Job · chapter 19 · verse 2
Job 19:2 in Hindi
तुम कब तक मेरे प्राण को दु:ख देते रहोगे; और बातों से मुझे चूर चूर करोगे?
Tum kab tak mere praan ko du:kh dete rahoge; aur baatom se mujhe choor choor karoge?
Job 19:2 in English
- King James Version (KJV)
- How long will ye vex my soul, and break me in pieces with words?
- World English Bible (WEB)
- “How long will you torment me, and crush me with words?
- American Standard Version (ASV)
- How long will ye vex my soul, And break me in pieces with words?
- Bible in Basic English (BBE)
- How long will you make my life bitter, crushing me with words?
- Darby Translation (DBY)
- How long will ye vex my soul, and crush me with words?
- Webster's Bible (WBS)
- How long will ye vex my soul, and break me in pieces with words?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Till when do ye afflict my soul, And bruise me with words?
Read in context
- 1तब अरयूब ने कहा,
- 2तुम कब तक मेरे प्राण को दु:ख देते रहोगे; और बातों से मुझे चूर चूर करोगे?
- 3इन दसों बार तुम लोग मेरी निन्दा ही करते रहे, तुम्हें लज्जा नहीं आती, कि तुम मेरे साथ कठोरता का बरताव करते हो?
- 4मान लिया कि मुझ से भूल हुई, तौभी वह भूल तो मेरे ही सिर पर रहेगी।
Cross references
- 2 Peter 2:7–8 2 पतरस 2:7–8और धर्मी लूत को जो अधर्मियों के अशुद्ध चाल- चलन से बहुत दुखी था छुटकारा दिया। ( क्योंकि वह धर्मी उन के बीच में रहते हुए, और उन के अधर्म के कामों को देख देखकर, और सुन सुनकर, हर दिन अपने सच्चे मन को पीड़ित करता था)।
- Psalm 13:1 भजन संहिता 13:1हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा?
- Psalm 42:10 भजन संहिता 42:10मेरे सतानेवाले जो मेरी निन्दा करते हैं मानो उस में मेरी हडि्डयां चूर चूर होती हैं, मानो कटार से छिदी जाती हैं, क्योंकि वे दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
- Job 18:2 अय्यूब 18:2तुम कब तक फन्दे लगा लगाकर वचन पकड़ते रहोगे? चित्त लगाओ, तब हम बोलेंगे।
- Psalm 6:2–3 भजन संहिता 6:2–3हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूं; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हडि्डयों में बेचैनी है। मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक?
- Revelation 6:10 प्रकाशितवाक्य 6:10और उन्हों ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे स्वामी, हे पवित्रा, और सत्य; तू कब तक न्याय न करेगा? और पृथ्वी के रहनेवालों से हमारे लोहू का पलटा कब तक न लेगा?
- Psalm 59:7 भजन संहिता 59:7उनके मुंह के भीतर तलवारें हैं, क्योंकि वे कहते हैं, कौन सुनता है?
- Psalm 64:3 भजन संहिता 64:3उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है;
- James 3:6–8 याकूब 3:6–8जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है।
- Proverbs 12:18 नीतिवचन 12:18ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
- Proverbs 18:21 नीतिवचन 18:21जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
- Judges 16:16 न्यायियों 16:16सो जब उस ने हर दिन बातें करते करते उसको तंग किया, और यहां तक हठ किया, कि उसके नाकों में दम आ गया,