Job · chapter 21 · verse 23
Job 21:23 in Hindi
कोई तो अपने पूरे बल में बड़े चैन और सुख से रहता हुआ मर जाता है।
Koee to apane poore bal mem bade chain aur sukh se rahataa huaa mar jaataa hai.
Job 21:23 in English
- King James Version (KJV)
- One dieth in his full strength, being wholly at ease and quiet.
- World English Bible (WEB)
- One dies in his full strength, being wholly at ease and quiet.
- American Standard Version (ASV)
- One dieth in his full strength, Being wholly at ease and quiet:
- Bible in Basic English (BBE)
- One comes to his end in complete well-being, full of peace and quiet:
- Darby Translation (DBY)
- One dieth in his full strength, being wholly at ease and quiet;
- Webster's Bible (WBS)
- One dieth in his full strength, being wholly at ease and quiet.
- Young's Literal Translation (YLT)
- This [one] dieth in his perfect strength, Wholly at ease and quiet.
Read in context
- 21क्योंकि जब उसके महीनों की गिनती कट चुकी, तो अपने बादवाले घराने से उसका क्या काम रहा।
- 22क्या ईश्वर को कोई ज्ञान सिखाएगा? वह तो ऊंचे पद पर रहनेवालों का भी न्याय करता है।
- 23कोई तो अपने पूरे बल में बड़े चैन और सुख से रहता हुआ मर जाता है।
- 24उसकी दोहनियां दूध से और उसकी हडि्डयां गूदे से भरी रहती हैं।
- 25और कोई अपने जीव में कुढ़ कुढ़कर बिना सुख भोगे मर जाता है।
Cross references
- Luke 12:19–21 लूका 12:19–21और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा? ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं।।
- Job 20:22–23 अय्यूब 20:22–23पूरी सम्पत्ति रहते भी वह सकेती में पड़ेगा; तब सब दु:खियों के हाथ उस पर उठेंगे। ऐसा होगा, कि उसका पेट भरने के लिये ईश्वर अपना क्रोध उस पर भड़काएगा, और रोटी खाने के समय वह उस पर पड़ेगा।
- Psalm 49:17 भजन संहिता 49:17क्योंकि वह मर कर कुछ भी साथ न ले जाएगा; न उसका विभव उसके साथ कब्र में जाएगा।
- Psalm 73:4–5 भजन संहिता 73:4–5क्योंकि उनकी मृत्यु में बेधनाएं नहीं होतीं, परन्तु उनका बल अटूट रहता है। उनको दूसरे मनुष्यों की नाईं कष्ट नहीं होता; और और मनुष्यों के समान उन पर विपत्ति नहीं पड़ती।