Job · chapter 9 · verse 12
Job 9:12 in Hindi
देखो, जब वह छीनने लगे, तब उसको कौन रोकेगा? कोन उस से कह सकता है कि तू यह क्या करता है?
Dekho, jab vah chheenane lage, tab usako kaun rokegaa? Kon us se kah sakataa hai ki too yah kyaa karataa hai?
Job 9:12 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, he taketh away, who can hinder him? who will say unto him, What doest thou?
- World English Bible (WEB)
- Behold, he snatches away. Who can hinder him? Who will ask him, ‘What are you doing?’
- American Standard Version (ASV)
- Behold, he seizeth [the prey], who can hinder him? Who will say unto him, What doest thou?
- Bible in Basic English (BBE)
- If he puts out his hand to take, by whom may it be turned back? who may say to him, What are you doing?
- Darby Translation (DBY)
- Behold, he taketh away: who will hinder him? Who will say unto him, What doest thou?
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, he taketh away, who can hinder him? who will say to him, What doest thou?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, He snatches away, who bringeth it back? Who saith unto Him, 'What dost Thou?'
Read in context
- 10वह तो ऐसे बड़े कर्म करता है, जिनकी थाह नहीं लगती; और इतने आश्चर्यकर्म करता है, जो गिने नहीं जा सकते।
- 11देखो, वह मेरे साम्हने से होकर तो चलता है परन्तु मुझको नहीं दिखाई पड़ता; और आगे को बढ़ जाता है, परन्तु मुझे सूझ ही नहीं पड़ता है।
- 12देखो, जब वह छीनने लगे, तब उसको कौन रोकेगा? कोन उस से कह सकता है कि तू यह क्या करता है?
- 13ईश्वर अपना क्रोध ठंडा नहीं करता। अभिमानी के सहायकों को उसके पांव तले झुकना पड़ता है।
- 14फिर मैं क्या हूं, जो उसे उत्तर दूं, और बातें छांट छांटकर उस से विवाद करूं?
Cross references
- Isaiah 45:9 यशायाह 45:9हाय उस पर जो अपने रचनेवाले से झगड़ता है! वह तो मिट्टी के ठीकरों में से एक ठीकरा ही है! क्या मिट्टी कुम्हार से कहेगी, तू यह क्या करता है? क्या कारीगर का बनाया हुआ कार्य उसके विषय कहेगा कि उसके हाथ नहीं है?
- Job 11:10 अय्यूब 11:10जब ईश्वर बीच से गुजरकर बन्द कर दे और अदालत में बुलाए, तो कौन उसको रोक सकता है।
- Job 23:13 अय्यूब 23:13परन्तु वह एक ही बात पर अड़ा रहता है, और कौन उसको उस से फिरा सकता है? जो कुछ उसका जी चाहता है वही वह करता है।
- Job 34:29 अय्यूब 34:29जब वह चैन देता तो उसे कौन दोषी ठहरा सकता है? और जब वह मुंह फेर ले, तब कौन उसका दर्शन पा सकता है? जाति भर के साथ और अकेले मनुष्य, दोनों के साथ उसका बराबर व्यवहार है
- Romans 11:34 रोमियों 11:34प्रभु कि बुद्धि को किस ने जाना? या उसका मंत्री कौन हुआ?
- Daniel 4:35 दानिय्येल 4:35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- Job 33:13 अय्यूब 33:13तू उस से क्यों झगड़ता है? क्योंकि वह अपनी किसी बात का लेखा नहीं देता।
- Jeremiah 18:6 यिर्मयाह 18:6यहोवा की यह वाणी है कि इस कुम्हार की नाई तुम्हारे साथ क्या मैं भी काम नहीं कर सकता? देख, जैसा मिट्टी कुम्हार के हाथ में रहती है, वैसा ही हे इस्राएल के घराने, तुम भी मेरे हाथ में हो।
- Matthew 20:15 मत्ती 20:15क्या उचित नहीं कि मं अपने माल से जो चाहूं सो करूं? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?
- Ephesians 1:11 इफिसियों 1:11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- Matthew 11:26 मत्ती 11:26हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
- Romans 9:18–20 रोमियों 9:18–20सो वह जिस पर चाहता है, उस पर दया करता है; और जिसे चाहता है, उसे कठोर कर देता है। सो तू मुझ से कहेगा, वह फिर क्यों दोष लगाता है? कौन उस की इच्छा का साम्हना करता हैं? हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?