Job · chapter 8 · verse 2
Job 8:2 in Hindi
तू कब तक ऐसी ऐसी बातें करता रहेगा? और तेरे मुंह की बातें कब तक प्रचणड वायु सी रहेगी?
Too kab tak aisee aisee baatem karataa rahegaa? Aur tere munh kee baatem kab tak prachanad vaayu see rahegee?
Job 8:2 in English
- King James Version (KJV)
- How long wilt thou speak these [things]? and [how long shall] the words of thy mouth [be like] a strong wind?
- World English Bible (WEB)
- “How long will you speak these things? Shall the words of your mouth be a mighty wind?
- American Standard Version (ASV)
- How long wilt thou speak these things? And [how long] shall the words of thy mouth be [like] a mighty wind?
- Bible in Basic English (BBE)
- How long will you say these things, and how long will the words of your mouth be like a strong wind?
- Darby Translation (DBY)
- How long wilt thou speak these things? and the words of thy mouth be a strong wind?
- Webster's Bible (WBS)
- How long wilt thou speak these [things] ? and [how long shall] the words of thy mouth [be like] a strong wind?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Till when dost thou speak these things? And a strong wind — sayings of thy mouth?
Read in context
- 1तब शूही बिलदद ने कहा,
- 2तू कब तक ऐसी ऐसी बातें करता रहेगा? और तेरे मुंह की बातें कब तक प्रचणड वायु सी रहेगी?
- 3क्या ईश्वर अन्याय करता है? और क्या सर्वशक्तिमान धर्म को उलटा करता है?
- 4यदि तेरे लड़केबालों ने उसके विरूद्ध पाप किया है, तो उस ने उनको उनके अपराध का फल भुगताया है।
Cross references
- Job 15:2 अय्यूब 15:2क्या बुध्दिमान को उचित है कि अज्ञानता के साथ उत्तर दे, वा उपने अन्तेकरण को पूरबी पवन से भरे?
- Job 6:26 अय्यूब 6:26क्या तुम बातें पकड़ने की कल्पना करते हो? निराश जन की बातें तो वायु की सी हैं।
- 1 Kings 19:11 1 राजा 19:11उस ने कहा, निकलकर यहोवा के सम्मुख पर्वत पर खड़ा हो। और यहोवा पास से होकर चला, और यहोवा के साम्हने एक बड़ी प्रचणड आन्धी से पहाड़ फटने और चट्टानें टूटने लगीं, तौभी यहोवा उस आन्धी में न था; फिर आन्धी के बाद भूंईडोल हूआ, तौभी यहोवा उस भूंईडोल में न था।
- Job 16:3 अय्यूब 16:3क्या व्यर्थ बातों का अन्त कभी होगा? तू कौन सी बात से झिड़ककर उत्तर देता।
- Job 11:2–3 अय्यूब 11:2–3बहुत सी बातें जो कही गई हैं, क्या उनका उत्तर देना न चाहिये? क्या बकवादी मनुष्य धम ठहराया जाए? क्या तेरे बड़े बोल के कारण लोग चुप रहें? और जब तू ठट्ठा करता है, तो क्या कोई तुझे लज्जित न करे?
- Job 7:11 अय्यूब 7:11इसलिये मैं अपना मुंह बन्द न रखूंगा; अपने मन का खेद खोलकर कहूंगा; और अपने जीव की कड़ुवाहट के कारण कुड़कुड़ाता रहूंगा।
- Proverbs 1:22 नीतिवचन 1:22हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे?
- Exodus 10:7 निर्गमन 10:7तब फिरौन के कर्मचारी उस से कहने लगे, वह जन कब तक हमारे लिये फन्दा बना रहेगा? उन मनुष्यों को जाने दे, कि वे अपने परमेश्वर यहोवा की उपासना करें; क्या तू अब तक नहीं जानता, कि सारा मि नाश हो गया है?
- Exodus 10:3 निर्गमन 10:3तब मूसा और हारून ने फिरौन के पास जाकर कहा, कि इब्रियों का परमेश्वर यहोवा तुझ से इस प्रकार कहता है, कि तू कब तक मेरे साम्हने दीन होने से संकोच करता रहेगा? मेरी प्रजा के लोगों को जाने दे, कि वे मेरी उपासना करें।
- Job 6:9 अय्यूब 6:9कि ईश्वर प्रसन्न होकर मुझे कुचल डालता, और हाथ बढ़ाकर मुझे काट डालता!
- Job 18:2 अय्यूब 18:2तुम कब तक फन्दे लगा लगाकर वचन पकड़ते रहोगे? चित्त लगाओ, तब हम बोलेंगे।
- Job 19:2–3 अय्यूब 19:2–3तुम कब तक मेरे प्राण को दु:ख देते रहोगे; और बातों से मुझे चूर चूर करोगे? इन दसों बार तुम लोग मेरी निन्दा ही करते रहे, तुम्हें लज्जा नहीं आती, कि तुम मेरे साथ कठोरता का बरताव करते हो?