Jeremiah · chapter 37 · verse 7
Jeremiah 37:7 in Hindi
इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, यहुदा के जिस राजा ने तुम को प्रार्थना करने के लिये मेरे पास भेजा है, उस से यों कहो, कि देख, फिरौन की जो सेना तुम्हारी सहायता के लिये निकली है वह अपने देश मिस्र में लौट जाएगी।
Israael kaa parameshvar yahovaa yom kahataa hai, yahudaa ke jis raajaa ne tum ko praarthanaa karane ke liye mere paas bhejaa hai, us se yom kaho, ki dekh, phiraun kee jo senaa tumhaaree sahaayataa ke liye nikalee hai vah apane desh misr mem laut jaaegee.
Jeremiah 37:7 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD, the God of Israel; Thus shall ye say to the king of Judah, that sent you unto me to enquire of me; Behold, Pharaoh’s army, which is come forth to help you, shall return to Egypt into their own land.
- World English Bible (WEB)
- “The LORD, the God of Israel, says, ‘You shall tell the king of Judah, who sent you to me to inquire of me: “Behold, Pharaoh’s army, which has come out to help you, will return to Egypt into their own land.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah, the God of Israel, Thus shall ye say to the king of Judah, that sent you unto me to inquire of me: Behold, Pharaoh’s army, which is come forth to help you, shall return to Egypt into their own land.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord, the God of Israel, has said: This is what you are to say to the king of Judah who sent you to get directions from me: See, Pharaoh's army, which has come out to your help, will go back to Egypt, to their land.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah the God of Israel: Thus shall ye say to the king of Judah, that sent you unto me to inquire of me: Behold, Pharaoh's army, which is come forth to help you, shall return to Egypt into their own land.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD, the God of Israel; Thus shall ye say to the king of Judah, that sent you to me to inquire of me; Behold, Pharaoh's army, which hath come forth to help you, shall return to Egypt into their own land.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thus said Jehovah, God of Israel, Thus do ye say unto the king of Judah, who is sending you unto Me, to seek Me: Lo, the force of Pharaoh that is coming out to you for help hath turned back to its land, to Egypt,
Read in context
- 5उस समय फिरौन की सेना चढ़ाई के लिये मिस्र से निकली; तब कसदी जो यरूशलेम को घेरे हुए थे, उसका समाचार सुनकर यरूश्लेम के पास से चले गए।
- 6तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास पहुंचा,
- 7इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, यहुदा के जिस राजा ने तुम को प्रार्थना करने के लिये मेरे पास भेजा है, उस से यों कहो, कि देख, फिरौन की जो सेना तुम्हारी सहायता के लिये निकली है वह अपने देश मिस्र में लौट जाएगी।
- 8और कसदी फिर वापिस आकर इस नगर से लड़ेंगे; वे इसको ले लेंगे और फूंक देंगे।
- 9यहोवा यों कहता है, यह कहकर तुम अपने अपने मन में धोखा न खाओ कि कसदी हमारे पास से निश्चय चले गए हैं; क्योंकि वे नहीं चले गए।
Cross references
- Lamentations 4:17 विलापगीत 4:17हमारी आंखें व्यर्थ ही सहायता की बाट जोहते जोहते रह गई हैं, हम लगातार एक ऐसी जाति की ओर ताकते रहे जो बचा नहीं सकी।
- 2 Kings 22:18 2 राजा 22:18परन्तु यहूदा का राजा जिस ने तुम्हें यहोवा से पूछने को भेजा है उस से तुम यों कहो, कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा कहता है।
- Jeremiah 37:3 यिर्मयाह 37:3सिदकिरयाह राजा ने शेलेम्याह के पुत्रा यहूकल ओर मासेयाह के पुत्रा समन्याह याजक को यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास यह कहला भेजा, कि, हमारे निमित्त हमारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर।
- Ezekiel 17:17 यहेजकेल 17:17और जब वे बहुत से प्राणियों को नाश करने के लिये दमदमा बान्धे, और गढ़ बनाएं, तब फिरौन अपनी बड़ी सेना और बहुतों की मण्डली रहते भी युठ्ठ में उसकी सहायता न करेगा।
- Isaiah 31:1–3 यशायाह 31:1–3हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मि को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्रा की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं! परन्तु वह भी बुद्धिमान है और दु:ख देगा, वह अपने वचन न टालेगा, परन्तु उठकर कुकर्मियों के घराने पर और अनर्थकारियों के सहायकों पर भी चढ़ाई करेगा। मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे।
- Jeremiah 21:2 यिर्मयाह 21:2हमारे लिये यहोवा से पूछ, क्योंकि बाबुल का राजा नबूकदनेस्सर हमारे विरूद्ध युठ्ठ कर रहा है; कदाचित यहोवा हम से अपने सब आश्चर्यकम के अनुसार ऐसा व्यवहार करे कि वह हमारे पास से उठ जाए।
- Ezekiel 29:6–7 यहेजकेल 29:6–7तब मिस्र के सारे निवासी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे तो इस्राएल के घराने के लिये नरकट की टेक ठहरे थे। जब उन्होंने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्होंने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई।
- Jeremiah 2:36 यिर्मयाह 2:36तू क्यों नया मार्ग पकड़ने के लिये इतनी डांवाडोल फिरती है? जैसे अश्शूरियों से तू लज्जित हुई वैसे ही मिस्रियों से भी होगी।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Jeremiah 17:5–6 यिर्मयाह 17:5–6यहोवा यों कहता है, स्रापित है वह पुरूष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है। वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
- Ezekiel 29:16 यहेजकेल 29:16और वह फिर इस्राएल के घराने के भरोसे का कारण न होगा, क्योंकि जब वे फिर उनकी ओर देखने लगें, तब वे उनके अधर्म को स्मरण करेंगे। और तब वे जान लेंगे कि मैं परमेश्वर यहोवा हूँ।
- Isaiah 30:1–6 यशायाह 30:1–6यहोवा की यह वाणी है, हाय उन बलवा करनेवाले लड़कों पर जो युक्ति तो करते परन्तु मेरी ओर से नहीं; वाचा तो बान्धते परन्तु मेरे आत्मा के सिखाये नहीं; और इस प्रकार पाप पर पाप बढ़ाते हैं। वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें। इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा। उसके हाकिम सोअन में आए तो हैं और उसके दूत अब हानेस में पहुंचे हैं। वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।। दक्खिन देश के पशुओं के विषय भारी वचन। वे अपनी धन सम्पति को जवान गदहों की पीठ पर, और अपने खजानों को ऊंटों के कूबड़ों पर लादे हुए, संकट और सकेती के देश में होकर, जहां सिंह और सिंहनी, नाग और उड़नेवाले तेज विषधर सर्प रहते हैं, उन लोगों के पास जा रहे हैं जिन से उनको लाभ न होगा।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- say · H559אָמַר ʼâmar
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- enquire · H1875דָּרַשׁ dârash
- Pharaoh’s · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- army · H2428חַיִל chayil
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- help · H5833עֶזְרָה ʻezrâh
- return · H7725שׁוּב shûwb
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- land · H776אֶרֶץ ʼerets