Job · chapter 37 · verse 4
Job 37:4 in Hindi
उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाई देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है।
Usake peechhe garajane kaa shabd hotaa hai; vah apane prataapee shabd se garajataa hai, aur jab usakaa shabd sunaaee detaa hai tab bijalee lagaataar chamakane lagatee hai.
Job 37:4 in English
- King James Version (KJV)
- After it a voice roareth: he thundereth with the voice of his excellency; and he will not stay them when his voice is heard.
- World English Bible (WEB)
- After it a voice roars. He thunders with the voice of his majesty. He doesn’t hold back anything when his voice is heard.
- American Standard Version (ASV)
- After it a voice roareth; He thundereth with the voice of his majesty; And he restraineth not [the lightnings] when his voice is heard.
- Bible in Basic English (BBE)
- After it a voice is sounding, thundering out the word of his power; he does not keep back his thunder-flames; from his mouth his voice is sounding.
- Darby Translation (DBY)
- After it a voice roareth: he thundereth with the voice of his excellency, and holdeth not back the flashes when his voice is heard.
- Webster's Bible (WBS)
- After it a voice roareth: he thundereth with the voice of his excellence; and he will not stay them when his voice is heard.
- Young's Literal Translation (YLT)
- After it roar doth a voice — He thundereth with the voice of His excellency, And He doth not hold them back, When His voice is heard.
Read in context
- 2उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो।
- 3वह उसको सारे आकाश के तले, और अपनी बिजली को पृथ्वी की छोर तक भेजता है।
- 4उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाई देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है।
- 5ईश्वर गरजकर अपना शब्द अदभ़ुत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिनको हम नहीं समझते।
- 6वह तो हिम से कहता है, पृथ्वी पर गिर, और इसी प्रकार मेंह को भी और मूसलाधार वर्षा को भी ऐसी ही आज्ञा देता है।
Cross references
- Psalm 68:33 भजन संहिता 68:33जो सब से ऊंचे सनातन स्वर्ग में सवार होकर चलता है; देखो वह अपनी वाणी सुनाता है, वह गम्भीर वाणी शक्तिशाली है।
- Psalm 29:3–9 भजन संहिता 29:3–9यहोवा की वाणी मेघों के ऊपर सुन पड़ती है; प्रतामी ईश्वर गरजता है, यहोवा घने मेघों के ऊपर रहता है। यहोवा की वाणी शक्तिशाली है, यहोवा की वाणी प्रतापमय है। यहोवा की वाणी देवदारों को तोड़ डालती है; यहोवा लबानोन के देवदारों को भी तोड़ डालता है। वह उन्हें बछड़े की नाई और लबानोन और शिर्योन को जंगली बछड़े के समान उछालता है।। यहोवा की वाणी आग की लपटों को चीरती है। यहोवा की वाणी वन को हिला देती है, यहोवा कादेश के वन को भी कंपाता है।। यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है; और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।।
- Exodus 15:7–8 निर्गमन 15:7–8और तू अपने विरोधियों को अपने महाप्रताप से गिरा देता है; तू अपना कोप भड़काता, और वे भूसे की नाईं भस्म हो जाते हैं।। और तेरे नथनों की सांस से जल एकत्रा हो गया, धाराएं ढेर की नाईं थम गईं; समुद्र के मध्य में गहिरा जल जम गया।।
- Job 36:27–33 अय्यूब 36:27–33क्योंकि वह तो जल की बूंदें ऊपर को खींच लेता है वे कुहरे से मेंह होकर टपकती हैं, वे ऊंचे ऊंचे बादल उंडेलते हैं और मनुष्यों के ऊपर बहुतायत से बरसाते हैं। फिर क्या कोई बादलों का फैलना और उसके मणडल में का गरजना समझ सकता है? देख, वह अपने उजियाले को चहुँओर फैलाता है, और समुद्र की थाह को ढांपता है। क्योंकि वह देश देश के लोगों का न्याय इन्हीं से करता है, और भोजनवस्तुएं बहुतायत से देता है। वह बिजली को अपने हाथ में लेकर उसे आज्ञा देता है कि दुश्मन पर गिरे। इसकी कड़क उसी का समाचार देती है पशु भी प्रगट करते हैं कि अन्धड़ चढ़ा आता है।
- Deuteronomy 33:26 व्यवस्थाविवरण 33:26हे यशूरून, ईश्वर के तुल्य और कोई नहीं है, वह तेरी सहायता करने को आकाश पर, और अपना प्रताप दिखाता हुआ आकाशमण्डल पर सवार होकर चलता है।।