Mark · chapter 14 · verse 55
Mark 14:55 in Hindi
महायाजक और सारी महासभा यीशु के मार डालने के लिये उसके विरोध में गवाही की खोज में थे, पर न मिली।
Mahaayaajak aur saaree mahaasabhaa yeeshu ke maar daalane ke liye usake virodh mem gavaahee kee khoj mem the, par na milee.
Mark 14:55 in English
- King James Version (KJV)
- And the chief priests and all the council sought for witness against Jesus to put him to death; and found none.
- World English Bible (WEB)
- Now the chief priests and the whole council sought witnesses against Jesus to put him to death, and found none.
- American Standard Version (ASV)
- Now the chief priests and the whole council sought witness against Jesus to put him to death; and found it not.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now the chief priests and all the Sanhedrin were looking for witness against Jesus so that they might put him to death; and they were unable to get any.
- Darby Translation (DBY)
- And the chief priests and the whole sanhedrim sought testimony against Jesus to cause him to be put to death, and did not find [any].
- Webster's Bible (WBS)
- And the chief priests, and all the council sought for testimony against Jesus to put him to death; and found none.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the chief priests and all the sanhedrim were seeking against Jesus testimony — to put him to death, and they were not finding,
Read in context
- 53फिर वे यीशु को महायाजक के पास ले गए; और सब महायाजक और पुरनिए और शास्त्री उसके यहां इकट्ठे हो गए।
- 54पतरस दूर ही दूर से उसके पीछे पीछे महायाजक के आंगन के भीतर तक गया, और प्यादों के साथ बैठ कर आग तापने लगा।
- 55महायाजक और सारी महासभा यीशु के मार डालने के लिये उसके विरोध में गवाही की खोज में थे, पर न मिली।
- 56क्योंकि बहुतेरे उसके विरोध में झूठी गवाही दे रहे थे, पर उन की गवाही एक सी न थी।
- 57तब कितनों ने उठकर उस पर यह झूठी गवाही दी।
Cross references
- Matthew 5:22 मत्ती 5:22परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे "अरे मूर्ख" वह नरक की आग के दण्ड के योग्य होगा।
- Matthew 26:59–60 मत्ती 26:59–60महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे। परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई।
- 1 Peter 3:16–18 1 पतरस 3:16–18और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्जित हों। क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है। इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- Acts 24:1–13 प्रेरितों के काम 24:1–13पांच दिन के बाद हनन्याह महायाजक कई पुरनियों और तिरतुल्लुस नाम किसी वकील को साथ लेकर आया; उन्हों ने हाकिम के साम्हने पौलुस पर नालिश की। जब वह बुलाया गया तो तिरतुल्लुस उन पर दोष लगाकर कहने लगा, कि, हे महाप्रतापी फेलिक्स, तेरे द्वारा हमें जो बड़ा कुशल होता है; और तेरे प्रबन्ध से इस जाति के लिये कितनी बुराइयां सुधरती जाती हैं। इस को हम हर जगह और हर प्रकार से धन्यवाद के साथ मानते हैं। परन्तु इसलिये कि तुझे और दुख नहीं देना चाहता, मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि कृपा करके हमारी दो एक बातें सुन ले। क्योंकि हम ने इस मनुष्य को उपद्रवी और जगत के सारे यहूदियों में बलवा करानेवाला, और नासरियों के कुपन्थ का मुखिया पाया है। उस ने मन्दिर को अशुद्ध करना चाहा, और हम ने उसे पकड़ा। इन सब बातों को जिन के विषय में हम उस पर दोष लगाते हैं, तू आपही उस को जांच करके जान लेगा। यहूदियों ने भी उसका साथ देकर कहा, ये बातें इसी प्रकार की हैं।। जब हाकिम ने पौलुस को बोलने के लिये सैन किया तो उस ने उत्तर दिया, मैं यह जानकर कि तू बहुत वर्षों से इस जाति का न्याय करता है, आनन्द से अपना प्रत्युत्तर देता हूं। तू आप जान सकता है, कि जब से मैं यरूशलेम में भजन करने को आया, मुझे बारह दिन से ऊपर नहीं हुए। और उन्हों ने मुझे न मन्दिर में न सभा के घरों में, न नगर में किसी से विवाद करते या भीड़ लगाते पाया। और न तो वे उन बातों को, जिन का वे अब मुझ पर दोष लगाते हैं, तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं। परन्तु यह मैं तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं।
- 1 Kings 21:13 1 राजा 21:13तब दो नीच जन आकर उसके सम्मुख बैठ गए; और उन नीच जनों ने लोगों लोगों के साम्हने नाबोत के विम्ठ्ठ यह साक्षी दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। इस पर उन्हों ने उसे नगर से बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह किया, और वह मर गया।
- Psalm 35:11 भजन संहिता 35:11झूठे साक्षी खड़े होते हैं; और जो बात मैं नहीं जानता, वही मुझ से पूछते हैं।
- Psalm 27:12 भजन संहिता 27:12मुझ को मेरे सतानेवालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरूद्ध उठे हैं।।
- Acts 6:11–13 प्रेरितों के काम 6:11–13इस पर उन्हो ने कई लोगों को उभारा जो कहने लगे, कि हम ने इस मूसा और परमेश्वर के विरोध में निन्दा की बातें कहते सुना है। और लोगों और प्राचीनों और शास्त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए। और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
- Daniel 6:4 दानिय्येल 6:4तब अध्यक्ष और अधिपति राजकार्य के विषय में दानिरयेल के विरूद्ध दोष ढूंढ़ने लगे; परन्तु वह विश्वासयोग्य था, और उसके काम में कोई भूल वा दोष न निकला, और वे ऐसा कोई अपराध वा दोष न पा सके।
- 1 Kings 21:10 1 राजा 21:10तब दो नीच जनों को उसके साम्हने बैठाना जो साक्षी देकर उस से कहें, तू ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। नब नुम लोग उसे बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह करना, कि वह मर जाए।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- priests · G749ἀρχιερεύς archiereús
- and · G2532καί kaí
- all · G3650ὅλος hólos
- council · G4892συνέδριον synédrion
- for · G2212ζητέω zētéō
- witness · G3141μαρτυρία martyría
- against · G2596κατά katá
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- put · G2289θανατόω thanatóō
- him · G846αὐτός autós
- to · G1519εἰς eis
- death · G2289θανατόω thanatóō
- and · G2532καί kaí
- found · G2147εὑρίσκω heurískō
- none · G3756οὐ ou