Jeremiah · chapter 26 · verse 9
Jeremiah 26:9 in Hindi
तू ने क्यों यहोवा के नाम से यह भविष्यद्वाणी की कि यह भवन शीलो के समान उजाड़ हो जाएगा, और यह नगर ऐसा उजड़ेगा कि उस में कोई न रह जाएगा? इतना कहकर सब साधारण लोगों ने यहोवा के भवन में यिर्मयाह के विरूद्ध भीड़ लगाई।
Too ne kyom yahovaa ke naam se yah bhavishyadvaanee kee ki yah bhavan sheelo ke samaan ujaad ho jaaegaa, aur yah nagar aisaa ujadegaa ki us mem koee na rah jaaegaa? Itanaa kahakar sab saadhaaran logom ne yahovaa ke bhavan mem yirmayaah ke virooddh bheed lagaaee.
Jeremiah 26:9 in English
- King James Version (KJV)
- Why hast thou prophesied in the name of the LORD, saying, This house shall be like Shiloh, and this city shall be desolate without an inhabitant? And all the people were gathered against Jeremiah in the house of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- Why have you prophesied in the LORD’s name, saying, ‘This house will be like Shiloh, and this city will be desolate, without inhabitant’?” All the people were crowded around Jeremiah in the LORD’s house.
- American Standard Version (ASV)
- Why hast thou prophesied in the name of Jehovah, saying, This house shall be like Shiloh, and this city shall be desolate, without inhabitant? And all the people were gathered unto Jeremiah in the house of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Why have you said in the name of the Lord, This house will be like Shiloh, and this land a waste with no one living in it? And all the people had come together to Jeremiah in the house of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Why hast thou prophesied in the name of Jehovah, saying, This house shall be like Shiloh, and this city shall be desolate, without inhabitant? And all the people were gathered against Jeremiah in the house of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Why hast thou prophesied in the name of the LORD, saying, This house shall be like Shiloh, and this city shall be desolate without an inhabitant? And all the people were gathered against Jeremiah, in the house of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Wherefore hast thou prophesied in the name of Jehovah, saying, 'As Shiloh this house shall be, and this city is wasted, without inhabitant?' and all the people are assembled unto Jeremiah in the house of Jehovah.
Read in context
- 7जब यिर्मयाह ये वचन यहोवा के भवन में कह रहा था, तब याजक और भविष्यद्वक्ता और सब साधारण लोग सुन रहे थे।
- 8और जब यिर्मयाह सब कुछ जिसे सारी प्रजा से कहने की आज्ञा यहोवा ने दी थी कह चुका, तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं और सब साधारण लोगों ने यह कहकर उसको पकड़ लिया, निश्चय तुझे प्राणदण्ड होगा।
- 9तू ने क्यों यहोवा के नाम से यह भविष्यद्वाणी की कि यह भवन शीलो के समान उजाड़ हो जाएगा, और यह नगर ऐसा उजड़ेगा कि उस में कोई न रह जाएगा? इतना कहकर सब साधारण लोगों ने यहोवा के भवन में यिर्मयाह के विरूद्ध भीड़ लगाई।
- 10यहूदा के हाकिम ये बातें सुनकर, राजा के भवन से यहोवा के भवन में चढ़ आए और उसके नये फाटक में बैठ गए।
- 11तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं ने हाकिमों और सब लोगों से कहा, यह मनुष्य प्राणदण्ड के योग्य है, क्योंकि इस ने इस नगर के विरूद्ध ऐसी भविष्यद्वाणी की है जिसे तुम भी अपने कानों से सुन चुके हो।
Cross references
