Job · chapter 34 · verse 9
Job 34:9 in Hindi
उस ने तो कहा है, कि मनुष्य को इस से कुछ लाभ नहीं कि वह आनन्द से परमेश्वर की संगति रखे।
Us ne to kahaa hai, ki manushy ko is se kuchh laabh naheem ki vah aanand se parameshvar kee sangati rakhe.
Job 34:9 in English
- King James Version (KJV)
- For he hath said, It profiteth a man nothing that he should delight himself with God.
- World English Bible (WEB)
- For he has said, ‘It profits a man nothing that he should delight himself with God.’
- American Standard Version (ASV)
- For he hath said, It profiteth a man nothing That he should delight himself with God.
- Bible in Basic English (BBE)
- For he has said, It is no profit to a man to take delight in God.
- Darby Translation (DBY)
- For he hath said, It profiteth not a man if he delight himself in God.
- Webster's Bible (WBS)
- For he hath said, It profiteth a man nothing that he should delight himself with God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For he hath said, 'It doth not profit a man, When he delighteth himself with God.'
Read in context
- 7अरयूब के तुल्य कौन शूरवीर है, जो ईश्वर की निन्दा पानी की नाई पीता है,
- 8जो अनर्थ करनेवालों का साथ देता, और दुष्ट मनुष्यों की संगति रखता है?
- 9उस ने तो कहा है, कि मनुष्य को इस से कुछ लाभ नहीं कि वह आनन्द से परमेश्वर की संगति रखे।
- 10इसलिऐ हे समझवालो! मेरी सुनो, यह सम्भव नहीं कि ईश्वर दुष्टता का काम करे, और सर्वशकितमान बुराई करे।
- 11वह मनुष्य की करनी का फल देता है, और प्रत्येक को अपनी अपनी चाल का फल भुगताता है।
Cross references
- Job 21:14–16 अय्यूब 21:14–16तौभी वे ईश्वर से कहते थे, कि हम से दूर हो! तेरी गति जानने की हम को इच्छा नहीं रहती। सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? और जो हम उस से बिनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा? देखो, उनका कुशल उनके हाथ में नहीं रहती, दुष्ट लोगों का विचार मुझ से दूर रहे।
- Job 35:3 अय्यूब 35:3जो तू कहता है कि मुझे इस से क्या लाभ? और मुझे पापी होने में और न होने में कौन सा अधिक अन्तर है?
- Malachi 3:14 मलाकी 3:14तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
- Job 9:22–23 अय्यूब 9:22–23बात तो एक ही है, इस से मैं यह कहता हूँ कि ईश्वर खरे और दुष्ट दोनों को नाश करता है। जब लोग विपत्ति से अचानक मरने लगते हैं तब वह निदष लोगों के जांचे जाने पर हंसता है।
- Job 27:10 अय्यूब 27:10क्या वह सर्वशक्तिमान में सुख पा सकेगा, और हर समय ईश्वर को पुकार सकेगा?
- Psalm 37:4 भजन संहिता 37:4यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को मूरा करेगा।।
- Job 9:30–31 अय्यूब 9:30–31चाहे मैं हिम के जल में स्नान करूं, और अपने हाथ खार से निर्मल करूं, तैभी तू मुझे गड़हे में डाल ही देगा, और मेरे वस्त्रा भी मुझ से घिनाएंगे।
- Job 21:30 अय्यूब 21:30कि विपत्ति के दिन के लिये दुर्जन रखा जाता है; और महाप्रलय के समय के लिये ऐसे लोग बचाए जाते हैं?
- Job 22:17 अय्यूब 22:17उन्हों ने ईश्वर से कहा था, हम से दूर हो जा; और यह कि सर्वशक्तिमान हमारा क्या कर सकता है?