John · chapter 18 · verse 19
John 18:19 in Hindi
तक महायाजक ने यीशु से उसके चेलों के विषय में और उसके उपदेश के विषय में पूछा।
Tak mahaayaajak ne yeeshu se usake chelom ke vishay mem aur usake upadesh ke vishay mem poochhaa.
John 18:19 in English
- King James Version (KJV)
- The high priest then asked Jesus of his disciples, and of his doctrine.
- World English Bible (WEB)
- The high priest therefore asked Jesus about his disciples and about his teaching.
- American Standard Version (ASV)
- The high priest therefore asked Jesus of his disciples, and of his teaching.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the high priest put questions to Jesus about his disciples and his teaching.
- Darby Translation (DBY)
- The high priest therefore demanded of Jesus concerning his disciples and concerning his doctrine.
- Webster's Bible (WBS)
- The high priest then asked Jesus concerning his disciples, and concerning his doctrine.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The chief priests, therefore, questioned Jesus concerning his disciples, and concerning his teaching;
Read in context
- 17उस दासी ने जो द्वारपालिन थी, पतरस से कहा, क्या तू भी इस मनुष्य के चेलों में से है? उस ने कहा, मैं नहीं हूं।
- 18दास और प्यादे जाड़े के कारण कोएले धधकाकर खड़े ताप रहे थे और पतरस भी उन के साथ खड़ा ताप रहा था।।
- 19तक महायाजक ने यीशु से उसके चेलों के विषय में और उसके उपदेश के विषय में पूछा।
- 20यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि मैं ने जागत से खोलकर बातें की; मैं ने सभाओं और आराधनालय में जहां सब यहूदी इकट्ठे हुआ करते हैं सदा उपदेश किया और गुप्त में कुछ भी नहीं कहा।
- 21तू मुझ से क्यों पूछता है? सुननेवालों से पूछ: कि मैं ने उन से क्या कहा? देख वे जानते हैं; कि मैं ने क्या क्या कहा?
Cross references
- Matthew 26:59–68 मत्ती 26:59–68महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे। परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई। अन्त में दो जनों ने आकर कहा, कि उस ने कहा है; कि मैं परमेश्वर के मन्दिर को ढा सकता हूं और उसे तीन दिन में बना सकता हूं। तब महायाजक ने खड़े होकर उस से कहा, क्या तू कोई उत्तर नहीं देता? ये लोग तेरे विरोध में क्या गवाही देते हैं? परन्तु यीशु चुप रहा: महायाजक ने उस से कहा। मैं तुझे जीवते परमेश्वर की शपथ देता हूं, कि यदि तू परमेश्वर का पुत्रा मसीह है, तो हम से कह दे। यीशु ने उस से कहा; तू ने आप ही कह दिया: बरन मैं तुम से यह भी कहता हूं, कि अब से तुम मनुष्य के पुत्रा को सर्वशक्तिमान की दहिनी ओर बैठे, और आकाश के बादलों पर आते देखोगे। तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा, इस ने परमेश्वर की निन्दा की है, अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन? देखो, तुम ने अभी यह निन्दा सुनी है! तुम क्या समझते हो? उन्हों ने उत्तर दिया, यह वध होने के योग्य है। तब उन्हों ने उस से मुंह पर थूका, और उसे घूंसे मारे, औरों ने थप्पड़ मार के कहा। हे मसीह, हम से भविष्यद्ववाणी करके कह: कि किस ने तुझे मारा?
- Luke 20:20 लूका 20:20और वे उस की ताक में लगे और भेदिये भेजे, कि धर्म का भेष धरकर उस की कोई न कोई बात पकड़ें, कि उसे हाकिम के हाथ और अधिकार में सौंप दें।
- Luke 22:63–71 लूका 22:63–71जो मनुष्य यीशु को पकड़े हुए थे, वे उसे ठट्ठों में उड़ाकर पीटने लगे। और उस की आंखे ढांपकर उस से पूछा, कि भविष्यद्वाणी करके बता कि तुझे किसने मारा। और उन्हों ने बहुत सी और भी निन्दा की बातें उसके विरोध में कहीं।। जब दिन हुआ तो लोगों के पुरनिए और महायाजक और शास्त्री इकट्ठे हुए, और उसे अपनी महासथा में लाकर पूछा, यदि तू मसीह है, तो हम से कह दे! उस ने उन से कहा, यदि मैं तुम से कहूं तो प्रतीति न करोगे। और यदि पूंछूं, तो उत्तर न दोगे। परनतु अब से मनुष्य का पुत्रा सर्वशक्तिमान परमेश्वर की दहिनी और बैठा रहेगा। इस पर सब ने कहा, तो क्या तू परमेश्वर का पुत्रा है? उस ने उन से कहा; तुम आप ही कहते हो, क्योंकि मैं हूं। तब उन्हों ने कहा; अब हमें गवाही का क्या प्रयोजन है; क्योंकि हम ने आप ही उसके मुंह से सुन लिया है।।
- Mark 14:55–65 मरकुस 14:55–65महायाजक और सारी महासभा यीशु के मार डालने के लिये उसके विरोध में गवाही की खोज में थे, पर न मिली। क्योंकि बहुतेरे उसके विरोध में झूठी गवाही दे रहे थे, पर उन की गवाही एक सी न थी। तब कितनों ने उठकर उस पर यह झूठी गवाही दी। कि हम ने इसे यह कहते सुना है कि मैं इस हाथ के बनाए हुए मन्दिर को ढ़ा दूंगा, और तीन दिन में दूसरा बनाऊंगा, जो हाथ से न बना हो। इस पर भी उन की गवाही एक सी न निकली। तब महायाजक ने बीच में खड़े होकर यीशु से पूछा; कि तू कोई उत्तर नहीं देता? ये लोग तेरे विरोध में क्या गवाही देते हैं? परन्तु वह मौन साधे रहा, और कुछ उत्तर न दिया: महायाजक ने उस से फिर पूछा, क्या तू उस परम धन्य का पुत्रा मसीह है? यीशु ने कहा; हां मैं हूं: और तुम मनुष्य के पुत्रा को सर्वशक्तिमान की दहिनी और बैठे, और आकाश के बादलों के साथ आते देखोगे। तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा; अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन है? तुम ने यह निन्दा सुनी: तुम्हारी क्या राय है उन सब ने कहा, वह वध के योग्य है। तब कोई तो उस पर थूकने, और कोई उसका मुंह ढांपने और उसे घूसे मारने, और उस से कहने लगे, कि भविष्यद्वाणी कर: और प्यादों ने उसे लेकर थप्पड़ मारे।।
- Luke 11:53–54 लूका 11:53–54जब वह वहां से निकला, तो शास्त्री और फरीसी बहुत पीछे पड़ गए और छेड़ने लगे, कि वह बहुत सी बातों की चर्चा करे। और उस की घात में लगे रहे, कि उसके मुंह की कोई बात पकड़ें।।