John · chapter 13 · verse 14
John 13:14 in Hindi
यदि मैं ने प्रभु और गुरू होकर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए।
Yadi maim ne prabhu aur guroo hokar tumhaare paanv dhoe; to tumhem bhee ek dusare ke paanv dhonaa chaahie.
John 13:14 in English
- King James Version (KJV)
- If I then, [your] Lord and Master, have washed your feet; ye also ought to wash one another’s feet.
- World English Bible (WEB)
- If I then, the Lord and the Teacher, have washed your feet, you also ought to wash one another’s feet.
- American Standard Version (ASV)
- If I then, the Lord and the Teacher, have washed your feet, ye also ought to wash one another’s feet.
- Bible in Basic English (BBE)
- If then I, the Lord and the Master, have made your feet clean, it is right for you to make one another's feet clean.
- Darby Translation (DBY)
- If I therefore, the Lord and the Teacher, have washed your feet, ye also ought to wash one another's feet;
- Webster's Bible (WBS)
- If I then, [your] Lord and Master, have washed your feet; ye also ought to wash one another's feet.
- Young's Literal Translation (YLT)
- if then I did wash your feet — the Lord and the Teacher — ye also ought to wash one another's feet.
Read in context
- 12जब वह उन के पांव धो चुका और अपने कपड़े पहिनकर फिर बैठ गया तो उन से कहने लगा, क्या तुम समझे कि मैं ने तुम्हारे साथ क्या किया?
- 13तुम मुझे गुरू, और प्रभु, कहते हो, और भला कहते हो, क्योंकि मैं वहीं हूं।
- 14यदि मैं ने प्रभु और गुरू होकर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए।
- 15क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो।
- 16मैं तुम से सच सच कहता हूं, दास अपने स्वामी से बड़ा नहीं; और न भेजा हुआ अपने भेजनेवाले से।
Cross references
- 1 Peter 5:5 1 पतरस 5:5हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।
- Acts 20:35 प्रेरितों के काम 20:35मैं ने तुम्हें सब कुछ करके दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उस ने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।।
- Romans 12:16 रोमियों 12:16आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो।
- Galatians 5:13 गलातियों 5:13हे भाइयों, तुम स्वतंत्रा होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्वतंत्राता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, बरन प्र्रेम से एक दूसरे के दास बनो।
- Luke 22:26–27 लूका 22:26–27परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने। क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक की नाईं हूं।
- Mark 10:43–45 मरकुस 10:43–45पर तुम में ऐसा नहीं है, बरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। क्योंकि मनुष्य का पुत्रा इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा अहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।।
- 1 Peter 4:1 1 पतरस 4:1सो जब कि मसीह ने शरीर में होकर दुख उठाया तो तुम भी उस ही मनसा को धारण करके हथियार बान्ध लो क्योंकि जिस शरीर में दुख उठाया, वह पाप से छूट गया।
- Hebrews 5:8–9 इब्रानियों 5:8–9और पुत्रा होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी। और सिद्ध बनकर, अपने सब आज्ञा माननेवालों के लिये सदा काल के उद्धार का कारण हो गया।
- Matthew 20:26–28 मत्ती 20:26–28परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्रा, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल किई जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे।।
- Philippians 2:2–8 फिलिप्पियों 2:2–8तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिस ने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
- 1 Corinthians 8:13 1 कुरिन्थियों 8:13इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
- 2 Corinthians 8:9 2 कुरिन्थियों 8:9तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह जानते हो, कि वह धनी होकर भी तुम्हारे लिये कंगाल बन गया ताकि उसके कंगाल हो जाने से तुम धनी हो जाओ।