John · chapter 18 · verse 21
John 18:21 in Hindi
तू मुझ से क्यों पूछता है? सुननेवालों से पूछ: कि मैं ने उन से क्या कहा? देख वे जानते हैं; कि मैं ने क्या क्या कहा?
Too mujh se kyom poochhataa hai? Sunanevaalom se poochh: ki maim ne un se kyaa kahaa? Dekh ve jaanate haim; ki maim ne kyaa kyaa kahaa?
John 18:21 in English
- King James Version (KJV)
- Why askest thou me? ask them which heard me, what I have said unto them: behold, they know what I said.
- World English Bible (WEB)
- Why do you ask me? Ask those who have heard me what I said to them. Behold, they know the things which I said.”
- American Standard Version (ASV)
- Why askest thou me? ask them that have heard [me], what I spake unto them: behold, these know the things which I said.
- Bible in Basic English (BBE)
- Why are you questioning me? put questions to my hearers about what I have said to them: they have knowledge of what I said.
- Darby Translation (DBY)
- Why demandest thou of me? Demand of those who have heard, what I have spoken to them; behold, they know what I have said.
- Webster's Bible (WBS)
- Why dost thou ask me? ask them who heard me, what I have said to them: behold, they know what I have said.
- Young's Literal Translation (YLT)
- why me dost thou question? question those having heard what I spake to them; lo, these have known what I said.'
Read in context
- 19तक महायाजक ने यीशु से उसके चेलों के विषय में और उसके उपदेश के विषय में पूछा।
- 20यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि मैं ने जागत से खोलकर बातें की; मैं ने सभाओं और आराधनालय में जहां सब यहूदी इकट्ठे हुआ करते हैं सदा उपदेश किया और गुप्त में कुछ भी नहीं कहा।
- 21तू मुझ से क्यों पूछता है? सुननेवालों से पूछ: कि मैं ने उन से क्या कहा? देख वे जानते हैं; कि मैं ने क्या क्या कहा?
- 22तब उस ने यह कहा, तो प्यादों में से एक ने जो पास खड़ा था, यीशु को थप्पड़ मारकर कहा, क्या तू महायाजक को इस प्रकार उत्तर देता है।
- 23यीशु ने उसे उत्तर दिया, यदि मैं ने बुरा कहा, तो उस बुराई पर गवाही दे; परन्तु यदि भला कहा, तो मुझे क्यों मारता है?
Cross references
- Luke 22:67 लूका 22:67यदि तू मसीह है, तो हम से कह दे! उस ने उन से कहा, यदि मैं तुम से कहूं तो प्रतीति न करोगे।
- Mark 14:55–59 मरकुस 14:55–59महायाजक और सारी महासभा यीशु के मार डालने के लिये उसके विरोध में गवाही की खोज में थे, पर न मिली। क्योंकि बहुतेरे उसके विरोध में झूठी गवाही दे रहे थे, पर उन की गवाही एक सी न थी। तब कितनों ने उठकर उस पर यह झूठी गवाही दी। कि हम ने इसे यह कहते सुना है कि मैं इस हाथ के बनाए हुए मन्दिर को ढ़ा दूंगा, और तीन दिन में दूसरा बनाऊंगा, जो हाथ से न बना हो। इस पर भी उन की गवाही एक सी न निकली।
- Acts 24:12–13 प्रेरितों के काम 24:12–13और न तो वे उन बातों को, जिन का वे अब मुझ पर दोष लगाते हैं, तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं। परन्तु यह मैं तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं।
- Matthew 26:59–60 मत्ती 26:59–60महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे। परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई।
- Acts 24:18–20 प्रेरितों के काम 24:18–20उन्हों ने मुझे मन्दिर में, शुद्ध दशा में बिना भीड़ के साथ, और बिना दंगा करते हुए इस काम में पाया - हां आसिया के कई यहूदी थे - उन को उचित था, कि यदि मेरे विरोध में उन की कोई बात हो तो यहां तेरे साम्हने आकर मुझ पर दोष लगाते। या ये आप ही कहें, कि जब मैं महासभा के साम्हने खड़ा था, तो उन्हों ने मुझ से कौन सा अपराध पाया?