Job · chapter 20 · verse 12
Job 20:12 in Hindi
चाहे बुराई उसको मीठी लगे, और वह उसे अपनी जीभ के नीचे छिपा रखे,
Chaahe buraaee usako meethee lage, aur vah use apanee jeebh ke neeche chhipaa rakhe,
Job 20:12 in English
- King James Version (KJV)
- Though wickedness be sweet in his mouth, [though] he hide it under his tongue;
- World English Bible (WEB)
- “Though wickedness is sweet in his mouth, though he hide it under his tongue,
- American Standard Version (ASV)
- Though wickedness be sweet in his mouth, Though he hide it under his tongue,
- Bible in Basic English (BBE)
- Though evil-doing is sweet in his mouth, and he keeps it secretly under his tongue;
- Darby Translation (DBY)
- Though wickedness be sweet in his mouth [and] he hide it under his tongue,
- Webster's Bible (WBS)
- Though wickedness may be sweet in his mouth, [though] he may hide it under his tongue;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Though he doth sweeten evil in his mouth, Doth hide it under his tongue,
Read in context
- 10उसके लड़केबाले कंगालों से भी बिनती करेंगे, और वह अपना छीना हुआ माल फेर देगा।
- 11उसकी हडि्डयों में जवानी का बल भरा हुआ है परन्तु वह उसी के साथ मिट्टी में मिल जाएगा।
- 12चाहे बुराई उसको मीठी लगे, और वह उसे अपनी जीभ के नीचे छिपा रखे,
- 13और वह उसे बचा रखे और न छोड़े, वरन उसे अपने तालू के बीच दबा रखे,
- 14तौभी उसका भोजन उसके पेट में पलटेगा, वह उसके अन्दर नाग का सा विष बन जाएगा।
Cross references
- Psalm 10:7 भजन संहिता 10:7उसका मुंह शाप और छल और अन्धेर से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुंह में हैं।
- Job 15:16 अय्यूब 15:16फिर मनुष्य अधिक घिनौना और मलीन है जो कुटिलता को पानी की नाई पीता है।
- Ecclesiastes 11:9 सभोपदेशक 11:9हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों के मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आंखों की दृष्टि के अनुसार चल। परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय में परमेश्वर तेरा न्याय करेगा।।
- Genesis 3:6 उत्पत्ति 3:6सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उस ने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उस ने भी खाया।
- Proverbs 20:17 नीतिवचन 20:17चोरी- छिपे की रोटी मनुष्य को मीठी तो लगती है, परन्तु पीछे उसका मुंह कंकड़ से भर जाता है।
- Psalm 109:17–18 भजन संहिता 109:17–18वह शाप देने में प्रीति रखता था, और शाप उस पर आ पड़ा; वह आशीर्वाद देने से प्रसन्न न होता था, सो आर्शीवाद उस से दूर रहा। वह शाप देना वस्त्रा की नाई पहिनता था, और वह उसके पेट में जल की नाई और उसकी हडि्डयों में तेल की नाई समा गया।
- Proverbs 9:17–18 नीतिवचन 9:17–18चोरी का पानी मीठा होता है, और लुके छिपे की रोटी अच्छी लगती है। और वह नहीं जानता है, कि वहां मरे हुए पड़े हैं, और उस स्त्री के नेवतहारी अधोलोक के निचले स्थानों में पहुंचे हैं।।