Jeremiah · chapter 37 · verse 18
Jeremiah 37:18 in Hindi
फिर यिर्मयाह ने सिदकिरयाह राजा से कहा, मैं ने तेरा, तेरे कर्मचारियों का, व तेरी प्रजा का क्या अपराध किया है, कि तुम लोगों ने मुझ को बन्दीगृह में डलवाया है?
Phir yirmayaah ne sidakirayaah raajaa se kahaa, maim ne teraa, tere karmachaariyom kaa, va teree prajaa kaa kyaa aparaadh kiyaa hai, ki tum logom ne mujh ko bandeegruh mem dalavaayaa hai?
Jeremiah 37:18 in English
- King James Version (KJV)
- Moreover Jeremiah said unto king Zedekiah, What have I offended against thee, or against thy servants, or against this people, that ye have put me in prison?
- World English Bible (WEB)
- Moreover Jeremiah said to King Zedekiah, “How have I sinned against you, against your servants, or against this people, that you have put me in prison?
- American Standard Version (ASV)
- Moreover Jeremiah said unto king Zedekiah, Wherein have I sinned against thee, or against thy servants, or against this people, that ye have put me in prison?
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Jeremiah said to King Zedekiah, What has been my sin against you or against your servants or against this people, that you have put me in prison?
- Darby Translation (DBY)
- And Jeremiah said unto king Zedekiah, What have I offended against thee, or against thy servants, or against this people, that ye have put me in the prison?
- Webster's Bible (WBS)
- Moreover Jeremiah said to king Zedekiah, In what have I offended against thee, or against thy servants, or against this people, that ye have put me in prison?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jeremiah saith unto the king Zedekiah, 'What have I sinned against thee, and against thy servants, and against this people, that ye have given me unto a prison-house?
Read in context
- 16यिर्मयाह उस तलघर में जिस में कई एक कोठरियां थीं, रहने लगा।
- 17उसके बहुत दिन बीतने पर सिदकिरयाह राजा ने उसको बुलवा भेजा, और अपने भवन में उस से छिपकर यह प्रश्न किया, क्या यहोवा की ओर से कोई वचन पइुंचा है? यिर्मयाह ने कहा, हां, पहुंचा है। वह यह है, कि तू बाबुल के राजा के वश में कर दिया जाएगा।
- 18फिर यिर्मयाह ने सिदकिरयाह राजा से कहा, मैं ने तेरा, तेरे कर्मचारियों का, व तेरी प्रजा का क्या अपराध किया है, कि तुम लोगों ने मुझ को बन्दीगृह में डलवाया है?
- 19तुम्हारे जो भविष्यद्वक्ता तुम से भविष्यद्वाणी करके कहा करते थे कि बाबुल का राजा तुम पर और इस देश पर चढ़ाई नहीं करेगा, वे अब कहां है?
- 20अब, हे मेरे पुभु, हे राजा, मेरी प्रार्थना ग्रहण कर कि मुझे योनातान प्रधान के घर में फिर न भेज, नहीं तो मैं वहां मर जाऊंगा।
Cross references
- John 10:32 यूहन्ना 10:32इस पर यीशु ने उन से कहा, कि मैं ने तुम्हें अपने पिता की ओर से बहुत से भले काम दिखाए हैं, उन में से किस काम के लिये तुम मुझे पत्थरवाह करते हो?
