Job · chapter 21 · verse 25
Job 21:25 in Hindi
और कोई अपने जीव में कुढ़ कुढ़कर बिना सुख भोगे मर जाता है।
Aur koee apane jeev mem kudh kudhakar binaa sukh bhoge mar jaataa hai.
Job 21:25 in English
- King James Version (KJV)
- And another dieth in the bitterness of his soul, and never eateth with pleasure.
- World English Bible (WEB)
- Another dies in bitterness of soul, and never tastes of good.
- American Standard Version (ASV)
- And another dieth in bitterness of soul, And never tasteth of good.
- Bible in Basic English (BBE)
- And another comes to his end with a bitter soul, without ever tasting good.
- Darby Translation (DBY)
- And another dieth in bitterness of soul, and hath not tasted good:
- Webster's Bible (WBS)
- And another dieth in the bitterness of his soul, and never eateth with pleasure.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And this [one] dieth with a bitter soul, And have not eaten with gladness.
Read in context
- 23कोई तो अपने पूरे बल में बड़े चैन और सुख से रहता हुआ मर जाता है।
- 24उसकी दोहनियां दूध से और उसकी हडि्डयां गूदे से भरी रहती हैं।
- 25और कोई अपने जीव में कुढ़ कुढ़कर बिना सुख भोगे मर जाता है।
- 26वे दोनों बराबर मिट्टी में मिल जाते हैं, और कीड़े उन्हें ढांक लेते हैं।
- 27देखो, मैं तुम्हारी कल्पनाएं जानता हूँ, और उन युक्तियों को भी, जो तुम मेरे विषय में अन्याय से करते हो।
Cross references
- Ezekiel 4:16–17 यहेजकेल 4:16–17फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा; सो वहां के लोग तौल तोलकर और चिन्ता कर करके रोटी खाया करेंगे; और माप मापकर और विस्मित हो होकर पानी पिया करेंगे। और इस से उन्हें रोटी और पानी की घटी होगी; और वे सब के सब घबराएंगे, और अपने अधर्म में फंसे हुए सूख् जाएंगे।
- Job 7:11 अय्यूब 7:11इसलिये मैं अपना मुंह बन्द न रखूंगा; अपने मन का खेद खोलकर कहूंगा; और अपने जीव की कड़ुवाहट के कारण कुड़कुड़ाता रहूंगा।
- Job 20:23 अय्यूब 20:23ऐसा होगा, कि उसका पेट भरने के लिये ईश्वर अपना क्रोध उस पर भड़काएगा, और रोटी खाने के समय वह उस पर पड़ेगा।
- Ecclesiastes 6:2 सभोपदेशक 6:2किसी मनुष्य को परमेश्वर धन सम्पत्ति और प्रतिष्ठा यहां तक देता है कि जो कुछ उसका मन चाहता है उसे उसकी कुछ भी घटी नहीं होती, तौभी परमशॆवर उसको उस में से खाने नहीं देता, कोई दूसरा की उसे खाता है; यह व्यर्थ और भयानक दु:ख है।
- 2 Samuel 17:8 2 शमूएल 17:8फिर हूशै ने कहा, तू तो अपने पिता और उसके जनों को जानता है कि वे शूरवीर हैं, और बच्चा छीनी हुई रीछनी के समान फ्रोधित होंगे। और तेरा पिता योठ्ठा है; और और लोगो के साथ रात नहीं बिताता।
- Job 3:20 अय्यूब 3:20दु:खियों को उजियाला, और उदास मनवालों को जीवन क्यों दिया जाता है?
- 1 Kings 17:12 1 राजा 17:12उस ने कहा, तेरे परमेश्वर यहोवा के जीवन की शपथ मेरे पास एक भी रोटी नहीं है केवल घड़े में मुट्ठी भर मैदा और कुप्पी में थोड़ा सा तेल है, और मैं दो एक लकड़ी बीनकर लिए जाती हूँ कि अपने और अपने बेटे के लिये उसे पकाऊं, और हम उसे खाएं, फिर मर जाएं।
- Job 10:1 अय्यूब 10:1मेरा प्राण जीवित रहने से उकताता है; मैं स्वतंत्राता पूर्वक कुड़कुड़ाऊंगा; और मैं अपने मन की कड़वाहट के मारे बातें करूंगा।
- Isaiah 38:15–17 यशायाह 38:15–17मैं क्या कहूं? उसी ने मुझ से प्रतिज्ञा की और पूरा भी किया है। मैं जीवन भर कडुआहट के साथ धीरे धीरे चलता रहूंगा।। हे प्रभु, इन्हीं बातों से लोग जीवित हैं, और इन सभों से मेरी आत्मा को जीवन मिलता है। तू मुझे चंगा कर और मुझे जीवित रख! देख, शान्ति ही के लिये मुझे बड़ी कडुआहट मिली; परन्तु तू ने स्नेह करके मुझे विनाश के गड़हे से निकाला है, क्योंकि मेरे सब पापों को तू ने अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है।
- Proverbs 14:10 नीतिवचन 14:10मन अपना ही दु:ख जानता है, और परदेशी उसके आनन्द में हाथ नहीं डाल सकता।
- Ezekiel 12:18 यहेजकेल 12:18हे मनुष्य के सन्तान, कांपते हुए अपनी रोटी खाना और थरथराते और चिन्ता करते हुए अपना पानी पीना;
- Job 9:18 अय्यूब 9:18वह मुझे सांस भी लेने नहीं देता है, और मुझे कड़वाहट से भरता है।