Job · chapter 6 · verse 30
Job 6:30 in Hindi
क्या मेरे वचनों में कुछ कुटिलता है? क्या मैं दुष्टता नहीं पहचान सकता?
Kyaa mere vachanom mem kuchh kutilataa hai? Kyaa maim dushtataa naheem pahachaan sakataa?
Job 6:30 in English
- King James Version (KJV)
- Is there iniquity in my tongue? cannot my taste discern perverse things?
- World English Bible (WEB)
- Is there injustice on my tongue? Can’t my taste discern mischievous things?
- American Standard Version (ASV)
- Is there injustice on my tongue? Cannot my taste discern mischievous things?
- Bible in Basic English (BBE)
- Is there evil in my tongue? is not the cause of my trouble clear to me?
- Darby Translation (DBY)
- Is there wrong in my tongue? cannot my taste discern mischievous things?
- Webster's Bible (WBS)
- Is there iniquity in my tongue? cannot my taste discern perverse things?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Is there in my tongue perverseness? Discerneth not my palate desirable things?
Read in context
- 28इसलिये अब कृपा करके मुझे देखो; निश्चय मैं तुम्हारे साम्हने कदापि झूठ न बोलूंगा।
- 29फिर कुछ अन्याय न होने पाए; फिर इस मुक़ मे में मेरा धर्म ज्यों का त्यों बना है, मैं सत्य पर हूँ।
- 30क्या मेरे वचनों में कुछ कुटिलता है? क्या मैं दुष्टता नहीं पहचान सकता?
Cross references
- Job 12:11 अय्यूब 12:11जैसे जीभ से भोजन चखा जाता है, क्या वैसे ही कान से वचन नहीं परखे जाते?
- Job 34:3 अय्यूब 34:3क्योंकि जैसे जीभ से चखा जाता है, वैसे ही वचन कान से परखे जाते हैं।
- Job 6:6 अय्यूब 6:6जो फीका है वह क्या बिना नमक खाया जाता है? क्या अणडे की सफेदी में भी कुछ स्वाद होता है?
- Hebrews 5:14 इब्रानियों 5:14पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं।।
- Job 42:3–6 अय्यूब 42:3–6तू कौन है जो ज्ञान रहित होकर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात् जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिनको मैं जानता भी नहीं था। मैं निवेदन करता हूं सुन, मैं कुछ कहूंगा, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, तू मुझे बता दे। मैं कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूलि और राख में पश्चात्ताप करता हूँ।
- Job 33:8–12 अय्यूब 33:8–12निेसन्देह तेरी ऐसी बात मेरे कानों में पड़ी है और मैं ने तेरे वचन सुने हैं, कि मैं तो पवित्रा और निरपराध और निष्कलंक हूँ; और मुझ में अर्ध्म नहीं है। देख, वह मुझ से झगड़ने के दांव ढूंढ़ता है, और मुझे अपना शत्रु समझता है; वह मेरे दोनों पांवों को काठ में ठोंक देता है, और मेरी सारी चाल की देखभाल करता है। देख, मैं तुझे उत्तर देता हूँ, इस बात में तू सच्चा नहीं है। क्योंकि ईश्वर मनुष्य से बड़ा है।