Proverbs · chapter 20 · verse 17
Proverbs 20:17 in Hindi
चोरी- छिपे की रोटी मनुष्य को मीठी तो लगती है, परन्तु पीछे उसका मुंह कंकड़ से भर जाता है।
Choree- chhipe kee rotee manushy ko meethee to lagatee hai, parantu peechhe usakaa munh kankad se bhar jaataa hai.
Proverbs 20:17 in English
- King James Version (KJV)
- Bread of deceit [is] sweet to a man; but afterwards his mouth shall be filled with gravel.
- World English Bible (WEB)
- Fraudulent food is sweet to a man, but afterwards his mouth is filled with gravel.
- American Standard Version (ASV)
- Bread of falsehood is sweet to a man; But afterwards his mouth shall be filled with gravel.
- Bible in Basic English (BBE)
- Bread of deceit is sweet to a man; but after, his mouth will be full of sand.
- Darby Translation (DBY)
- Bread of falsehood is sweet to a man, but afterwards his mouth shall be filled with gravel.
- Webster's Bible (WBS)
- Bread of deceit [is] sweet to a man; but afterwards his mouth shall be filled with gravel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Sweet to a man [is] the bread of falsehood, And afterwards is his mouth filled [with] gravel.
Read in context
- 15सोना और बहुत से मूंगे तो हैं; परन्तु ज्ञान की बातें अनमोल मणी ठहरी हैं।
- 16जो अनजाने का उत्तरदायी हुआ उसका कपड़ा, और जो पराए का उत्तरदायी हुआ उस से बंघक की वस्तु ले रख।
- 17चोरी- छिपे की रोटी मनुष्य को मीठी तो लगती है, परन्तु पीछे उसका मुंह कंकड़ से भर जाता है।
- 18सब कल्पनाएं सम्मत्ति ही से स्थिर होती हैं; और युक्ति के साथ युद्ध करना चाहिये।
- 19जो लुतराई करता फिरता है वह भेद प्रगट करता है; इसलिये बकवादी से मेल जोल न रखना।
Cross references
- Ecclesiastes 11:9 सभोपदेशक 11:9हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों के मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आंखों की दृष्टि के अनुसार चल। परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय में परमेश्वर तेरा न्याय करेगा।।
- Proverbs 9:17–18 नीतिवचन 9:17–18चोरी का पानी मीठा होता है, और लुके छिपे की रोटी अच्छी लगती है। और वह नहीं जानता है, कि वहां मरे हुए पड़े हैं, और उस स्त्री के नेवतहारी अधोलोक के निचले स्थानों में पहुंचे हैं।।
- Job 20:12–20 अय्यूब 20:12–20चाहे बुराई उसको मीठी लगे, और वह उसे अपनी जीभ के नीचे छिपा रखे, और वह उसे बचा रखे और न छोड़े, वरन उसे अपने तालू के बीच दबा रखे, तौभी उसका भोजन उसके पेट में पलटेगा, वह उसके अन्दर नाग का सा विष बन जाएगा। उस ने जो धन निगल लिया है उसे वह फिर उगल देगा; ईश्वर उसे उसके पेट में से निकाल देगा। वह नागों का विष चूस लेगा, वह करैत के डसने से मर जाएगा। वह नदियों अर्थात् मधु और दही की नदियों को देखने न पाएगा। जिसके लिये उस ने परिश्रम किया, उसको उसे लौटा देना पड़ेगा, और वह उसे निगलने न पाएगा; उसकी मोल ली हुई वस्तुओं से जितना आनन्द होना चाहिये, उतना तो उसे न मिलेगा। क्योंकि उस ने कंगालों को पीसकर छोड़ दिया, उस ने घर को छीन लिया, उसको वह बढ़ाने न पाएगा। लालसा के मारे उसको कभी शान्ति नहीं मिलती थी, इसलिये वह अपनी कोई मनभावनी वस्तु बचा न सकेगा।
- Lamentations 3:15–16 विलापगीत 3:15–16उस ने मुझे कठिन दु:ख से भर दिया, और नागदौना पिलाकर तृप्त किया है। उस ने मेरे दांतों को कंकरी से तोड़ डाला, और मुझे राख से ढांप दिया है;
- Hebrews 11:25 इब्रानियों 11:25इसलिये कि उसे पाप में थोड़े दिन के सुख भोगने से परमेश्वर के लोगों के साथ दुख भोगना और उत्तम लगा।
- Proverbs 4:17 नीतिवचन 4:17वे तो दुष्टता से कमाई हुई रोटी खाते, और उपद्रव के द्वारा पाया हुआ दाखमधु पीते हैं।
- Genesis 3:6–7 उत्पत्ति 3:6–7सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उस ने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उस ने भी खाया। तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उनको मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्हों ने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।