Psalms · chapter 10 · verse 3
Psalm 10:3 in Hindi
क्योंकि दुष्ट अपनी अभिलाषा पर घमण्ड करता है, और लोभी परमेश्वर को त्याग देता है और उसका तिरस्कार करता है।।
Kyonki dusht apanee abhilaashaa par ghamand karataa hai, aur lobhee parameshvar ko tyaag detaa hai aur usakaa tiraskaar karataa hai..
Psalm 10:3 in English
- King James Version (KJV)
- For the wicked boasteth of his heart’s desire, and blesseth the covetous, [whom] the LORD abhorreth.
- World English Bible (WEB)
- For the wicked boasts of his heart’s cravings. He blesses the greedy and condemns the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- For the wicked boasteth of his heart’s desire, And the covetous renounceth, [yea], contemneth Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the evil-doer is lifted up because of the purpose of his heart, and he whose mind is fixed on wealth is turned away from the Lord, saying evil against him.
- Darby Translation (DBY)
- For the wicked boasteth of his soul's desire, and he blesseth the covetous; he contemneth Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- For the wicked boasteth of his heart's desire, and blesseth the covetous, [whom] the LORD abhorreth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because the wicked hath boasted Of the desire of his soul, And a dishonest gainer he hath blessed, He hath despised Jehovah.
Read in context
- 1हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?
- 2दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।
- 3क्योंकि दुष्ट अपनी अभिलाषा पर घमण्ड करता है, और लोभी परमेश्वर को त्याग देता है और उसका तिरस्कार करता है।।
- 4दुष्ट अपने अभिमान के कारण कहता है कि वह लेखा नहीं लेने का; उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्वर है ही नहीं।।
- 5वह अपने मार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; तेरे न्याय के विचार ऐसे ऊंचे पर होते हैं, कि उसकी दृष्टि वहां तक नहीं पहुंचती; जितने उसके विरोधी हैं उन पर वह फुंकारता है।
Cross references
- Psalm 94:4 भजन संहिता 94:4वे बकते और ढ़िठाई की बातें बोलते हैं, सब अनर्थकारी बड़ाई मारते हैं।
- Luke 12:19 लूका 12:19और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह।
- Zechariah 11:5–8 जकर्याह 11:5–8उनके मोल लेनेवाले उन्हें घात करने पर भी अपने को दोषी नहीं जानते, और उनके बेचनेवाले कहते हैं, यहोवा धन्य है, हम धनी हो गए हैं; और उनके चरवाहे उन पर कुछ दया नहीं करते। यहोवा की यह वाणी है, मैं इस देश के रहनेवालों पर फिर दया न करूंगा। देखो, मैं मनुष्यों को एक दूसरे के हाथ में, और उनके राजा के हाथ में पकड़वा दूंगा; और वे इस देश को नाश करेंगे, और मैं उसके रहनेवालों को उनके वश से न छुडाऊंगा।। सो मैं घात होनेवाली भेड़- बकरियों को और विशेष करके उन में से जो दीन थीं उनको चराने लगा। और मैं ने दो लाठियां लीं; एक का नाम मैं ने अनुग्रह रखा, और दूसरी का नाम एकता। इनको लिये हुए मैं उन भेड़- बकरियों को चराने लगा। और मैं ने उनके तीनों चरवाहों को एक महीने में नाश कर दिया, परन्तु मैं उनके कारण अधीर था, और वे मुझे से घृणा करती थीं।
- Micah 6:10–12 मीका 6:10–12क्या अब तक दुष्ट के घर में दुष्टता से पाया हुआ धन और छोटा एपा घृणित नहीं है? क्या मैं कपट का तराजू और घटबढ़ के बटखरों की थैली लेकर पवित्रा ठहर सकता हूं? यहां के धनवान् लोग उपद्रव का काम देखा करते हैं; और यहां के सब रहनेवाले झूठ बोलते हैं और उनके मुंह से छल की बातें निकलती हैं।
- Isaiah 37:23 यशायाह 37:23तू ने किस की नामधराई और निन्दा की है? और तू जो बड़ा बोल बोला और घमण्ड किया है, वह किस के विरूद्ध किया है? इस्राएल के पवित्रा के विरूद्ध!
- Psalm 49:6 भजन संहिता 49:6जो अपनी सम्पत्ति पर भरोसा रखते, और अपने धन की बहुतायत पर फूलते हैं,
- Psalm 5:6 भजन संहिता 5:6तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है।
- Job 31:24 अय्यूब 31:24यदि मैं ने सोने का भरोसा किया होता, वा कुन्दन को अपना आसरा कहा होता,
- Psalm 35:21 भजन संहिता 35:21और उन्हों ने मेरे विरूद्व मुंह पसारके कहा; आहा, आहा, हम ने अपनी आंखों से देखा है!
- Psalm 49:11–13 भजन संहिता 49:11–13वे मन ही मन यह सोचते हैं, कि उनका घर सदा स्थिर रहेगा, और उनके निवास पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे; इसलिये वे अपनी अपनी भूमि का नाम अपने अपने नाम पर रखते हैं। परन्तु मनुष्य प्रतिष्ठा पाकर भी स्थिर नहीं रहता, वह पशुओं के समान होता है, जो मर मिटते हैं।। उनकी यह चाल उनकी मूर्खता है, तौभी उनके बाद लोग उनकी बातों से प्रसन्न होते हैं।
- Deuteronomy 29:19 व्यवस्थाविवरण 29:19और ऐसा मनुष्य इस शाप के वचन सुनकर अपने को आशीर्वाद के योग्य माने, और यह सोचे कि चाहे मैं अपने मन के हठ पर चलूं, और तृप्त होकर प्यास को मिटा डालूं, तौभी मेरा कुशल होगा।
- Exodus 15:9 निर्गमन 15:9शत्रु ने कहा था, मैं पीछा करूंगा, मैं जा पकडूंगा, मैं लूट के माल को बांट लूंगा, उन से मेरा जी भर जाएगा। मै अपनी तलवार खींचते ही अपने हाथ से उनको नाश कर डालूंगा।।