Job · chapter 14 · verse 19
Job 14:19 in Hindi
और पत्थर जल से घिस जाते हैं, और भूमि की धूलि उसकी बाढ़ से बहाई जाती है; उसी प्रकार तू मनुष्य की आशा को मिटा देता है।
Aur patthar jal se ghis jaate haim, aur bhoomi kee dhooli usakee baadh se bahaaee jaatee hai; usee prakaar too manushy kee aashaa ko mitaa detaa hai.
Job 14:19 in English
- King James Version (KJV)
- The waters wear the stones: thou washest away the things which grow [out] of the dust of the earth; and thou destroyest the hope of man.
- World English Bible (WEB)
- The waters wear the stones. The torrents of it wash away the dust of the earth. So you destroy the hope of man.
- American Standard Version (ASV)
- The waters wear the stones; The overflowings thereof wash away the dust of the earth: So thou destroyest the hope of man.
- Bible in Basic English (BBE)
- The stones are crushed small by the force of the waters; the dust of the earth is washed away by their overflowing: and so you put an end to the hope of man.
- Darby Translation (DBY)
- The waters wear the stones, the floods thereof wash away the dust of the earth; and thou destroyest the hope of man.
- Webster's Bible (WBS)
- The waters wear the stones: thou washest away the things which grow [out] of the dust of the earth; and thou destroyest the hope of man.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Stones have waters worn away, Their outpourings wash away the dust of earth, And the hope of man Thou hast destroyed.
Read in context
- 17मेरे अपराध छाप लगी हुई थैली में हैं, और तू ने मेरे अधर्म को सी रखा है।
- 18और निश्चय पहाड़ भी गिरते गिरते नाश हो जाता है, और चट्टान अपने स्थान से हट जाती है;
- 19और पत्थर जल से घिस जाते हैं, और भूमि की धूलि उसकी बाढ़ से बहाई जाती है; उसी प्रकार तू मनुष्य की आशा को मिटा देता है।
- 20तू सदा उस पर प्रबल होता, और वह जाता रहता है; तू उसका चिहरा बिगाड़कर उसे निकाल देता है।
- 21उसके पुत्रों की बड़ाई होती है, और यह उसे नहीं सूझता; और उनकी घटी होती है, परन्तु वह उनका हाल नहीं जानता।
Cross references
- Job 7:6 अय्यूब 7:6मेरे दिन जुलाहे की धड़की से अधिक फुत से चलनेवाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं।
- Job 27:8 अय्यूब 27:8जब ईश्वर भक्तिहीन मनुष्य का प्राण ले ले, तब यद्यपि उस ने धन भी प्राप्त किया हो, तौभी उसकी क्या आशा रहेगी?
- Job 19:10 अय्यूब 19:10उस ने चारों ओर से मुझे तोड़ दिया, बस मैं जाता रहा, और मेरा आसरा उस ने वृक्ष की नाई उखाड़ डाला है।
- Luke 12:19–20 लूका 12:19–20और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?
- Genesis 7:21–23 उत्पत्ति 7:21–23और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या बनैले पशु, और पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी मे बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए। जो जो स्थल पर थे उन में से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे। और क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगनेवाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, जो जो भूमि पर थे, सो सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल नूह, और जितने उसके संग जहाज में थे, वे ही बच गए।
- Psalm 30:6–7 भजन संहिता 30:6–7मैं ने तो चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का। हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।।
- Genesis 6:17 उत्पत्ति 6:17और सुन, मैं आप पृथ्वी पर जलप्रलय करके सब प्राणियों को, जिन में जीवन की आत्मा है, आकाश के नीचे से नाश करने पर हूं: और सब जो पृथ्वी पर है मर जाएंगे।
- Ezekiel 37:11 यहेजकेल 37:11फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, ये हडि्डयां इस्राएल के सारे घराने की उपमा हैं। वे कहत हैं, हमारी हडि्डयां सूख गई, और हमारी आशा जाती रही; हम पूरी रीति से कट चूके हैं।