Job · chapter 10 · verse 2
Job 10:2 in Hindi
मै ईश्वर से कहूंगा, मुझे दोषी न ठहरा; मुझे बता दे, कि तू किस कारण मूझ से मुक़ मा लड़ता है?
Mai eeshvar se kahoongaa, mujhe doshee na thaharaa; mujhe bataa de, ki too kis kaaran moojh se muk maa ladataa hai?
Job 10:2 in English
- King James Version (KJV)
- I will say unto God, Do not condemn me; shew me wherefore thou contendest with me.
- World English Bible (WEB)
- I will tell God, ‘Do not condemn me. Show me why you contend with me.
- American Standard Version (ASV)
- I will say unto God, Do not condemn me; Show me wherefore thou contendest with me.
- Bible in Basic English (BBE)
- I will say to God, Do not put me down as a sinner; make clear to me what you have against me.
- Darby Translation (DBY)
- I will say unto God, Do not condemn me; shew me wherefore thou strivest with me.
- Webster's Bible (WBS)
- I will say to God, Do not condemn me; show me why thou contendest with me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I say unto God, 'Do not condemn me, Let me know why Thou dost strive [with] me.
Read in context
- 1मेरा प्राण जीवित रहने से उकताता है; मैं स्वतंत्राता पूर्वक कुड़कुड़ाऊंगा; और मैं अपने मन की कड़वाहट के मारे बातें करूंगा।
- 2मै ईश्वर से कहूंगा, मुझे दोषी न ठहरा; मुझे बता दे, कि तू किस कारण मूझ से मुक़ मा लड़ता है?
- 3क्या तुझे अन्धेर करना, और दुष्टों की युक्ति को सुफल करके अपने हाथों के बनाए हुए को निकम्मा जानना भला लगता है?
- 4क्या तेरी देश्धारियों की सी बांखें है? और क्या तेरा देखना मनुष्य का सा है?
Cross references
- Psalm 139:23–24 भजन संहिता 139:23–24हे ईश्वर, मुझे जांचकर जान ले! मुझे परखकर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!
- Job 9:29 अय्यूब 9:29मैं तो दोषी ठहरूंगा; फिर व्यर्थ क्यों परिश्रम करूं?
- Psalm 143:2 भजन संहिता 143:2और अपने दास से मुक मा न चला! क्योंकि कोई प्राणी तेरी दृष्टि में निर्दोष नहीं ठहर सकता।।
- Psalm 38:1–8 भजन संहिता 38:1–8हे यहोवा क्रोध में आकर मुझे झिड़क न दे, और न जलजलाहट में आकर मेरी ताड़ना कर! क्योंकि तेरे तीर मुझ में लगे हैं, और मैं तेरे हाथ के नीचे दबा हूं। तेरे क्रोध के कारण मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नहीं; और मेरे पाप के कारण मेरी हडि्डयों में कुछ भी चैन नहीं। क्योंकि मेरे अधर्म के कामों में मेरा सिर डूब गया, और वे भारी बोझ की नाई मेरे सहने से बाहर हो गए हैं।। मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं। मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शौक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं। क्योंकि मेरी कमर में जलन है, और मेरे शरीर में आरोग्यता नहीं। मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।।
- Romans 8:1 रोमियों 8:1सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं बरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।
- Psalm 6:1–4 भजन संहिता 6:1–4हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डांट, और न झुंझलाहट में मुझे ताड़ना दे। हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूं; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हडि्डयों में बेचैनी है। मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक? लौट आ, हे यहोवा, और मेरे प्राण बचा अपनी करूणा के निमित्त मेरा उद्धार कर।
- Job 8:5–6 अय्यूब 8:5–6तौभी यदि तू आप ईश्वर को यत्न से ढूंढ़ता, और सर्वशक्तिमान से गिड़गिड़ाकर बिनती करता, और यदि तू निर्मल और धम रहता, तो निश्चय वह तेरे लिये जागता; और तेरी धर्मिकता का निवास फिर ज्यों का त्यों कर देता।
- Psalm 109:21 भजन संहिता 109:21परन्तु मुझ से हे यहोवा प्रभु, तू अपने नाम के निमित्त बर्ताव कर; तेरी करूणा तो बड़ी है, सो तू मुझे छुटकारा दे!
- Lamentations 5:16–17 विलापगीत 5:16–17हमारे सिर पर का मुकुट गिर पड़ा हे; हम पर हाय, क्योंकि हम ने पाप किया है! इस कारण हमारा हृदय निर्बल हो गया है, इन्हीं बातों से हमारी आंखें धुंधली पड़ गई हैं,
- Job 34:31–32 अय्यूब 34:31–32क्या किसी ने कभी ईश्वर से कहा, कि मैं ने दणड सहा, अब मैं भविष्य में बुराई न करूंगा, जो कुछ मुझे नहीं सूझ पड़ता, वह तू मुझे सिखा दे; और यदि मैं ने टेढ़ा काम किया हो, तो भविष्य में वैसा न करूंगा?
- Psalm 25:7 भजन संहिता 25:7हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।।
- 1 Corinthians 11:31–32 1 कुरिन्थियों 11:31–32यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्ड न पाते। परन्तु प्रभु हमें दण्ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें।