John · chapter 12 · verse 5
John 12:5 in Hindi
यह इत्रा तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों को कयों न दिया गया?
Yah itraa teen sau deenaar mem bechakar kangaalom ko kayom na diyaa gayaa?
John 12:5 in English
- King James Version (KJV)
- Why was not this ointment sold for three hundred pence, and given to the poor?
- World English Bible (WEB)
- “Why wasn’t this ointment sold for three hundred denarii and given to the poor?”
- American Standard Version (ASV)
- Why was not this ointment sold for three hundred shillings, and given to the poor?
- Bible in Basic English (BBE)
- Why was not this perfume traded for three hundred pence, and the money given to the poor?
- Darby Translation (DBY)
- Why was this ointment not sold for three hundred denarii and given to the poor?
- Webster's Bible (WBS)
- Why was not this ointment sold for three hundred pence, and given to the poor?
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Wherefore was not this ointment sold for three hundred denaries, and given to the poor?'
Read in context
- 3तब मरियम ने जटामासी का आध सेर बहुमोल इत्रा लेकर यीशु के पावों पर डाला, और अपने बालों से उसके पांव पोंछे, और इत्रा की सुगंध से घर सुगन्धित हो गया।
- 4परन्तु उसके चेलों में से यहूदा इस्करियोती नाम एक चेला जो उसे पकड़वाने पर था, कहने लगा।
- 5यह इत्रा तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों को कयों न दिया गया?
- 6उस ने यह बात इसलिये न कही, कि उसे कंगालों की चिन्ता थी, परन्तु इसलिये कि वह चोर था और उसके पास उन की थैली रहती थी, और उस में जो कुछ डाला जाता था, वह निकाल लेता था।
- 7यीशु ने कहा, उसे मेरे गाड़े जाने के दिन के लिये रहने दे।
Cross references
- Luke 18:22 लूका 18:22यह सुन, यीशु ने उस से कहा, तुझ में अब भी एक बात की घटी है, अपना सब कुछ बेचकर कंगालों को बांट दे; और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले।
- Luke 12:33 लूका 12:33अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात् स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता।
- Mark 14:4–5 मरकुस 14:4–5परन्तु कोई कोई अपने मन में रिसियाकर कहने लगे, इस इत्रा को क्यों सत्यनाश किया गया? क्योकि यह इत्रा तो ती सौ दीनार से अधिक मूल्य में बेचकर कंगालों को बांटा जा सकता था, ओर वे उस को झिड़कने लगे।
- Matthew 26:8–9 मत्ती 26:8–9यह देखकर, उसके चेले रिसयाए और कहने लगे, इस का क्यों सत्यनाश किया गया? यह तो अच्छे दाम पर बिककर कंगालों को बांटा जा सकता था।
- Malachi 1:10–13 मलाकी 1:10–13भला होता कि तुम में से कोई मन्दिर के किवाड़ों को बन्द करता कि तुम मेरी वेदी पर व्यर्थ आग जलाने न पाते! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है, मैं तुम से कदापि प्रसन्न नहीं हूं, और न तुम्हारे हाथ से भेंट ग्रहण करूंगा। क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, सेनाओं का यही वचन है। परन्तु तुम लोग उसको यह कहकर अपवित्रा ठहराते हो कि यहोवा की मेज अशुद्ध है, और जो भोजनवस्तु उस पर से मिलती है वह भी तुच्छ है। फिर तुम यह भी कहते हो, कि यह कैसा बड़ा उपद्रव है! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लंगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूं? यहोवा का यही वचन है।
- Luke 6:41 लूका 6:41तू अपने भाई की आंख के तिनके को क्यों देखता है, और अपनी ही आंख का लट्ठा तुझे नहीं सूझता?
- John 6:7 यूहन्ना 6:7फिलिप्पुस ने उस को उत्तर दिया, कि दो सौ दीनार की रोटी उन के लिये पूरी भी न होंगी कि उन में से हर एक को थोड़ी थोड़ी मिल जाए।
- Exodus 5:17 निर्गमन 5:17फिरौन ने कहा, तुम आलसी हो, आलसी; इसी कारण कहते हो कि हमे यहोवा के लिये बलिदान करने को जाने दे।
- Amos 8:5 आमोस 8:5जो कहते हो नया चांद कब बीतेगा कि हम अन्न बेच सकें? और विश्रामदिन कब बीतेगा, कि हम अन्न के खत्ते खोलकर एपा को छोटा और शेकेल को भारी कर दें, और छल से दण्डी मारें,
- Exodus 5:8 निर्गमन 5:8तौभी जितनी ईंटें अब तक उन्हें बनानी पड़ती थीं उतनी ही आगे को भी उन से बनवाना, ईंटों की गिनती कुछ भी न घटाना; क्योंकि वे आलसी हैं; इस कारण यह कहकर चिल्लाते हैं, कि हम जाकर अपने परमेश्वर के लिये बलिदान करें।
- Matthew 20:2 मत्ती 20:2और उस ने मजदूरों से एक दीनार राज पर ठहराकर, उन्हें अपने दाख की बारी में भेजा।