John · chapter 8 · verse 14
John 8:14 in Hindi
यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि यदि मैं अपनी गवाही आप देता हूं, तौभी मेरी गवाही ठीक है, क्योंकि मैं जानता हूं, कि मैं कहां से आया हूं और कहां को जाता हूं? परन्तु तुम नहीं जानते कि मैं कहां से आता हूं या कहां को जाता हूं।
Yeeshu ne un ko uttar diyaa; ki yadi maim apanee gavaahee aap detaa hoom, taubhee meree gavaahee theek hai, kyonki maim jaanataa hoom, ki maim kahaam se aayaa hoom aur kahaam ko jaataa hoom? Parantu tum naheem jaanate ki maim kahaam se aataa hoom yaa kahaam ko jaataa hoon.
John 8:14 in English
- King James Version (KJV)
- Jesus answered and said unto them, Though I bear record of myself, [yet] my record is true: for I know whence I came, and whither I go; but ye cannot tell whence I come, and whither I go.
- World English Bible (WEB)
- Jesus answered them, “Even if I testify about myself, my testimony is true, for I know where I came from, and where I am going; but you don’t know where I came from, or where I am going.
- American Standard Version (ASV)
- Jesus answered and said unto them, Even if I bear witness of myself, my witness is true; for I know whence I came, and whither I go; but ye know not whence I come, or whither I go.
- Bible in Basic English (BBE)
- Jesus said in answer, Even if I give witness about myself, my witness is true, because I have knowledge of where I came from and where I am going; but you have no knowledge of where I come from or of where I am going.
- Darby Translation (DBY)
- Jesus answered and said to them, Even if I bear witness concerning myself, my witness is true, because I know whence I came and whither I go: but ye know not whence I come and whither I go.
- Webster's Bible (WBS)
- Jesus answered and said to them, Though I testify concerning myself, [yet] my testimony is true: for I know whence I came, and whither I go; but ye cannot tell whence I come, and whither I go.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jesus answered and said to them, 'And if I testify of myself — my testimony is true, because I have known whence I came, and whither I go, and ye — ye have not known whence I come, or whither I go.
Read in context
- 12तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।
- 13फरीसियों ने उस से कहा; तू अपनी गवाही आप देता है; तेरी गवाही ठीक नहीं।
- 14यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि यदि मैं अपनी गवाही आप देता हूं, तौभी मेरी गवाही ठीक है, क्योंकि मैं जानता हूं, कि मैं कहां से आया हूं और कहां को जाता हूं? परन्तु तुम नहीं जानते कि मैं कहां से आता हूं या कहां को जाता हूं।
- 15तुम शरीर के अनुसार न्याय करते हो; मैं किसी का न्याय नहीं करता।
- 16और यदि मैं न्याय करूं भी, तो मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अकेला नहीं, परन्तु मैं हूं, और पिता है जिस ने मुझे भेजा।
Cross references
- John 13:3 यूहन्ना 13:3यीशु ने यह जानकर कि पिता ने सब कुछ मेरे हाथ में कर दिया है और मैं परमेश्वर के पास से आया हूं, और परमेश्वर के पास जाता हूं।
- John 16:28 यूहन्ना 16:28मैं पिता से निकलकर जगत में आया हूं, फिर जगत को छोड़कर पिता के पास जाता हूं।
- John 14:10 यूहन्ना 14:10क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है।
- John 8:42 यूहन्ना 8:42यीशु ने उन से कहा; यदि परमेश्वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझ से प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्वर में से निकल कर आया हूं; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा।
- Numbers 12:3 गिनती 12:3मूसा तो पृथ्वी भर के रहने वाले मनुष्यों से बहुत अधिक नम्र स्वभाव का था।
- John 17:8 यूहन्ना 17:8क्योंकि जो बातें तू ने मुझे पहुंचा दीं, मैं ने उन्हें उनको पहुंचा दिया और उन्हों ने उन को ग्रहण किया: और सच सच जान लिया है, कि मैं तेरी ओर से निकला हूं, और प्रतीति कर ली है कि तू ही ने मुझे भेजा।
- Revelation 3:14 प्रकाशितवाक्य 3:14और लौदीकिया की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो आमीन, और विश्वासयोग्य, और सच्चा गवाह है, और परमेश्वर की सृष्टि का मूल कारण है, वह यह कहता है।
- John 10:15 यूहन्ना 10:15इसी तरह मैं अपी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं।
- Nehemiah 5:14–19 नहेमायाह 5:14–19फिर जब से मैं यहूदा देश में उनका अधिपति ठहराया गया, अर्थात् राजा अर्तक्षत्रा के बीसवें वर्ष से ले उसके बत्तीसवें वर्ष तक, अर्थात् बारह वर्ष तक मैं और मेरे भाई अधिपति के हक का भोजन खाते रहे। परन्तु पहिले अधिपति जो मुझ से आगे थे, वह प्रजा पर भार डालते थे, और उन से रोटी, और दाखमधु, और इस से अधिक चालीस शेकेल चान्दी लेते थे, वरन उनके सेवक भी प्रजा के ऊपर अधिकार जताते थे; परन्तु मैं ऐसा नहीं करता था, क्योंकि मैं यहोवा का भय मानता था। फिर मैं शहरपनाह के काम में लिपटा रहा, और हम लोगों ने कुछ भूमि मोल न ली; और मेरे सब सेवक काम करने के लिये वहां इकट्ठे रहते थे। फिर मेरी मेज पर खानेवाले एक सौ पचास यहूदी और हाकिम और वे भी थे, जो चारों ओर की अन्यजातियों में से हमारे पास आए थे। और जो प्रतिदिन के लिये तैयार किया जाता था वह एक बैल, छे अच्छी अच्छी भेड़ें व बकरियां थीं, और मेरे लिये चिड़ियें भी तैयार की जाती थीं; दस दस दिन के बाद भांति भांति का बहुत दाखमधु भी तैयार किया जाता था; परन्तु तौभी मैं ने अधिपति के हक का भोज नहीं लिया, क्योंकि काम का भार प्रजा पर भारी था। हे मेरे परमेश्वर! जो कुछ मैं ने इस प्रजा के लिये किया है, उसे तू मेरे हित के लिये स्मरण रख।
- John 10:36 यूहन्ना 10:36तो जिसे पिता ने पवित्रा ठहराकर जगत में भेजा है, तुम उस से कहते हो कि तू निन्दा करता है, इसलिये कि मैं ने कहा, मैं परमेश्वर का पुत्रा हूं।
- John 9:29–30 यूहन्ना 9:29–30हम जानते हैं कि परमेश्वर ने मूसा से बातें कीं; परन्तु इस मनुष्य को नहीं जानते की कहां का है। उस ने उन को उत्तर दिया; यह तो अचम्भे की बात है कि तुम नहीं जानते की कहां का है तौभी उस ने मेरी आंखें खोल दीं।
- 2 Corinthians 11:31 2 कुरिन्थियों 11:31प्रभु यीशु का परमेश्वर और पिता जो सदा धन्य है, जानता है, कि मैं झूठ नहीं बोलता।