Job · chapter 36 · verse 29
Job 36:29 in Hindi
फिर क्या कोई बादलों का फैलना और उसके मणडल में का गरजना समझ सकता है?
Phir kyaa koee baadalom kaa phailanaa aur usake manadal mem kaa garajanaa samajh sakataa hai?
Job 36:29 in English
- King James Version (KJV)
- Also can [any] understand the spreadings of the clouds, [or] the noise of his tabernacle?
- World English Bible (WEB)
- Indeed, can anyone understand the spreading of the clouds and the thunderings of his pavilion?
- American Standard Version (ASV)
- Yea, can any understand the spreadings of the clouds, The thunderings of his pavilion?
- Bible in Basic English (BBE)
- And who has knowledge of how the clouds are stretched out, or of the thunders of his tent?
- Darby Translation (DBY)
- But can any understand the spreadings of the clouds, [or] the crashing of his pavilion?
- Webster's Bible (WBS)
- Also can [any] understand the spreadings of the clouds, [or] the noise of his tabernacle?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Yea, doth [any] understand The spreadings out of a cloud? The noises of His tabernacle?
Read in context
- 27क्योंकि वह तो जल की बूंदें ऊपर को खींच लेता है वे कुहरे से मेंह होकर टपकती हैं,
- 28वे ऊंचे ऊंचे बादल उंडेलते हैं और मनुष्यों के ऊपर बहुतायत से बरसाते हैं।
- 29फिर क्या कोई बादलों का फैलना और उसके मणडल में का गरजना समझ सकता है?
- 30देख, वह अपने उजियाले को चहुँओर फैलाता है, और समुद्र की थाह को ढांपता है।
- 31क्योंकि वह देश देश के लोगों का न्याय इन्हीं से करता है, और भोजनवस्तुएं बहुतायत से देता है।
Cross references
- Job 37:16 अय्यूब 37:16क्या तू घटाओं का तौलना, वा सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म जानता है?
- Job 37:2–5 अय्यूब 37:2–5उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो। वह उसको सारे आकाश के तले, और अपनी बिजली को पृथ्वी की छोर तक भेजता है। उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाई देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है। ईश्वर गरजकर अपना शब्द अदभ़ुत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिनको हम नहीं समझते।
- Job 38:37 अय्यूब 38:37कौन बुध्दि से बादलों को गिन सकता है? और कौन आकाश के कुप्पों को उणडेल सकता है,
- Job 26:14 अय्यूब 26:14देखो, ये तो उसकी गति के किनारे ही हैं; और उसकी आहट फुसफुसाहट ही सी तो सुन पड़ती है, फिर उसके पराक्रम के गरजने का भेद कौन समझ सकता है?
- Psalm 104:3 भजन संहिता 104:3जो अपनी अटारियों की कड़ियां जल में धरता है, और मेघों को अपना रथ बनाता है, और पवन के पंखों पर चलता है,
- Psalm 29:3–10 भजन संहिता 29:3–10यहोवा की वाणी मेघों के ऊपर सुन पड़ती है; प्रतामी ईश्वर गरजता है, यहोवा घने मेघों के ऊपर रहता है। यहोवा की वाणी शक्तिशाली है, यहोवा की वाणी प्रतापमय है। यहोवा की वाणी देवदारों को तोड़ डालती है; यहोवा लबानोन के देवदारों को भी तोड़ डालता है। वह उन्हें बछड़े की नाई और लबानोन और शिर्योन को जंगली बछड़े के समान उछालता है।। यहोवा की वाणी आग की लपटों को चीरती है। यहोवा की वाणी वन को हिला देती है, यहोवा कादेश के वन को भी कंपाता है।। यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है; और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।। जलप्रलय के समय यहोवा विराजमान था; और यहोवा सर्वदा के लिये राजा होकर विराजमान रहता है।
- Nahum 1:3 नहूम 1:3यहोवा विलम्ब से क्रोध करनेवाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा।। यहोवा बवंडर और आंधी में होकर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।
- Job 38:9 अय्यूब 38:9जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लमेट दिया,
- Psalm 77:16–19 भजन संहिता 77:16–19हे परमेश्वर समुद्र ने तुझे देखा, समुद्र तुझे देखकर ड़र गया, गहिरा सागर भी कांप उठा। मेघों से बड़ी वर्षा हुई; आकाश से शब्द हुआ; फिर तेरे तीर इधर उधर चले। बवणडर में तेरे गरजने का शब्द सुन पड़ा था; जगत बिजली से प्रकाशित हुआ; पृथ्वी कांपी और हिल गई। तेरे मार्ग समुद्र में है, और तेरा रास्ता गहिरे जल में हुआ; और तेरे पांवों के चिन्ह मालम नहीं होते।
- Habakkuk 3:10 हबक्कूक 3:10पहाड़ तुझे देखकर कांप उठे; आंधी और जलप्रलय निकल गए; गहिरा सागर बोल उठा और अपने हाथों अर्थात् लहरों को ऊपर उठाया।
- 1 Kings 18:44–45 1 राजा 18:44–45सातवीं बार उस ने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा आदल उठ रहा है। एलिरयाह ने कहा, अहाब के पास जाकर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि नू वर्षा के कारण रूक जाए। थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भरी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार होकर यिज्रेल को चला।
- Psalm 104:7 भजन संहिता 104:7तेरी घुड़की से वह भाग गया; तेरे गरजने का शब्द सुनते ही, वह उतावली करके बह गया।