Job · chapter 10 · verse 15
Job 10:15 in Hindi
जो मैं दुष्टता करूं तो मुझ पर हाय! और जो मैं धम बनूं तौभी मैं सिर न उठाऊंगा, क्योंकि मैं अपमान से भरा हुआ हूं और अपने दु:ख पर ध्यान रखता हूँ।
Jo maim dushtataa karoom to mujh par haay! Aur jo maim dham banoom taubhee maim sir na uthaaoongaa, kyonki maim apamaan se bharaa huaa hoom aur apane du:kh par dhyaan rakhataa hoon.
Job 10:15 in English
- King James Version (KJV)
- If I be wicked, woe unto me; and [if] I be righteous, [yet] will I not lift up my head. [I am] full of confusion; therefore see thou mine affliction;
- World English Bible (WEB)
- If I am wicked, woe to me. If I am righteous, I still will not lift up my head, being filled with disgrace, and conscious of my affliction.
- American Standard Version (ASV)
- If I be wicked, woe unto me; And if I be righteous, yet shall I not lift up my head; Being filled with ignominy, And looking upon mine affliction.
- Bible in Basic English (BBE)
- That, if I was an evil-doer, the curse would come on me; and if I was upright, my head would not be lifted up, being full of shame and overcome with trouble.
- Darby Translation (DBY)
- If I were wicked, woe unto me! and righteous, I will not lift up my head, being [so] full of shame, and beholding mine affliction; —
- Webster's Bible (WBS)
- If I be wicked, woe to me; and [if] I be righteous, [yet] will I not lift up my head. [I am] full of confusion; therefore see thou my affliction;
- Young's Literal Translation (YLT)
- If I have done wickedly — woe to me, And righteously — I lift not up my head, Full of shame — then see my affliction,
Read in context
- 13तौभी तू ने ऐसी बातों को अपने मन में छिपा रखा; मैं तो जान गया, कि तू ने ऐसा ही करने को ठाना था।
- 14जो मैं पाप करूं, तो तू उसका लेखा लेगा; और अधर्म करने पर मुझे निदष न ठहराएगा।
- 15जो मैं दुष्टता करूं तो मुझ पर हाय! और जो मैं धम बनूं तौभी मैं सिर न उठाऊंगा, क्योंकि मैं अपमान से भरा हुआ हूं और अपने दु:ख पर ध्यान रखता हूँ।
- 16और चाहे सिर उठाऊं तौभी तू सिंह की नाई मेरा अहेर करता है, और फिर मेरे विरूद्ध आश्चर्यकर्म करता है।
- 17तू मेरे साम्हने अपने नये नये साक्षी ले आता है, और मुझ पर अपना क्रोध बढ़ाता है; और मुझ पर सेना पर सेना चढ़ाई करती है।
Cross references
- Isaiah 3:11 यशायाह 3:11मेरी प्रजा पर बच्चे अंधेर करते और स्त्रियां उन पर प्रभुता करती हैं। हे मेरी प्रजा, तेरे अगुवे तुझे भटकाते हैं, और तेरे चलने का मार्ग भुता देते हैं।।
- Job 9:15 अय्यूब 9:15चाहे मैं निदष भी होता परन्तु उसको उत्तर न दे सकता; मैं अपने मु ई से गिड़गिड़ाकर बिनती करता।
- Job 9:20–21 अय्यूब 9:20–21चाहे मैं निदष ही क्यों न हूँ, परन्तु अपने ही मुंह से दोषी ठहरूंगा; खरा होने पर भी वह मुझे कुटिल ठहराएगा। मैं खरा तो हूँ, परन्तु अपना भेद नहीं जानता; अपने जीवन से मुझे घृण आती है।
- Job 10:7 अय्यूब 10:7तुझे तो मालूम ही है, कि मैं दुष्ट नहीं हूँ, और तेरे हाथ से कोई छुड़ानेवाला नहीं!
- Psalm 25:18 भजन संहिता 25:18तू मेरे दु:ख और कष्ट पर दृष्टि कर, और मेरे सब पापों को क्षमा कर।।
- Isaiah 6:5 यशायाह 6:5तब मैं ने कहा, हाय! हाय! मैं नाश हूआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठवाला मनुष्य हूं, और अशुद्ध होंठवाले मनुष्यों के बीच में रहता हूं; क्योंकि मैं ने सेनाओं के यहोवा महाराजाधिराज को अपनी आंखों से देखा है!
- Malachi 3:18 मलाकी 3:18तब तुम फिरकर धर्मी और दुष्ट का भेद, अर्थात् जो परमेश्वर की सेवा करता है, और जो उसकी सेवा नहीं करता, उन दोनों को भेद पहिचान सकोगे।।
- Lamentations 1:20 विलापगीत 1:20हे यहोवा, दृष्टि कर, क्योंकि मैं संकट में हूँ, मेरी अन्तडिय़ां ऐंठी जाती हैं, मेरा हृदय उलट गया है, क्योंकि मैं ने बहुत बलवा किया है। बाहर तो मैं तलवार से निर्वश होती हूँ; और घर में मृत्यु विराज रही है।
- Psalm 9:17 भजन संहिता 9:17दुष्ट अधोलोक में लौट जाएंगे, तथा वे सब जातियां भी जा परमेश्वर को भूल जाती है।
- Job 9:12 अय्यूब 9:12देखो, जब वह छीनने लगे, तब उसको कौन रोकेगा? कोन उस से कह सकता है कि तू यह क्या करता है?
- Psalm 119:153 भजन संहिता 119:153मेरे दु:ख को देखकर मुझे छुड़ा ले, क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।
- Exodus 3:7 निर्गमन 3:7फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मि में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम करानेवालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है;