पाई गई, वह इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखी हैं। और उसका पुत्रा यहोयाकीन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
- Mark 7:21–22 मरकुस 7:21–22क्योंकि भीतर से अर्थात् मनुष्य मे मन से, बुरी बुरी चिन्ता व्यभिचार। चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं।
- James 1:14–15 याकूब 1:14–15परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंचकर, और फंसकर परीक्षा में पड़ता है। फिर अभिलाषा गर्भवती होकर पाप को जनता है और पाप बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।
- Luke 12:15–21 लूका 12:15–21और उस ने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता। उस ने उन से एक दृष्टान्त कहा, कि किसी धनवान की भूमि में बड़ी उपज हुई। तब वह अपने मन में विचार करने लगा, कि मैं क्या करूं, क्योंकि मेरे यहां जगह नहीं, जहां अपनी उपज इत्यादि रखूं। और उस ने कहा; मैं यह करूंगा: मैं अपनी बखारियां तोड़ कर उन से बड़ी बनाऊंगा; और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा? ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं।।