Jeremiah · chapter 37 · verse 20
Jeremiah 37:20 in Hindi
अब, हे मेरे पुभु, हे राजा, मेरी प्रार्थना ग्रहण कर कि मुझे योनातान प्रधान के घर में फिर न भेज, नहीं तो मैं वहां मर जाऊंगा।
Ab, he mere pubhu, he raajaa, meree praarthanaa grahan kar ki mujhe yonaataan pradhaan ke ghar mem phir na bhej, naheem to maim vahaam mar jaaoongaa.
Jeremiah 37:20 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore hear now, I pray thee, O my lord the king: let my supplication, I pray thee, be accepted before thee; that thou cause me not to return to the house of Jonathan the scribe, lest I die there.
- World English Bible (WEB)
- Now please hear, my lord the king: please let my supplication be presented before you, that you not cause me to return to the house of Jonathan the scribe, lest I die there.”
- American Standard Version (ASV)
- And now hear, I pray thee, O my lord the king: let my supplication, I pray thee, be presented before thee, that thou cause me not to return to the house of Jonathan the scribe, lest I die there.
- Bible in Basic English (BBE)
- And now be pleased to give ear, O my lord the king; let my prayer for help come before you, and do not make me go back to the house of Jonathan the scribe, for fear that I may come to my death there.
- Darby Translation (DBY)
- And now hear, I pray thee, my lord, O king: let my supplication, I pray thee, come before thee; and cause me not to return into the house of Jonathan the scribe, lest I die there.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore hear now, I pray thee, O my lord the king: let my supplication, I pray thee, be accepted before thee; that thou cause me not to return to the house of Jonathan the scribe, lest I die there.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And now, hearken, I pray thee, my lord, O king, let my supplication fall, I pray thee, before thee, and cause me not to return [to] the house of Jonathan the scribe, that I die not there.'
Read in context
- 18फिर यिर्मयाह ने सिदकिरयाह राजा से कहा, मैं ने तेरा, तेरे कर्मचारियों का, व तेरी प्रजा का क्या अपराध किया है, कि तुम लोगों ने मुझ को बन्दीगृह में डलवाया है?
- 19तुम्हारे जो भविष्यद्वक्ता तुम से भविष्यद्वाणी करके कहा करते थे कि बाबुल का राजा तुम पर और इस देश पर चढ़ाई नहीं करेगा, वे अब कहां है?
- 20अब, हे मेरे पुभु, हे राजा, मेरी प्रार्थना ग्रहण कर कि मुझे योनातान प्रधान के घर में फिर न भेज, नहीं तो मैं वहां मर जाऊंगा।
- 21तब सिदकिरयाह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आंगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। ओर यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
Cross references
- Jeremiah 36:7 यिर्मयाह 36:7क्या जाने वे यहोवा से गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करें और अपनी अपनी बुरी चाल से फिरें; क्योंकि जो क्रोध और जलजलाहट यहोवा ने अपनी इस प्रजा पर भड़काने को कहा है, वह बड़ी है।
- Acts 25:10–11 प्रेरितों के काम 25:10–11पौलुस ने कहा; मैं कैसर के न्याय आसन के साम्हने खड़ा हूं: मेरे मुक में का यहीं फैसला होना चाहिए: जैसा तू अच्छी तरह जानता है, यहूदियों का मैं ने कुछ अपराध नहीं किया। यदि अपराधी हूं और मार डाले जाने योग्य कोई काम किया है; तो मरने से नहीं मुकरता; परन्तु जिन बातों का ये मुझ पर दोष लगाते हैं, यदि उन में से कोई बात सच न ठहरे, तो कोई मुझे उन के हाथ नहीं सौंप सकता: मैं कैसर की दोहाई देता हूं।
- Acts 28:18–19 प्रेरितों के काम 28:18–19उन्हों ने मुझे जांच कर छोड़ देना चाहा, क्योंकि मुझ में मृत्यु के योग्य कोई दोष न था। परन्तु जब यहूदी इस के विरोध में बोलने लगे, तो मुझे कैसर की दोहाई देनी पड़ी: न यह कि मुझे अपने लागों पर कोई दोष लगाना था।
- Jeremiah 38:6–9 यिर्मयाह 38:6–9तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया। उस समय राजा बिन्यामीन के फाटक के पास बैठा था सो जब एबेदमेलेक कूशी ने जो राजभवन में एक खोजा था, सुना, कि उन्हों ने यिर्मयाह को गड़हे में डाल दिया है--- तब एबेदमेलेक राजभवन से निकलकर राजा से कहने लगा, हे मेरे स्वामी, हे राजा, उन लोगों ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से जो कुछ किया है वह बुरा किया है, क्योंकि उन्हों ने उसको गड़हे में डाल दिया है; वहां वह भूख से मर जाएगा क्योंकि नगर में कुछ रोटी नहीं रही है।
- Jeremiah 38:26 यिर्मयाह 38:26तो तू उन से कहना, कि मैं ने राजा से गिड़गिड़ाकर बिनती की थी कि मुझे योनातान के घर में फिर बापिस न भेज नहीं तो वहां मर जाऊंगा।
- Jeremiah 26:15 यिर्मयाह 26:15पर यह निश्चय जानो, कि, यदि तुम मुझे मार डालोगे, तो अपने को और इस नगर को और इसके निवासियों को निदष के हत्यारे बनाओगे; क्योंकि सचमुच यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास ये सब वचन सुनाने के लिये भेजा हे।
- Acts 23:16–22 प्रेरितों के काम 23:16–22और पौलुस के भांजे न सुना, कि वे उस की घात में हैं, तो गढ़ में जाकर पौलुस को सन्देश दिया। पौलुस ने सूबेदारों में से एक को अपने पास बुलाकर कहा; इस जवान को पलटन के सरदार के पास ले जाओ, यह उस से कुछ कहना चाहता है। सो उस ने उस को पलटन के सरदार के पास ले जाकर कहा; पौलुस बन्धुए ने मुझे बुलाकर बिनती की, कि यह जवान पलटन के सरदार से कुछ कहना चाहता है; उसे उसके पास ले जा। पलटन के सरदार ने उसका हाथ पकड़कर, और अलग ले जाकर पूछा; मुझ से क्या कहना चाहता है? उस ने कहा; यहूदियों ने एका किया है, कि तुझ से बिनती करें, कि कल पौलुस को महासभा में लाए, मानो तू और ठीक से उस की जांच करना चाहता है। परन्तु उन की मत मानना, क्योंकि उन में से चालीस के ऊपर मनुष्य उस की घात में हैं, जिन्हों ने यह ठान लिया है, कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खाएं, पीएं, तो हम पर धिक्कार; और अभी वे तैयार हैं और तेरे वचन की आस देख रहे हैं। तब पलटन के सरदार ने जवान को यह आज्ञा देकर विदा किया, कि किसी से न कहना कि तू ने मुझ को ये बातें बताई हैं।
Original words (Hebrew)
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- lord · H113אָדוֹן ʼâdôwn
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- supplication · H8467תְּחִנָּה tᵉchinnâh
- accepted · H5307נָפַל nâphal
- before · H6440פָּנִים pânîym
- return · H7725שׁוּב shûwb
- house · H1004בַּיִת bayith
- Jonathan · H3083יְהוֹנָתָן Yᵉhôwnâthân
- scribe · H5608סָפַר çâphar
- die · H4191מוּת mûwth