Job · chapter 36 · verse 33
Job 36:33 in Hindi
इसकी कड़क उसी का समाचार देती है पशु भी प्रगट करते हैं कि अन्धड़ चढ़ा आता है।
Isakee kadak usee kaa samaachaar detee hai pashu bhee pragat karate haim ki andhad chadhaa aataa hai.
Job 36:33 in English
- King James Version (KJV)
- The noise thereof sheweth concerning it, the cattle also concerning the vapour.
- World English Bible (WEB)
- Its noise tells about him, and the livestock also, concerning the storm that comes up.
- American Standard Version (ASV)
- The noise thereof telleth concerning him, The cattle also concerning [the storm] that cometh up.
- Bible in Basic English (BBE)
- The thunder makes clear his passion, and the storm gives news of his wrath.
- Darby Translation (DBY)
- His thundering declareth concerning him; the cattle even, concerning its coming.
- Webster's Bible (WBS)
- The noise of it showeth concerning it, the cattle also concerning the vapor.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He sheweth by it [to] his friend substance, Anger against perversity.
Read in context
- 31क्योंकि वह देश देश के लोगों का न्याय इन्हीं से करता है, और भोजनवस्तुएं बहुतायत से देता है।
- 32वह बिजली को अपने हाथ में लेकर उसे आज्ञा देता है कि दुश्मन पर गिरे।
- 33इसकी कड़क उसी का समाचार देती है पशु भी प्रगट करते हैं कि अन्धड़ चढ़ा आता है।
Cross references
- 2 Samuel 22:14 2 शमूएल 22:14यहोवा आकाश में से गरजा, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई।
- Job 37:2 अय्यूब 37:2उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो।
- Job 36:29 अय्यूब 36:29फिर क्या कोई बादलों का फैलना और उसके मणडल में का गरजना समझ सकता है?
- Joel 2:22 योएल 2:22हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लेगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी।
- 1 Kings 18:41–45 1 राजा 18:41–45फिर एलिरयाह ने अहाब से कहा, उठकर खा पी, क्योंकि भारी वर्षा की सनसनाहट सुन पडती है। तब अहाब खाने पीने चला गया, और एलिरयाह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया। और उस ने अपने सेवक से कहा, चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि कर देख, तब उस ने चढ़कर देखा और लौटकर कहा, कुछ नहीं दीखता। एलिरयाह ने कहा, फिर सात बार जा। सातवीं बार उस ने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा आदल उठ रहा है। एलिरयाह ने कहा, अहाब के पास जाकर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि नू वर्षा के कारण रूक जाए। थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भरी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार होकर यिज्रेल को चला।
- Jeremiah 14:4–6 यिर्मयाह 14:4–6देश में पानी न बरसने से भूमि में दरार पड़ गए हैं, इस कारण किसान लोग निराश होकर सिर ढांप लेते हैं। हरिणी भी मैदान में बच्चा जनकर छोड़ जाती है क्योंकि हरी घास नहीं मिलती। जंगली गदहे भी मुंडे टीलों पर खड़े हुए गीदड़ों की नाई हांफते हैं; उनकी आंखें धुंधला जाती हैं क्योंकि हरियाली कुछ भी नहीं है।
- Joel 1:18 योएल 1:18पशु कैसे कराहते हैं? झुण्ड के झुण्ड गाय- बैल विकल हैं, क्योंकि उनके लिये चराई नहीं रही; और झुण्ड के झुण्ड भेड़- बकरियां पाप का फल भोग रही हैं।।