Job · chapter 6 · verse 25
Job 6:25 in Hindi
सच्चाई के वचनों में कितना प्रभाव होता है, परन्तु तुम्हारे विवाद से क्या लाभ होता है?
Sachchaaee ke vachanom mem kitanaa prabhaav hotaa hai, parantu tumhaare vivaad se kyaa laabh hotaa hai?
Job 6:25 in English
- King James Version (KJV)
- How forcible are right words! but what doth your arguing reprove?
- World English Bible (WEB)
- How forcible are words of uprightness! But your reproof, what does it reprove?
- American Standard Version (ASV)
- How forcible are words of uprightness! But your reproof, what doth it reprove?
- Bible in Basic English (BBE)
- How pleasing are upright words! but what force is there in your arguments?
- Darby Translation (DBY)
- How forcible are right words! but what doth your upbraiding reprove?
- Webster's Bible (WBS)
- How forcible are right words! but what doth your arguing reprove?
- Young's Literal Translation (YLT)
- How powerful have been upright sayings, And what doth reproof from you reprove?
Read in context
- 23वा मुझे सतानेवाले के हाथ से बचाओ? वा उपद्रव करनेवालों के वश से छुड़ा लो?
- 24मुझे शिक्षा दो और मैं चुप रहूंगा; और मुझे समझाओ, कि मैं ने किस बान में चूक की है।
- 25सच्चाई के वचनों में कितना प्रभाव होता है, परन्तु तुम्हारे विवाद से क्या लाभ होता है?
- 26क्या तुम बातें पकड़ने की कल्पना करते हो? निराश जन की बातें तो वायु की सी हैं।
- 27तुम अनाथों पर चिट्ठी डालते, और अपने मित्रा को बेचकर लाभ उठानेवाले हो।
Cross references
- Proverbs 12:18 नीतिवचन 12:18ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
- Job 13:5 अय्यूब 13:5भला होता, कि तुम बिलकुल चुप रहते, और इस से तुम बुध्दिमान ठहरते।
- Job 24:25 अय्यूब 24:25क्या यह सब सच नहीं! कौन मुझे झुठलाएगा? कौन मेरी बातें निकम्मी ठहराएगा?
- Job 4:4 अय्यूब 4:4गिरते हुओं को तू ने अपनी बातों से सम्भाल लिया, और लड़खड़ाते हुए लोगों को तू ने बलवन्त किया।
- Job 21:34 अय्यूब 21:34तुम्हारे उत्तरों में तो झूठ ही पाया जाता है, इसलिये तुम क्यों मुझे व्यर्थ शान्ति देते हो?
- Proverbs 18:21 नीतिवचन 18:21जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
- Ecclesiastes 12:10–11 सभोपदेशक 12:10–11उपदेशक ने मनभावने शब्द खोजे और सीधाई से ये सच्ची बातें लिख दीं।। बुद्धिमानों के वचन पैनों के समान होते हैं, और सभाओं के प्रधानों के वचन गाड़ी हुई कीलों के समान हैं, क्योंकि एक ही चरवाहे की ओर से मिलते हैं।
- Proverbs 16:21–24 नीतिवचन 16:21–24जिसके हृदय में बुद्धि है, वह समझवाला कहलाता है, और मधुर वाणी के द्वारा ज्ञान बढ़ता है। जिसके बुद्धि है, उसके लिये वह जीवन का सोता है, परन्तु मूढ़ों को शिक्षा देना मूढ़ता ही होती है। बुद्धिमान का मन उसके मुंह पर भी बुद्धिमानी प्रगट करता है, और उसके वचन में विद्या रहती है। मनभावने वचन मधुभरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हडि्डयों को हरी- भरी करते हैं।
- Proverbs 25:11 नीतिवचन 25:11जैसे चान्दी की टोकरियों में सोनहले सेब हों वैसे ही ठीक समय पर कहा हुआ वचन होता है।
- Job 16:3–5 अय्यूब 16:3–5क्या व्यर्थ बातों का अन्त कभी होगा? तू कौन सी बात से झिड़ककर उत्तर देता। जो तुम्हारी दशा मेरी सी होती, तो मैं भी तुम्हारी सी बातें कर सकता; मैं भी तुम्हारे विरूद्ध बातें जोड़ सकता, और तुम्हारे विरूद्ध सिर हिला सकता। वरन मैं अपने वचनों से तुम को हियाव दिलाता, और बातों से शान्ति देकर तुम्हारा शोक घटा देता।
- Job 32:3 अय्यूब 32:3फिर अरयूब के तीनों मित्रों के विरूद्ध भी उसका क्रोध इस कारण भड़का, कि वे अरयूब को उत्तर न दे सके, तौभी उसको दोषी ठहराया।