Job · chapter 20 · verse 29
Job 20:29 in Hindi
परमेश्वर की ओर से दुष्ट मनुष्य का अंश, और उसके लिये ईश्वर का ठहराया हुआ भाग यही है।
Parameshvar kee or se dusht manushy kaa ansh, aur usake liye eeshvar kaa thaharaayaa huaa bhaag yahee hai.
Job 20:29 in English
- King James Version (KJV)
- This [is] the portion of a wicked man from God, and the heritage appointed unto him by God.
- World English Bible (WEB)
- This is the portion of a wicked man from God, the heritage appointed to him by God.”
- American Standard Version (ASV)
- This is the portion of a wicked man from God, And the heritage appointed unto him by God.
- Bible in Basic English (BBE)
- This is the reward of the evil man, and the heritage given to him by God.
- Darby Translation (DBY)
- This is the portion of the wicked man from God, and the heritage appointed to him by God.
- Webster's Bible (WBS)
- This [is] the portion of a wicked man from God, and the heritage appointed to him by God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- This [is] the portion of a wicked man from God. And an inheritance appointed him by God.
Read in context
- 27आकाश उसका अथर्म प्रगट करेगा, और पृथ्वी उसके विरूद्ध खड़ी होगी।
- 28उसके घर की बढ़ती जाती रहेगी, वह उसके क्रोध के दिन बह जाएगी।
- 29परमेश्वर की ओर से दुष्ट मनुष्य का अंश, और उसके लिये ईश्वर का ठहराया हुआ भाग यही है।
Cross references
- Job 27:13 अय्यूब 27:13दुष्ट पनुष्य का भाग ईश्वर की ओर से यह है, और बलात्कारियों का अंश जो वे सर्वशक्तिमान के हाथ से पाते हैं, वह यह है, कि
- Job 31:2–3 अय्यूब 31:2–3क्योंकि ईश्वर स्वर्ग से कौन सा अंश और सर्वशक्तिमान ऊपर से कौन सी सम्पत्ति बांटता है? क्या वह कुटिल मनुष्यों के लिये विपत्ति और अनर्थ काम करनेवालों के लिये सत्यानाश का कारण नहीं है?
- Psalm 11:5–6 भजन संहिता 11:5–6यहोवा धर्मीं को परखता है, परन्तु वह उन से जो दुष्ट हैं और उपद्रव से प्रीति रखते हैं अपनी आत्मा में घृणा करता है। वह दुष्टों पर फन्दे बरसाएगा; आग और गन्धक और प्रचण्ड लूह उनके कटोरों में बांट दी जाएंगी।
- Job 18:21 अय्यूब 18:21निेसन्देह कुटिल लोगों के निवास ऐसे हो जाते हैं, और जिसको ईश्वर का ज्ञान नहीं रहता उसका स्थान ऐसा ही हो जाता है।
- Matthew 24:51 मत्ती 24:51और ऐसी घड़ी कि वह न जानता हो, और उसे भारी ताड़ना देकर, उसका भाग कपटियों के साथ ठहराएगा: वहां रोना और दांत पीसना होगा॥
- Lamentations 3:38 विलापगीत 3:38विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते?
- Deuteronomy 29:20–28 व्यवस्थाविवरण 29:20–28यहोवा उसका पाप क्षमा नहीं करेगा, वरन यहोवा के कोप और जलन का धुंआ उसको छा लेगा, और जितने शाप इस पुस्तक में लिखें हैं वे सब उस पर आ पड़ेंगे, और यहोवा उसका नाम धरती पर से मिटा देगा। और व्यवस्था की इस पुस्तक में जिस वाचा की चर्चा है उसके सब शापों के अनुसार यहोवा उसको इस्राएल के सब गोत्रों में से हानि के लिये अलग करेगा। और आनेवाली पीढ़ियों में तुम्हारे वंश के लोग जो तुम्हारे बाद उत्पन्न होंगे, और परेदेशी मनुष्य भी जो दूर देश से आएंगे, वे उस देश की विपत्तियों और उस में यहोवा के फैलाए हुए रोग देखकर, और यह भी देखकर कि इसकी सब भूमि गन्धक और लोन से भर गई है, और यहां तक जल गई है कि इस में न कुछ बोया जाता, और न कुछ जम सकता, और न घास उगती है, वरन सदोम और अमोरा, अदमा और सबोयीम के समान हो गया है जिन्हें यहोवा ने अपने कोप और जलजलाहट में उलट दिया था; और सब जातियों के लोग पूछेंगे, कि यहोवा ने इस देश से ऐसा क्यों किया? और इस बड़े कोप के भड़कने का क्या कारण है? तब लोग यह उत्तर देंगे, कि उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने जो वाचा उनके साथ मि देश से निकालने के समय बान्धी थी उसको उन्हों ने तोड़ा है। और पराए देवताओं की उपासना की है जिन्हें वे पहिले नहीं जानते थे, और यहोवा ने उनको नहीं दिया था; इसलिये यहोवा का कोप इस देश पर भड़क उठा है, कि पुस्तक मे लिखे हुए सब शाप इस पर आ पडें; और यहोवा ने कोप, और जलजलाहट, और बड़ा ही क्रोध करके उन्हें उनके देश में से उखाड़ कर दूसरे देश में फेंक दिया, जैसा कि आज प्रगट है।।