- Acts 4:17–19 प्रेरितों के काम 4:17–19परन्तु इसलिये कि यह बात लोगों में और अधिक फैल न जाए, हम उन्हें धमकाएं, कि वे इस नाम से फिर किसी मनुष्य से बातें न करें। तब उन्हें बुलाया और चितौनी देकर यह कहा, कि यीशु के नाम से कुछ भी न बोलना और न सिखलाना। परन्तु पतरस और यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि तुम ही न्याय करो, कि क्या यह परमेश्वर के निकट भला है, कि हम परमेश्वर की बात से बढ़कर तुम्हारी बात मानें।
- Micah 2:6 मीका 2:6बकवासी कहा करते हैं, कि बकवास न करो। इन बातें के लिये न कहा करो; ऐसे लोगों में से अपमान न मिटेगा।
- Acts 16:19–22 प्रेरितों के काम 16:19–22जब उसके स्वामियों ने देखा, कि हमारी कमाई की आशा जाती रही, तो पौलुस और सीलास को पकड़ कर चौक में प्राधानों के पास खींच ले गए। और उन्हें फौजदारी के हाकिमों के पास ले जाकर कहा; ये लोग जो यहूदी हैं, हमारे नगर में बड़ी हलचल मचा रहे हैं। और ऐसे व्यवहार बता रहे हैं, जिन्हें ग्रहण करना या मानना हम रोमियों के लिये ठीक नहीं। तब भीड़ के लागे उन के विरोध में इकट्ठे होकर चढ़ आए, और हाकिमों ने उन के कपड़े फाड़कर उतार डाले, और उन्हें बेत मारने की आज्ञा दी।
- Acts 21:30 प्रेरितों के काम 21:30तब सारे नगर में कोलाहल मच गया, और लोग दौड़कर इकट्ठे हुए, और पौलुस को पकड़कर मन्दिर के बाहर घसीट लाए, और तुरन्त द्वार बन्द किए गए।
- Amos 7:10–13 आमोस 7:10–13तब बेतेल के याजक अमस्याह ने इस्राएल के राजा यारोबाम के पास कहला भेजा, कि, आमोस ने इस्राएल के घराने के बीच में तुझ से राजद्रोह की गोष्ठी की है; उसके सारे वचनों को देश नहीं सह सकता। क्योंकि आमोस यों कहता है, कि, यारोबाम तलवार से मारा जाएगा, और इस्राएल अपनी भूमि पर से निश्चय बंघुआई में जाएगा।। और अमस्याह ने आमोस से कहा, हे दर्शी, यहां से निकलकर यहूदा देश में भाग जा, और वहीं रोटी खाया कर, और वहीं भविष्यद्वाणी किया कर; परन्तु बेतेल में फिर कभी भविष्यद्वाणी न करना, क्योंकि यह राजा का पवित्रास्थान और राज- नगर है।
- Amos 5:10 आमोस 5:10जो सभा से उलाहना देता है उस से वे बैर रखते हैं, और खरी बात बोलनेवाले से घृणा करते हैं।
- Isaiah 30:9–11 यशायाह 30:9–11क्योंकि वे बलवा करनेवाले लोग और झूठ बोलनेवाले लड़के हैं जो यहोवा की शिक्षा को सुनना नहीं चाहते। वे दर्शियों से कहते हैं, दर्शी मत बनो; और नबियों से कहते हैं, हमारे लिये ठीक नबूवत मत करो; हम से चिकनी चुपड़ी बातें बोलो, धोखा देनेवाली नबूवत करो। मार्ग से मुड़ो, पथ से हटो, और इस्राएल के पवित्रा को हमारे साम्हने से दूर करो।
- Matthew 21:23 मत्ती 21:23वह मन्दिर में जाकर उपदेश कर रहा था, कि महायाजकों और लोगों के पुरनियों ने उसके पास आकर पूछा, तू ये काम किस के अधिकार से करता है? और तुझे यह अधिकार किस ने दिया है?
- Matthew 27:20 मत्ती 27:20महायाजकों और पुरनियों ने लोगों को उभारा, कि वे बरअब्बा को मांग ले, और यीशु को नाश कराएं।
- Acts 5:28 प्रेरितों के काम 5:28क्या हम ने तुम्हें चिताकर आज्ञा न दी थी, कि तुम इस नाम से उपदेश न करना? तौभी देखो, तुम ने सारे यरूशलेम को अपने उपदेश से भर दिया है और उस व्यक्ति का लोहू हमारी गर्दन पर लाना चाहते हो।
- Mark 15:11 मरकुस 15:11परन्तु महायाजकों ने लोगों को उभारा, कि वह बरअब्बा ही को उन के लिये छोड़ दे।
- Acts 13:50 प्रेरितों के काम 13:50परन्तु यहूदियों ने भक्त और कुलीन स्त्रियों को और नगर के बड़े लोगों को उसकाया, और पौलुस और बरनबास पर उपद्रव करवाकर उन्हें अपने सिवानों से निकाल दिया।
Original words (Hebrew)
- prophesied · H5012נָבָא nâbâʼ
- name · H8034שֵׁם shêm
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- house · H1004בַּיִת bayith
- Shiloh · H7887שִׁילֹה Shîylôh
- city · H5892עִיר ʻîyr
- desolate · H2717חָרַב chârab
- inhabitant · H3427יָשַׁב yâshab
- people · H5971עַם ʻam
- gathered · H6950קָהַל qâhal
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- house · H1004בַּיִת bayith