Job · chapter 27 · verse 8
Job 27:8 in Hindi
जब ईश्वर भक्तिहीन मनुष्य का प्राण ले ले, तब यद्यपि उस ने धन भी प्राप्त किया हो, तौभी उसकी क्या आशा रहेगी?
Jab eeshvar bhaktiheen manushy kaa praan le le, tab yadyapi us ne dhan bhee praapt kiyaa ho, taubhee usakee kyaa aashaa rahegee?
Job 27:8 in English
- King James Version (KJV)
- For what [is] the hope of the hypocrite, though he hath gained, when God taketh away his soul?
- World English Bible (WEB)
- For what is the hope of the godless, when he is cut off, when God takes away his life?
- American Standard Version (ASV)
- For what is the hope of the godless, though he get him gain, When God taketh away his soul?
- Bible in Basic English (BBE)
- For what is the hope of the sinner when he is cut off, when God takes back his soul?
- Darby Translation (DBY)
- For what is the hope of the ungodly, when [God] cutteth him off, when God taketh away his soul?
- Webster's Bible (WBS)
- For what [is] the hope of the hypocrite, though he hath gained, when God taketh away his soul?
- Young's Literal Translation (YLT)
- For what [is] the hope of the profane, When He doth cut off? When God doth cast off his soul?
Read in context
- 6मैं अपना धर्म पकड़े हुए हूँ और उसको हाथ से जाने न दूंगा; क्योंकि मेरा मन जीवन भर मुझे दोषी नहीं ठहराएगा।
- 7मेरा शत्रु दुष्टों के समान, और जो मेरे विरूद्ध उठता है वह कुटिलों के तुल्य ठहरे।
- 8जब ईश्वर भक्तिहीन मनुष्य का प्राण ले ले, तब यद्यपि उस ने धन भी प्राप्त किया हो, तौभी उसकी क्या आशा रहेगी?
- 9जब वह संकट में पड़े, तब क्या ईश्वर उसकी दोहाई सुनेगा?
- 10क्या वह सर्वशक्तिमान में सुख पा सकेगा, और हर समय ईश्वर को पुकार सकेगा?
Cross references
- Matthew 16:26 मत्ती 16:26यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हाति उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?
- Job 8:13 अय्यूब 8:13ईश्वर के सब बिसरानेवालों की गति ऐसी ही होती है और भक्तिहीन की आशा टूट जाती है।
- Job 11:20 अय्यूब 11:20परन्तु दुष्ट लोगों की आंखें रह जाएंगी, और उन्हें कोई शरूण स्थान न मिलेगा और उनकी आशा यही होगी कि प्राण निकल जाए।
- Luke 12:20–21 लूका 12:20–21परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा? ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं।।
- 1 Timothy 6:9–10 1 तीमुथियुस 6:9–10पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
- Job 31:3 अय्यूब 31:3क्या वह कुटिल मनुष्यों के लिये विपत्ति और अनर्थ काम करनेवालों के लिये सत्यानाश का कारण नहीं है?
- James 5:1–3 याकूब 5:1–3हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ। तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्त्रों को कीड़े खा गए। तुम्हारे सोने-चान्दी में काई लग गई है; और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाईं तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्तिम युग में धन बटोरा है।
- Job 15:34 अय्यूब 15:34क्योंकि भक्तिहीन के परिवार से कुछ बन न पड़ेगा, और जो घूस लेते हैं, उनके तम्बू आग से जल जाएंगे।
- Mark 8:36–37 मरकुस 8:36–37यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? और मनुष्य अपने प्राण के बदले क्या देगा?
- Isaiah 33:14–15 यशायाह 33:14–15सिरयोन के पापी थरथरा गए हैं: भक्तिहीनों को कंपकंपी लगी है: हम में से कोन प्रचण्ड आग में रह सकता? हम में से कौन उस आग में बना रह सकता है जो कभी नहीं बुझेगी? जो धर्म से चलता और सीधी बातें बोलता; जो अन्धेर के लाभ से घृणा करता, जो घूस नही लेता; जो खून की बात सुनने से कान बन्द करता, और बुराई देखने से आंख मूंद लेता है। वही ऊंचे स्थानों में निवास करेगा।
- Matthew 23:13 मत्ती 23:13हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उस में प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो।।
- Job 20:5 अय्यूब 20:5कि दुष्टों का ताली बजाना जल्दी बन्द हो जाता और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है?