- Acts 25:8 प्रेरितों के काम 25:8परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, कि मैं ने न तो यहूदियों की व्यवस्था का और न मन्दिर का, और न कैसर का कुछ अपराध किया है।
- Daniel 6:22 दानिय्येल 6:22मेरे परमेश्वर ने अपना दूत भेजकर सिंहों के मुंह को ऐसा बन्द कर रखा कि उन्हों ने मेरी कुछ भी हानि नहीं की; इसका कारण यह है, कि मैं उसके साम्हने निर्दोष पाया गया; और हे राजा, तेरे सम्मुख भी मैं ने कोई भूल नहीं की।
- Acts 25:11 प्रेरितों के काम 25:11यदि अपराधी हूं और मार डाले जाने योग्य कोई काम किया है; तो मरने से नहीं मुकरता; परन्तु जिन बातों का ये मुझ पर दोष लगाते हैं, यदि उन में से कोई बात सच न ठहरे, तो कोई मुझे उन के हाथ नहीं सौंप सकता: मैं कैसर की दोहाई देता हूं।
- Acts 25:25 प्रेरितों के काम 25:25परन्तु मैं ने जान लिया, कि उस ने ऐसा कुछ नहीं किया कि मार डाला जाए; और जब कि उस ने आप ही महाराजाधिराज की दोहाई दी, तो मैं ने उसे भेजने का उपाय निकाला।
- Acts 24:16 प्रेरितों के काम 24:16इस से मैं आप भी यतन करता हूं, कि परमेश्वर की, और मनुष्यों की ओर मेरा विवेक सदा निर्दोष रहे।
- Galatians 4:16 गलातियों 4:16तो क्या तुम से सच बोलने के कारण मैं तुम्हारा बैरी हो गया हूं।
- Acts 23:1 प्रेरितों के काम 23:1पौलुस ने महासभा की ओर टकटकी लगाकर देखा, और कहा, हे भाइयों, मैं ने आज तक परमेश्वर के लिये बिलकुल सच्चे विवेक से जीवन बिताया।
- Jeremiah 26:19 यिर्मयाह 26:19क्या यहूदा के राजा हिजकिरयाह ने वा किसी यहूदी ने उसको कहीं मरवा डाला? क्या उस राजा ने यहोवा का भय न माना ओर उस से बिनती न की? और तब यहोवा ने जो विपत्ति उन पर डालने के लिये कहा था, उसके विषय क्या वह न पछताया? ऐसा करके हम अपने प्राणों की बड़ी हानि करेंगे।
- 1 Samuel 24:9–15 1 शमूएल 24:9–15और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है? देख, आज तू ने अपनी आंखों से देखा है कि यहोवा ने आज गुफा में तुझे मेरे हाथ सौंप दिया था; और किसी किसी ने तो मुझ से तुझे मारने को कहा था, परन्तु मुझे तुझ पर तरस आया; और मैं ने कहा, मैं अपने प्रभु पर हाथ न चलाऊंगा; क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है। फिर, हे मेरे पिता, देख, अपने बागे की छोर मेरे हाथ में देख; मैं ने तेरे बागे की छोर तो काट ली, परन्तु तुझे घात न किया; इस से निश्चय करके जान ले, कि मेरे मन में कोई बुराई वा अपराध का सोच नहीं है। और मैं ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, परन्तु तू मेरे प्राण लेने को मानो उसका अहेर करता रहता है। यहोवा मेरा और तेरा न्याय करे, और यहोवा तुझ से मेरा पलटा ले; परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा। प्राचीनों के नीति वचन के अनुसार दुष्टता दुष्टों से होती है; परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा। इस्राएल का राजा किस का पीछा करने को निकला है? और किस के पीछे पड़ा है? एक मरे कुत्ते के पीछे! एक पिस्सू के पीछे! इसलिये यहोवा न्यायी होकर मेरा तेरा विचार करे, और विचार करके मेरा मुक मा लड़े, और न्याय करके मुझे तेरे हाथ से बचाए।
- Genesis 31:36 उत्पत्ति 31:36तब याकूब क्रोधित होकर लाबान से झगड़ने लगा, और कहा, मेरा क्या अपराध है? मेरा क्या पाप है, कि तू ने इतना क्रोधित होकर मेरा पीछा किया है?
- Proverbs 17:13 नीतिवचन 17:13जो कोई भलाई के बदले में बुराई करे, उसके घर से बुराई दूर न होगी।